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दंतेवाड़ा से भीमा मंडावी की पत्नी का टिकट कटा तो बेटी ने इंटरनेट मीडिया पर निकाली भड़ास, बोली- पापा के बलिदान का अपमान
छत्तीसगढ़ में भाजपा उम्मीदवारों की दूसरी सूची जारी होने के बाद असंतोष के सुर सुनाई देने लगे हैं। दरअसल, दंतेवाड़ा विधानसभा सीट को लेकर बगावती तेवर देखने को मिले हैं। दंतेवाड़ा विधानसभा सीट से पूर्व विधायक भीमा मंडावी की पत्नी ओजस्वी मंडावी दावेदारी कर रही थीं, लेकिन उनका टिकट काटकर चैतराम को दे दिया गया है। इससे नाराज पूर्व विधायक भीमा मंडावी की बेटी दीपा मंडावी ने इंटरनेट मीडिया पर भड़ास निकाली है।
दीपा मंडावी ने इंटरनेट मीडिया में जारी किए गए वीडियो में कहा, मेरे पिता ने भाजपा के लिए अपना बलिदान दे चुके हैं। पिता की मौत के बाद मां ओजस्वी पार्टी में भी निरंतर सक्रिय रहीं, बावजूद पार्टी ने टिकट न देकर पिता के बलिदानी का अपमान किया है।
2018 में भीमा मंडावी चुने गए थे दंतेवाड़ा विधायक
2018 के चुनाव में दंतेवाड़ा सीट से स्वर्गीय भीमा मंडावी की जीत हुई थी। भीमा मंडावी कांग्रेस की देवती कर्मा को हराकर विजयी हुए थे। लेकिन लोकसभा चुनाव के दौरान नक्सली हमले में उनकी मौत हो गई थी। भीमा मंडावी के बाद पत्नी ओजस्वी मंडावी को पार्टी ने दंतेवाड़ा में उपचुनाव का प्रत्याशी बनाया था, जिसमें ओजस्वी मंडावी कांग्रेस की देवती कर्मा से हार गई थी, पर पति से ज्यादा मत हासिल करने में कामयाब हुई थीं। दंतेवाड़ा में भाजपा से टिकट के लिए ओजस्वी मंडावी, चैतराम अटामीर, रामू नेताम, नंदलाल मुड़ामी दावेदार थे, जिसमें ओजस्वी और नंदलाल को प्रबल दावेदार माना जा रहा था।



