Breaking
*महिला आरक्षण पर भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुश्री लता उसेंडी ने विपक्ष पर साधा निशाना**महिला आरक्षण की आड़ में लोकतंत्र के एन्काउंटर का खेल* *कोण्डागांव में नेशनल लोक अदालत की तैयारी तेज, थाना प्रभारियों की बैठक समपन्न।**प्रधान न्यायाधीश ने नेशनल लोक अदालत को अधिक प्रभावी बनाने हेतु बैंक विभाग, दूरसंचार व नगरपालिका के अधिकारीयों का लिया एक महत्वपूर्ण बैठक**सीबीएसई कक्षा 10वीं के मेधावी विद्यार्थियों का जिला कार्यालय में हुआ सम्मान**गुण्डाधुर कॉलेज का बड़ा कदम: जल परीक्षण लैब से हुआ MOU**पुलिस अधीक्षक श्री आकाश श्रीश्रीमाल ने प्रार्थियो को लौटाए लाखो के गुम मोबाईल।**विधायक सुश्री लता उसेण्डी की अध्यक्षता में जीवन दीप समिति की बैठक संपन्न**ग्राम माकड़ी में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन**सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव के द्वारा किशोर न्याय बोर्ड का औचक किया निरीक्षण।* 

छत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेशदेश

पत्रकारों से सूत्र पूछने का अधिकार नहीं है – सीजेआई (सुप्रीम कोर्ट)*

*पत्रकारों से सूत्र पूछने का अधिकार नहीं है – सीजेआई (सुप्रीम कोर्ट)*

नई दिल्ली– देश के सर्वोच्च न्यायालय ने एक बार फिर पुलिस प्रशासन एवं प्रशासनिक अधिकारियों को जमकर निशाना साधा और चेतवानी भी दी । मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति डीवाई चंद्रचूर्ण की बेंच ने कहा कि संविधान के आर्टिकल 19 और 22 के तहत पत्रकारों के मूल अधिकारों की स्वतंत्रता के खिलाफ पुलिस किसी भी पत्रकार के सूत्र नही पूंछ सकती है और न ही न्यायालय तब तक जब तक कि पत्रकारों के खिलाफ बिना जांच और पुख्ता सबूत के दर्ज मुकदमे और गवाही की जांच नही हो जाती है । आज कल देखा जा रहा है कि पुलिस पत्रकारों की स्वतंत्रता हनन कर रही है क्यों कि अधिकतर मामले में पुलिस खुद को श्रेष्ठ बनाने के लिए ऐसा करती है जिस संबंध में उच्च न्यायालय ने अब अपने कड़े रुख दिखाने पर कहा है अगर पुलिस ऐसा करती पाई जाती है तो फिर कोर्ट की अवमानना का मुकदमा दर्ज किया जा सकता है व उस अधिकारी की सेवाये समाप्त की जा जायेगी ।*

Chhattisgarh Aaj Tak

Related Articles