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कोंडागांवछत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेश

कृषि विज्ञान केंद्र का स्वर्ण जयंती समारोह व मासिक कार्यशाला कार्यक्रम का किया गया आयोजन

नई तकनीकी का प्रसार कर किसानों की बढ़ाएं आय: कलेक्टर श्री दुदावत

छत्तीसगढ़ आजतक,कोंडागांव, 12 अगस्त 2024—

कृषि विज्ञानं केंद्र के लिए 2024 स्वर्णिम जयंती का वर्ष है, इस वर्ष कृषि विज्ञान केंद्रों की स्थापना के 50 वर्ष पूर्ण होने पर देश भर मे स्वर्ण जयंती समारोह मनाया जा रहा है। देश का प्रथम कृषि विज्ञान केन्द्र (के.वि.के.) 1974 में पांडिचेरी में शुरू हुआ था, आज 731 कृषि विज्ञान केंद्र पुरे देश में क्रियाशील है जो प्रौद्योगिकी के ज्ञान और संसाधन केंद्र के रूप में कार्य कर रहे हैं ।
इस अवसर पर कलेक्टर कोंडागांव श्री कुणाल दुदावत जी के द्वारा स्वर्ण जयंती मशाल को कृषि विज्ञान केन्द्र दंतेवाड़ा के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. डीप्रोषण बंजारा से लेकर कृषि विज्ञान केन्द्र कोंडागांव के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. ओम प्रकाश को सौंपा गया। कार्यक्रम के दौरान जिला कलेक्टर ने कहा की कृषि विज्ञान केन्द्र एक ज्ञान के केंद्र के रूप में कार्य करता है, नूतन तकनीक को किसान के खेत तक पहुचाने में केंद्र का अहम भूमिका है, उन्होंने केंद्र को गांव से जुड़ कर कार्य करने को कहा तथा जैविक खेती, बीज उत्पादन, यंत्रो का उपयोग आदि कार्य सम्बंधित विभाग के समन्वय से कर किसानो को समृद्ध व आय दुगुनी करने का भरसक प्रयत्न करने के लिए कहा ।
इसके साथ कृषि विज्ञान केन्द्र कोंडागांव के द्वारा मासिक कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें कृषि, उद्यानिकी, पशुपालन, मछलीपालन, बीज निगम एवं जिले के प्रगतिशील कृषकों की सक्रिय भूमिका रही एवं समसामयिक विषयों पर विचार विमर्श एवं कृषि एवं संबंधित विषयों पर जिले में कार्य करने की योजना बनायी। कृषि उत्पादकता को बढ़ाने तथा कायम रखने में कृषि वैज्ञानिकों द्वारा किए गए कार्यों की महत्वपूर्ण भूमिका है। कृषि वैज्ञानिक खेती-फसलों, फल, सब्जीवर्गीय तथा पशुओं पर अध्ययन करते हैं तथा उनकी मात्रा तथा गुणवत्ता में सुधार के लिए मार्ग तैयार करते हैं।
कृषि विज्ञान केन्द्र कोंडागांव के वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं प्रमुख डॉ. ओम प्रकाश ने मासिक कार्यशाला में जैविक खेती में मार्किट लिंकेज की योजना बनाने में जोर दिया, कृषि विभाग के उप संचालक डी.पी.तांडे ने बताया की जिले में धान व् मक्का प्रमुख फसल के रूप में लगाई गई है जिसमे मक्का के रकबा में वृद्धि हुई है। उद्यानिकी के उप संचालक ने सभी विभागों के समन्वय से कार्य करने की बात कही। पशु धन विकास विभाग के उप संचालक ने टीकाकरण व बधियाकरण के कार्य पर ग्रामीण क्षेत्र में किसानो को विशेष सहयोग की अपील की, कार्यक्रम का संचालन केंद्र के पशु विशेषज्ञ डॉ. हितेश कुमार मिश्रा ने किया उन्होंने बताया की तथा कार्यक्रम के पश्चात् स्वर्ण जयंती मशाल को कृषि विज्ञान केन्द्र कोंडागांव के उद्यानिकी के वैज्ञानिक डॉ.सुरेश मरकाम ने कृषि विज्ञान केन्द्र बालोद को साैंपने के लिए प्रस्थान किया गया ।
इस कार्यक्रम में जिले के कृषि व अन्य विभाग के कुल 28 अधिकारी उपस्थित हुए तथा जिले के 05 प्रगतिशील किसान अनुराग त्रिपाठी (औषधीय खेती), वेदेश्वरी शर्मा (जैविक खेती), नरेंद्र सिंह राठौर (जैविक उद्यानिकी सह मछली पालन), शिवनाथ यादव (पारम्परिक बीज संरक्षक) व रामसाय मरकाम (गुलाब के फूलो की खेती)उपस्थित हुए ।

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