टिकट कटने से बदल गए थे केरकेट्टा के सुर, अब तेवर हुए नरम
टिकट कट जाने के बाद पाली- तानाखार विधायक मोहितराम केरकेट्टा के बदले बगावत के सूर अब ठंडे पड़ गए हैं। उन्होंने कहा है कि कांग्रेस पार्टी ने मुझे टिकट नहीं दिया, इसका मलाल है। लेकिन मेरे लिए पद नहीं, बल्कि पार्टी सर्वोपरि है। पार्टी को जहां मेरी आवश्यकता होगी, वहां सदैव तत्पर होकर कर्मठ कार्यकर्ता की भांति कार्य करूंगा।
पाली तानाखार विधानसभा के निवर्तमान विधायक मोहित राम केरकेट्टा ने मीडिया से चर्चा के दौरान उक्त बातें कही। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी में काफी मान सम्मान मिला है। पार्टी के कार्यकर्ता और क्षेत्र की जनता ने मुझे आशीर्वाद-स्नेह की बदौलत में विधायक बना। मुख्यमंत्री भूपेश बघेल, विधानसभा अध्यक्ष डा चरण दास महंत एवं सांसद ज्योत्सना महंत ने मेरे द्वारा क्षेत्र के विकास के लिए जो भी मांग किया, उसे पूरा करते हुए जरूरत से ज्यादा दिया। केरकेट्टा ने कहा कि विधायक रहते हुए पांच साल में मैंने क्षेत्र की जनता और कार्यकर्ताओं से यथासंभव भेंट मुलाकात कर उनकी सुविधा, समस्या का समाधान का प्रयास किया।
यह विधानसभा क्षेत्र बड़ा होने के कारण हर व्यक्ति तक नहीं पहुंच सका, वैसे भी सबको संतुष्ट नहीं किया जा सकता है लेकिन सबको लेकर चलने का प्रयास अवश्य किया। कुछ नाराजगी हो सकती है, भविष्य में सतत संपर्क कर अपनी कमजोरी को दूर करूंगा। उन्होंने कहा कि पार्टी के प्रति पूरी निष्ठा रखते हुए अपने शीर्ष नेताओं के निर्देशानुसार पार्टी के लिए तन मन धन से कार्य करता रहूंगा। यहां बताना होगा कि विधायक मोहितराम केरकेट्टा की टिकट पार्टी ने इस बार काट दी है। उनके खिलाफ पार्टी के कार्यकर्ता व पदाधिकारियों ने गंभीर आरोप लगाते हुए विरोध जताया था। साथ ही उनकी कार्यप्रणाली पर भी उंगली उठाई थी। उनके स्थान पर पार्टी ने जनपद अध्यक्ष दुलेश्वरी सिदार को टिकट दिया है।



