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कोंडागांवछत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेश

*जगदलपुर–सुकमा सड़क,”कब बबा मरही,कब बरा ख़ाबो”*

*छत्तीसगढ़ आजतक, जगदलपुर,3 जुलाई 2025*

बस्तर के लिए बेहद खुशी की बात है कि केंद्र से जगदलपुर से कोंटा तक फोर लेन सड़क का प्रस्ताव पास हो गया है।लेकिन छत्तीसगढ़ी की एक कहावत है *”कब बबा मरही,कब बरा ख़ाबो”* कहने का तात्पर्य यह है कि कब फोर लेन सड़क का काम शुरू होकर खत्म होगा और कब फोर लेन का लाभ जनता को मिलेगा।

#फिलहाल जगदलपुर से सुकमा तक की सड़क का हाल जो भुगते वही जाने। गड्ढों से सराबोर सुकमा की सड़क जो कि तीरथगढ़, कुटुमसर गुफा, धुडमारास इसके अलावा यूनेस्को के टेंटेटिव लिस्ट में शामिल कांगेर घाटी नेशनल पार्क जैसे बस्तर के पर्यटन धरोहर को भी जोड़ती है।स्थानीय प्रशासन और जनप्रतिनिधि जैसे मानो बस्तर के अंदरूनी क्षेत्रों को पिछड़ा ही बनाने पर तुले हो जिससे चुनाव के वक्त वोट बैंक को छोटे मोटे कामों को कराकर बरकरार रखा जाए।बस्तर के सुदूर अंचलों में भोले भाले ग्रामीणों को पहले तकलीफों के दलदल में धकेलकर फिर उसी दलदल में थोड़ी मिट्टी डालकर सहानुभूति ऐंठा जा रहा है।
#एक ओर वन विभाग के अधिकारियों का कहना है कांगेर घाटी से लगे सभी पर्यटन क्षेत्रों को निहारने देश ही नहीं विदेशो के भी पर्यटकों की संख्या में इजाफा आया है तो क्या स्थानीय प्रशासन पर्यटकों का स्वागत खस्ता गड्ढों से कर रही है।
सुकमा की सड़क हमारे साथी राज्य तेलंगाना को भी जोड़ती है जिससे व्यापार और यात्रियों का हमारे राज्य और शहर से खासा रिश्ता रहा है मगर सड़को के बदहाल स्थिति से सभी को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

#लंबे समय से खराब सड़को को क्या स्थानीय प्रशासन द्वारा टेम्प्रेरी भराव कर स्थिति का निवारण नहीं किया जा सकता या फिर फोर लेन के लम्बे इंतजार का लॉलीपॉप से ही मुंह मीठा किया जाए।

Chhattisgarh Aaj Tak

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