Breaking
*मंदिर के चढ़ावे से विपक्षी सांसदों तक डाकेजनी!**एन एच एम में बड़ी कार्रवाई: वित्तीय अनियमितता मामले में डीपीएम, डीएएम और डीटीसी की संविदा सेवा समाप्त**यूनिसेफ प्रतिनिधिमंडल ने शंकरपुर में सामुदायिक पहल कार्यों का किया अवलोकन**शाला प्रवेश उत्सव में विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों ने ली नशा मुक्ति की शपथ**महंगाई, बेरोजगारी एवं डीज़ल-पेट्रोल की कीमतों पर नियंत्रण करने सहित कमी दूर करने सीपीआई ने 6 मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा**एक प्रवक्ता के ‘आखेट’ में झलकती डॉ.आंबेडकर के विचारों से घृणा!**बस्तर में सड़कों और पुलों के काम में आएगी तेजी, लोक निर्माण विभाग के सचिव ने अधिकारियों व ठेकेदारों की ली बैठक**सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की ‘परजीवी’ और ‘कॉकरोच’ वाली टिप्पणी पर मनोज झा की खुली चिट्ठी**जिला कोंडागाँव में नवीन जिला एवं सत्र न्यायालय भवन के निर्माण से बेहतर कार्य-वातावरण निर्मित होगा एवं न्यायिक प्रक्रिया में तेजी के साथ उच्च गुणवत्तायुक्त न्याय सुविधापूर्वक सुलभ हो सकेगा–माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर**मुख्य न्यायाधिपति छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, द्वारा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय भवन,कोण्डागांव का भूमि पूजन एवं शिलान्यास*

कोंडागांवछत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेश

*गरीब आदिवासी परिवार की बेटी बनी अधिकारी,कुमारी प्रियंका कश्यप का भूवैज्ञानिक अधिकारी के पद पर हुआ चयन*

*छत्तीसगढ़ आजतक,जगदलपुर बस्तर,25 दिसंबर 2024*

UPSC के माध्यम से होने वाली G.S.I
(जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया) की परीक्षा को अपने पहले प्रयास में ही पास करके बनी अपने परिवार, गांव और अपने आदिवासी समाज का गौरव। प्रियंका शुरू से होनहार स्टूडेंट रही है। कक्षा आठवीं तक ममता विद्यालय भड़िसगांव से पढ़कर निकली प्रियंका ने आगे की पढ़ाई शासकीय हायर सेकेंडरी विद्यालय पंडरीपानी से किया और दसवीं बोर्ड में 70% और बारहवीं बोर्ड की परीक्षा 74% से उत्तीर्ण किया। प्रियंका ने काॅलेज में भी अपनी योग्यता को जारी रखते हुए बी.एस.सी में 64% और एम.एस.सी में 79% मार्क्स लाए। फिर प्रियंका ने कोई भी महंगी कोचिंग क्लास न ज्वाइन करते हुए अपने घर में रहकर ही UPSC की तैयारी करती रही। गरीबी में रहकर भी कैसे बड़ी उपलब्धी हासिल की जा सकती है, इसके लिए प्रियंका ने हम सभी
गरीब,किसान,मजदूरों के आदर्श परम पूज्य डॉक्टर भीमराव अंबेडकर जी को अपना आदर्श मानते हुए कि बाबा साहब किस तरह से 18-18 घंटे पढ़ाई करते थे। प्रियंका ने भी रात-दिन एक करके केवल अपने लक्ष्य पर केन्द्रित रहकर आज हम सबके लिए यह गौरव का क्षण हासिल किया है।
साथ ही प्रियंका ने ये भी साबित किया कि महंगे प्रायवेट स्कूल, महंगी कोचिंग क्लास के बगैर भी सफलता हासिल किया जा सकता है।

Chhattisgarh Aaj Tak

Related Articles