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कोंडागांवछत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेश

*छत्तीसगढ़ में स्वास्थ्य सेवाओं का नवोन्मेषी विस्तार: एक सशक्त ‘स्वस्थ छत्तीसगढ़’ की परिकल्पना*

*छत्तीसगढ़ आजतक,जगदलपुर, 18 जुलाई 2025*

छत्तीसगढ़ सरकार प्रदेश के सुदूर कोनों तक स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और सुदृढीकरण के लिए अपनी प्रतिबद्धता को लगातार मजबूत कर रही है। आमजन तक भरोसेमंद और सुलभ चिकित्सा सुविधा पहुंचाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए, मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय ने गुरुवार 17 जुलाई को अपने निवास परिसर से मैदानी स्वास्थ्य अमले के लिए 151 वाहनों को हरी झंडी दिखाकर विभिन्न जिलों के लिए रवाना किया। यह पहल न केवल स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करेगी, बल्कि ‘स्वस्थ छत्तीसगढ़’ के सपने को साकार करने की दिशा में एक सशक्त मील का पत्थर साबित होगी।
इन 151 नवीन वाहनों का सबसे महत्वपूर्ण प्रभाव बस्तर और सरगुजा क्षेत्र के सुदूर अंचलों में देखने को मिलेगा। ये वे क्षेत्र हैं जहाँ भौगोलिक बाधाओं और सीमित संसाधनों के कारण स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच एक बड़ी चुनौती रही है। इन वाहनों के माध्यम से अब इन दुर्गम क्षेत्रों में भी लोगों को समय पर प्रभावी उपचार मिल सकेगा। यह कदम स्वास्थ्य समानता की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रगति है, जहाँ अब दूरस्थ गांवों में रहने वाले लोगों को भी शहरी क्षेत्रों के समान गुणवत्ता वाली स्वास्थ्य सेवाएं प्राप्त हो सकेंगी। यह दर्शाता है कि सरकार समावेशी विकास के प्रति कितनी गंभीर है, और कोई भी व्यक्ति या क्षेत्र स्वास्थ्य सेवाओं से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है।

मुख्यमंत्री श्री साय ने इस अवसर पर स्पष्ट किया कि यह केवल वाहनों को वितरित करने की बात नहीं है, बल्कि यह छत्तीसगढ़ की स्वास्थ्य व्यवस्था को सशक्त और सुलभ बनाने की दिशा में एक नया अध्याय है। उन्होंने बताया कि पुराने, अनुपयोगी हो चुके वाहनों को स्क्रैप कर उनकी जगह अत्याधुनिक नए वाहन शामिल किए गए हैं। यह न केवल स्वास्थ्य कर्मियों की कार्यक्षमता को बढ़ाएगा, बल्कि राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के प्रभावी क्रियान्वयन, समयबद्ध निरीक्षण और निगरानी को भी गति प्रदान करेगा। अत्याधुनिक वाहन बेहतर कनेक्टिविटी, कम रखरखाव और उच्च विश्वसनीयता प्रदान करते हैं, जिससे मैदानी अमला बिना किसी बाधा के अपने कर्तव्यों का पालन कर सकेगा। यह एक रणनीतिक बदलाव है जो भविष्य की स्वास्थ्य जरूरतों को ध्यान में रखते हुए किया गया है, जिससे स्वास्थ्य प्रणाली को और अधिक गतिशील और प्रतिक्रियाशील बनाया जा सके।

इन वाहनों का सबसे प्रत्यक्ष लाभ जिला और विकासखंड स्तर पर कार्यरत अधिकारियों एवं मैदानी स्वास्थ्य कर्मियों को मिलेगा। ये वाहन उन्हें नियमित निरीक्षण, स्वास्थ्य शिविरों की निगरानी, दूरस्थ अंचलों तक त्वरित पहुँच और आपातकालीन परिस्थितियों में समयबद्ध हस्तक्षेप करने में सक्षम बनाएंगे। उदाहरण के लिए, एक आपातकालीन स्थिति में, ये वाहन ग्रामीण क्षेत्रों से मरीजों को तेजी से निकटतम स्वास्थ्य सुविधा तक पहुंचाने में मदद कर सकते हैं, जिससे जीवन बचाया जा सके। यह पहल राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों का संचालन अधिक प्रभावी और गतिशील बनाएगी। टीकाकरण अभियान, मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य कार्यक्रम, संक्रामक रोग नियंत्रण जैसे महत्वपूर्ण कार्यक्रमों की निगरानी और क्रियान्वयन अब और भी सुचारू रूप से हो सकेगा। कुल मिलाकर, इससे राज्य में स्वास्थ्य सेवा वितरण प्रणाली और अधिक सक्रिय, उत्तरदायी और परिणामोन्मुखी बनेगी। यह एक ऐसा निवेश है जो संपूर्ण स्वास्थ्य तंत्र को गति देने का कार्य करेगा, जिससे छत्तीसगढ़ के हर नागरिक को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।

यह पहल केवल शुरुआत है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी जिलों को ये वाहन चरणबद्ध रूप से उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रथम चरण में बस्तर और सरगुजा संभाग के 12 जिलों को ये वाहन भेजे जा रहे हैं, जो इन क्षेत्रों की विशेष जरूरतों को दर्शाते हैं। इसके साथ ही, छत्तीसगढ़ सरकार स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक मजबूत करने के लिए व्यापक योजनाएं बना रही है। शीघ्र ही प्रदेश में 851 नवीन एंबुलेंस सेवाएं शुरू की जाएंगी, जिनमें से विभिन्न उद्देश्यों के लिए विशिष्ट एंबुलेंस शामिल हैं। इसके तहत 375 एंबुलेंस 108 आपातकालीन सेवाओं के लिए, 30 एंबुलेंस ग्रामीण चलित चिकित्सा इकाइयों के लिए और 163 ‘मुक्तांजली’ शव वाहन निःशुल्क सेवा के अंतर्गत प्रदान किए जाएंगे।
यह विस्तार न केवल आपातकालीन प्रतिक्रिया समय को सुधारेगा बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य सेवाओं को भी मजबूत करेगा और निःशुल्क शव वाहन सेवा से गरीब परिवारों को भी सम्मानजनक अंतिम संस्कार में मदद मिलेगी।
केंद्र सरकार की पहल के साथ सामंजस्य बिठाते हुए छत्तीसगढ़ सरकार जनजातीय समुदायों के स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दे रही है। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी जनजातीय समुदायों के उत्थान हेतु समर्पित भाव से कार्य कर रहे हैं। उनके मार्गदर्शन में प्रधानमंत्री ‘जन मन योजना’ के तहत विशेष पिछड़ी जनजातियों के लिए 30 एंबुलेंस की व्यवस्था भी शीघ्र की जाएगी। यह योजना जनजातीय स्वास्थ्य को प्राथमिकता देने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है, जो इन संवेदनशील समुदायों की विशिष्ट स्वास्थ्य आवश्यकताओं को पूरा करने में मदद करेगी। यह दर्शाता है कि राज्य और केंद्र सरकारें मिलकर एक सशक्त और समावेशी स्वास्थ्य प्रणाली बनाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।

वर्षा ऋतु जैसे चुनौतीपूर्ण समय में भी राज्य सरकार घर-घर स्वास्थ्य सेवा पहुँचाने के अपने संकल्प को पूरी तत्परता से पूर्ण कर सकेगी। मानसून के दौरान ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में आवागमन अक्सर बाधित हो जाता है, जिससे स्वास्थ्य सेवाओं तक पहुंच और भी मुश्किल हो जाती है। इन नए वाहनों के साथ, स्वास्थ्यकर्मी अब ऐसी स्थितियों में भी प्रभावी ढंग से काम कर पाएंगे, यह सुनिश्चित करते हुए कि मौसमी बीमारियों या अन्य स्वास्थ्य समस्याओं के दौरान भी लोगों को समय पर मदद मिले। सरकार द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को सशक्त करने हेतु किए जा रहे इन प्रयासों की जानकारी देते हुए मुख्यमंत्री ने इस दिशा में निरंतर प्रतिबद्धता दोहराई है।

निष्कर्षत: छत्तीसगढ़ में 151 नए स्वास्थ्य वाहनों का शुभारंभ केवल एक वाहन वितरण कार्यक्रम नहीं है, बल्कि यह ‘स्वस्थ छत्तीसगढ़’ की दिशा में एक व्यापक और दूरदर्शी पहल है। यह पहल न केवल स्वास्थ्य बुनियादी ढांचे को आधुनिक बनाएगी, बल्कि दुर्गम क्षेत्रों तक पहुंच सुनिश्चित करेगी, मैदानी अमले की दक्षता बढ़ाएगी और राष्ट्रीय स्वास्थ्य कार्यक्रमों के सफल क्रियान्वयन को गति प्रदान करेगी। प्रधानमंत्री जन मन योजना के तहत जनजातीय स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान और 851 नई एंबुलेंस सेवाओं की आगामी शुरुआत के साथ, छत्तीसगढ़ सरकार एक मजबूत, सुलभ और जवाबदेह स्वास्थ्य प्रणाली बनाने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है जो हर नागरिक को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सेवाएं प्रदान कर सके। यह छत्तीसगढ़ के उज्ज्वल और स्वस्थ भविष्य की नींव रख रहा है।

आलेख-
अर्जुन पाण्डेय
सहायक संचालक जनसंपर्क।

*सिटी ब्यूरो जगदलपुर जय प्रकाश सिंह*

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