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एचटीपीपी के कन्वेयर बेल्ट में लगी आग, कोयला आपूर्ति प्रभावित

हसदेव ताप विद्युत संयंत्र (एचटीपीपी) में खदान से कोयला आपूर्ति करने के लिए कन्वेयर बेल्ट में अचानक आग लग गई। आग इतनी जबरदस्त थी कि उसे निकलने वाला धुआं शहर से दिखाई दे रहा था। आगजनी से लाखों की क्षति होने का अनुमान लगाया जा रहा है, वहीं कोयला आपूर्ति बाधित हो गई है। तकनीकी कर्मियों ने सुधार कार्य शुरू कर दिया है, इससे शाम तक एक लाइन चालू कर दिया गया है। शेष दो को देर रात तक चालू करने की कवायद की जा रही।

साऊथ ईस्टर्न कोलफिल्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) की कुसमुंडा खदान से विद्युत उत्पादन कंपनी के एचटीपीपी संयंत्र को कोयला आपूर्ति करने के लिए कोल हैंडलिंग प्लांट (सीएचपी) बाह्य अंतर्गत 14 किलोमीटर लंबा कन्वेयर बेल्ट बिछाया गया है। पहले कन्वेयर बेल्ट की दो लाइन बिछी थी, पर एचटीपीपी विस्तार संयंत्र (500 मेगावाट) के शुरू होने पर एक अतिरिक्त लाइन बिछाई गई। कन्वेयर बेल्ट की लंबी लाइन को बीच- बीच में ट्रांसफर टावर (टीटी) के माध्यम से लाइन को विभाजित किया गया है।

बताया जा रहा है कि रविवार की सुबह आठ बजे पुराने कन्वेयर बेल्ट 12 बी के 10 नंबर टीटी में पहले चिंगारी निकली, कर्मचारी कुछ समझ पाते, इसके पहले ही चिंगारी ने आग का रूप धारण कर लिया और तेज धुंआ निकलने लगा है। घटना से कार्य के दौरान उपस्थित कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। आनन फानन में दमकल के साथ ही अधिकारियों को सूचना दी गई। वहीं कन्वेयर बेल्ट का परिचालन भी बंद किया गया। जानकारी मिलते ही संयंत्र के मुख्य अभियंता संजय शर्मा समेत आला अफसर स्थल पर पहुंचे और स्थिति का जायजा लिया। दमकल से आग पर काबू पाए जाने के बाद अधिकारियों ने आवश्यक सुधार कार्य करने के निर्देश कर्मियों को दिए। बताया जा रहा है कि पुराने कन्वेयर बेल्ट के पास नया छोटा कन्वेयर बेल्ट सी साइड भी बिछा है, उसके कुछ हिस्से में भी आग लग गई थी, पर बाद में काबू पा लिया गया। आग क्यों लगी, इस बारे में अभी स्पष्ट नहीं हो पाया है, पर प्रबंधन ने जांच के आदेश दिए हैं।

रखरखाव का अभाव

एचटीपीपी से जुड़े जानकारों का कहना है कि कन्वेयर बेल्ट का रखरखाव की अनदेखी की वजह से घटना हुई है। दरअसल कन्वेयर रोलर में चलता है और कई बार रोलर खराब जाने से जाम हो जाता है। इससे रोलर में बेल्ट रगड़ने लगता है। चूंकि बेल्ट की स्पीड काफी तेज होती है और बार- बार रगड़ने से इसमें चिंगारी निकलती है। साफ सफाई नहीं होने से कोयला का टुकड़ा भी बेल्ट के आसपास फैला रहता है और जब चिंगारी कोयला में गिरती है, तो आग लगने से इंकार नहीं किया जा सकता है। इसके साथ ही सामानों का भी अभाव बना हुआ है। रोलर खराब होने पर तत्काल बदलना चाहिए, पर उपलब्ध नहीं होने की वजह से ऐसे ही छोड़ दिया जाता है।

1.25 लाख टन स्टाक

एचटीपीपी में सभी इकाइयों के परिचालन में रहने पर प्रतिदिन 21 से 22 हजार टन कोयला की जरूरत पड़ती है। इसलिए तीन लाइन कन्वेयर बेल्ट बिछाया गया है। इसके माध्यम से 22 से 32 हजार टन तक कोयला संयंत्र को आपूर्ति किया जा चुका है। बताया जा रहा है कि पिछले कुछ दिनों से खदान से 15 से 17 हजार टन कोयला ही संयंत्र आ रहा है। इससे स्टाक का कोयला उपयोग किया जा रहा है। वर्तमान में संयंत्र में 1.25 लाख टन कोयला स्टाक है, जो एक सप्ताह का है। जल्द सुधार कार्य कर कन्वेयर बेल्ट चालू नहीं किया जाता है तो आने वाले समय में संयंत्र संचालन में दिक्कत आने से इंकार नहीं किया जा सकता है।

एचटीपीपी की 210 व डीएसपीेएम की 250 मेवा इकाई बंद

विद्युत उत्पादन कंपनी के कोरबा पूर्व स्थित डा श्यामा प्रसाद मुखर्जी ताप विद्युत संयंत्र (डीएसपीएम) की 250 मेगावाट की दो नंबर इकाई तकनीकी खराबी की वजह से बंद हो गई है। 500 मेगावाट के इस संयंत्र से मात्र 232 मेगावाट बिजली उत्पादन हो रहा है। उधर एचटीपीपी में 210 मेगावाट क्षमता की वार्षिक रखरखाव की वजह से 15 दिन से ज्यादा समय से बंद है। 1340 मेगावाट वाले इस संयंत्र से वर्तमान में 1009 मेगावाट बिजली उत्पादित हो रहा है।

अनुभवी कर्मी की वजह से हो रही घटनाएं

बिजली कर्मचारी संघ (बीएमएस) राष्ट्रीय महामंत्री व उद्योग प्रभारी आरएस जायसवाल का कहना है कि संयंत्र में नियमित प्रवृत्ति के कार्य ठेका पद्धति से कराए जा रहे है। ठेकेदार गैर अनुभवी कर्मियों से कार्य करा रहे हैं। इससे दुर्घटनाएं हो रही है और मजदूरों की जान भी जोखिम में रहती है। कंपनी के चेयरमैन से नियमित अनुभवी कर्मियों को कार्य पर रखने पत्र लिखा गया है। कन्वेयर बेल्ट में प्रबंधन की लापरवाही से आग लगी है, इसकी जांच करा दोषी अधिकारियों के विरूद्ध कार्रवाई की जानी चाहिए।

घर्षण से लगी आग, एक बेल्ट हुआ चालू: शर्मा

संयंत्र के मुख्य अभियंता संजय शर्मा का कहना है कि रविवार को कोल कन्वेयर 12 बी के हेड एंड पुली और कन्वेयर बेल्ट के बीच घर्षण होने से कन्वेयर बेल्ट में आग लग गई थी। इसे अग्नि शमन द्वारा तुरंत काबू पा लिया गया। घटना में 50 मीटर पुराना बेल्ट और पुली की लेगिंग क्षतिग्रस्त हो गई, साथ ही कुछ सप्लाई केबल झुलस गए। इससे लगभग तीन लाख की क्षति हुई है। तीन में एक कन्वेयर ए को दोपहर तीन बजे चालू कर लिया गया है। बाकी दोनों कन्वेयर बी व सी को चालू करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि एचटीपीएस संयंत्र की सभी इकाइयां (वार्षिक रखरखाव के लिए बंद चार नंबर इकाई को छोड़ कर) अपनी पूरी क्षमता से उत्पादन में है और प्लांट में कोयले की पर्याप्त उपलब्धता है। कोल हैंडलिंग प्लांट में हुई दुर्घटना की प्रारंभिक जांच के आदेश दिए गए हैं, इसके लिए अतिरिक्त मुख्य अभियंता (टीएंडएसएस) को जांच प्रभारी नियुक्त किए गए हैं।

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