*बाबा साहेब सेवा संस्था में डॉ.अम्बेडकर जी श्रद्धांजलि सभा का आयोजन कर किया याद*
*छत्तीसगढ़ आजतक, कोंडागांव 7 दिसम्बर 2024*
कोण्डागांव,6 दिसंबर बाबा साहेब संस्था अजाक्स कोंडागांव, छत्तीसगढ़ एम्पलाइज वेलफेयर एसोसिएशन कोंडागांव के द्वारा संयुक्त रूप से बाबा साहेब सेवा संस्था कार्यालय अंबेडकर चौक में शुक्रवार 06 दिसंबर 2024 को संध्या 7 बजे प्रति वर्ष की भांति इस वर्ष भी बाबा साहेब डॉ.भीमराव अम्बेडकर जी का 69वां महापरिनिर्वाण दिवस की सभा की गई । इस दौरान बाबा साहेब डॉ भीमराव अंबेडकर जी के छायाचित्र के समक्ष दीप प्रज्वलित करके एवं चित्र पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की गई तथा इस अवसर बाबा साहेब की जीवनी पर प्रकाश डाला गया । इस कार्यक्रम में मुख्य रुप से संस्था के संरक्षक नेशनल अवार्डेड आर्टिजन पंचू सागर , अधिवक्ता तिलक पांडे, प्रमोद भारती , अध्यक्ष मुकेश मारकंडेय , सचिव रमेश पोयाम , ओमप्रकाश नाग , हितेंद्र श्रीवास , मंगउ देवांगन , विरेन्द्र नेताम , झिटकु मरकाम ,देवानंद चौरे , संदीप कोर्राम ,अजाक्स पदाधिकारीगण जगमोहन भोयर, धवलसिंह पोटाई , छत्तीसगढ़ एम्पलाइज वेलफेयर एसोसिएशन जिला कोंडागांव अध्यक्ष नरसिंह देव मंडावी , रमन ठाकुर , गरंजु नेताम , संदीप वासनिकर , सुनील बंजारे , ईसाताई चौरे, तत्थसील चौरे,वरेण्य मंडावी सहित संस्था के अन्य पदाधिकारीगण एवं सदस्यगण उपस्थित रहे । बाबा साहेब डॉ.भीमराव अम्बेडकर जी का 69 वीं महापरिनिर्वाण दिवस पर एकत्रित हुए पदाधिकारी व सदस्यगणों ने डॉ. भीमराव अम्बेडकर को श्रद्धांजलि अर्पित करने के उपरांत वर्तमान में डॉ. भीमराव अम्बेडकर की हो रही उपेक्षा पर अपना रोष प्रकट करते हुए कहा है कि आज का अखबार उठाकर देख लिजिए किसी अखबार में बाबा साहेब के संदर्भ में एक शब्द तक न लिखा न छपा है , कितना बड़ा साजिश रचकर रचा गया है । ना तो स्कूलों के पाठ्यक्रमों में, न अखबार, न टीवी चैनलों पर बाबा साहेब के बारे न बताया जाता है, न ही पढ़ाया जाता है। पढ़ाया भी गया तो सिर्फ दलित नेता के रुप में और । संविधान निर्माता के रुप में क्यों नहीं पढ़ाते और अखबारों में छापते, इसका मुख्य कारण है कि आज का युवा पीढ़ी चाहे कोई भी वर्ग से हों, बाबा साहेब डॉ. भीमराव अम्बेडकर को ठीक से नहीं समझे हैं । आज ओबीसी और अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति वर्ग से जो मुख्य मंत्री, गृह मंत्री, पुरे राज्य में जो भी मंत्री विधायक अफसर बने हुए हैं, सबके सब किसकी बदौलत बने हुए हैं? उन्हें खुद नहीं मालूम है। तो बाबा साहेब के बारे में क्या बोलेंगे और क्या अखबार में छपवाएंगे? कोई ओबीसी, एससी, एसटी दम है तो सामान्य सीट से सांसद और विधायक बनकर देखें। लोकसभा, राज्यसभा और विधानसभा में जब आरक्षण या ओबीसी, एससी, एसटी के बारे में कोई मुद्दा उठाया जाता है तो ये तीनों वर्गों के सांसद, विधायक के मुंह पर ताला जड़ा रहता है, क्योंकि आरक्षण से जीत कर आते हैं, मुंह पर टेप लगा रहता है, यही है इन लोगों की वास्तविकता है ।



