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कोंडागांवछत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेशव्यापार

*तुरेनार में फिश फीड मिल-स्थानीय रोजगार और सस्ती फीड का स्रोत*

*छत्तीसगढ़ आजतक,जगदलपुर, 06 अगस्त 2025*

प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजनांतर्गत जगदलपुर के तुरेनार गांव में एक अत्याधुनिक मत्स्य आहार इकाई मत्स्य पालकों और पशुपालकों को उचित दरों पर मछली और पशु आहार उपलब्ध करा रही है। इससे उनकी उत्पादकता बढ़ रही है और किसानों की आय में इजाफा हो रहा है। इसके अतिरिक्त इस मिल ने स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी पैदा किए हैं। बस्तर निवासी शिवदुलारी द्वारा तुरेनार में स्थापित यह फीड मिल एक सफल उदाहरण है कि कैसे विभागीय योजनाएं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सशक्त कर सकती हैं।

*उत्पादन और आय में वृद्धि*

तुरेनार की फीड मिल वर्तमान में प्रति माह 50 टन फ्लोटिंग फिश फीड का उत्पादन कर रही है। बाजार में प्रतिस्पर्धा के बावजूद, मिल फीड की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दे रही है। मछली आहार के अलावा, यह इकाई बड़ी मात्रा में पशु आहार और कुक्कुट आहार का भी उत्पादन कर रही है, जिससे जिले के पशुपालक किसानों की जरूरतों को पूरा किया जा रहा है। अब तक इस मिल ने 200 टन मत्स्य आहार, 20 टन पशु आहार और 25 टन कुक्कुट आहार का उत्पादन और विक्रय किया है। इससे मत्स्य आहार से 76 लाख रुपए, पशु आहार से 5 लाख 20 हजार रुपए और कुक्कुट आहार से 8 लाख रुपए की उल्लेखनीय आय हुई है। उत्पादित फीड जिले के भीतर और बाहर के मत्स्य पालकों, पशुपालकों और संबंधित सरकारी संस्थाओं को बेची जा रही है, जो इस पहल की व्यापक पहुंच और सफलता को दर्शाता है।

भारत सरकार और राज्य सरकारों द्वारा संयुक्त रूप से संचालित प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना मछली पालन क्षेत्र में किसानों की आय दोगुनी करने के लक्ष्य के साथ महत्वपूर्ण प्रगति कर रही है। वर्ष 2020-21 में शुरू की गई यह योजना मछली पालन को प्रोत्साहित करने और नवीनतम तकनीकों को अपनाने में किसानों की मदद करने के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करती है। इस योजना के तहत केंद्र सरकार 60 प्रतिशत और राज्य सरकार 40 प्रतिशत वित्तीय सहायता देती है।
योजना के तहत अब तक जिले में 986 लाभार्थियों को लाभान्वित किया गया है, जिससे मछली उत्पादन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और किसानों की आय बढ़ी है। इन लाभार्थियों ने निजी भूमि पर तालाब निर्माण, बायो-फ्लॉक पद्धति से मछलीपालन, खुदरा मछली बिक्री के लिए मोटरसाइकिल-सह-आइसबॉक्स, फिश फीड मिल की स्थापना और सजावटी मछली संवर्धन जैसी नवीन तकनीकों को अपनाया है। बचत सह-राहत योजना ने भी मछुआरों को वित्तीय सुरक्षा प्रदान की है। प्रधानमंत्री मत्स्य सम्पदा योजना के तहत इन नवीन पहलों से मछलीपालन क्षेत्र में न केवल उत्पादन बढ़ रहा है, बल्कि किसानों की आय में भी महत्वपूर्ण वृद्धि हो रही है, जिससे ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बल मिल रहा है।

*सिटी ब्यूरो जगदलपुर जय प्रकाश (सिंह मुनमुन सिंह)*

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