*अण्डर ट्रायल रिव्यू कमेटी, नेशनल लोक अदालत, मॉनिटरिंग सेल एवं हिट एण्ड रन के संबंध में कोण्डागांव एवं नारायणपुर जिले के अधिकारियों के साथ बैठक सम्पन्न।*

*छत्तीसगढ़ आजतक, कोंडागांव 2अप्रैल 2026*
आज दिनांक 02 अप्रैल 2026 को *माननीय प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश/अध्यक्ष जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोण्डागांव श्री खिलावन राम रीगरी* के अध्यक्ष्ता एवं उनकी उपस्थिति में अण्डर ट्रायल रिव्यू कमेटी एवं मॉनिटरिंग सेल एवं हिट एण्ड रन, नेशनल लोक अदालत, की बैठक न्यास सदन भवन में आयोजित की गई।
बैठक में *कलेक्टर कोण्डागांव नुपूर राशि पन्ना, पुलिस अधीक्षक पंकज चन्द्रा, अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश विक्रम प्रताप चंद्रा, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोण्डागांव रेशमा बैरागी पटेल, सचिव जिला विधिक सेवा प्राधिकरण गायत्री साय, अपर कलेक्टर कोण्डागांव चार्ली ठाकुर, लोक अभियोजन अधिकारी तथा लोक निर्माण विभाग एवं नारायणपुर जिले के अधिकारी* सम्मलित रहे।
*अण्डर ट्रायल रिव्यू कमेटी -* अण्डर ट्रायल रिव्यू कमेटी की बैठक के दौरान ऐसे बंदियों के मामलों
पर विशेष रूप से चर्चा की गई, जो लंबे समय से विचाराधीन है, जिनकी जमानत हो चुकी है परंतु वे जमानत की शर्ते पूरी नहीं कर पा रहे हैं, अथवा जिनकी सजा की अधिकतम अवधि के सापेक्ष वे पर्याप्त समय जेल में बिता चुके हैं। न्यायाधीश महोदय ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि पात्र बंदियों के मामलों में त्वरित कार्यवाही सुनिश्चित की जाए तथा विधि के अनुरूप उन्हे राहत प्रदान की जाए। इसके साथ ही, बंदियों के अधिकारों की सुरक्षा एवं न्याय तक उनकी सुगम पहुंच सुनिश्चित करने पर भी बल दिया गया।
*नेशनल लोक अदालत-* दिनांक 09 मई 2026 को आयोजित नेशनल लोक अदालत में राजस्व मामलों को अधिक से अधिक संख्या में रखकर मामलों को निपटारा करने हेतु न्यायाधीश महोदया द्वारा कलेक्टर कोण्डागांव को निर्देश दिये। साथ ही पुलिस विभाग को ट्रॉफिक चालान को नेशनल लोक अदालत में रखे जाने हेतु निर्देशित किया गया।
*मॉनिटरिंग सेल-* मॉनिटरिंग सेल की में नवीन प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय भवन कार्य प्रारंभ पूर्ण करने हेतु प्रधान न्यायाधीश महोदया द्वारा कलेक्टर कोण्डागांव को निर्देश दिए गए तथा न्यायिक अधिकारियों के निर्माणाधीन आवास गृह व न्यायिक कर्मचारियों के निर्माणधीन आवास गृह के संबंध में चर्चा किया गया।
*हिट एण्ड रन-* हिट एण्ड रन के संबंध में बैठक ली गई जिसमें अज्ञात वाहनों द्वारा सड़क दुर्घटनाओं से हुई मौतों और घायलों के फ्रेम कम्पनसेशन की प्रक्रिया को सुनिश्चित करने की चर्चा की गई। पीड़ित पक्षकारों के लिए क्षतिपूर्ति आवेदन प्रक्रिया एक्सीडेंट के परिणामस्वरूप हुई मृत्यु या गंभीर चोटों हेतु मुआवजा निर्धारित करने पुलिस व परिवहन विभाग से संबंधित दस्तावेज तैयार कर एसडीएम को प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।



