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कोंडागांवछत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेश

*उद्योग प्रभावितों का छलका दर्द, 300लोग आंखो की बीमारियों से पीड़ित*

*वर्षों से समाधान के लिए कर रहे संघर्ष*

*छत्तीसगढ़ आजतक, कोंडागांव 3 जुलाई 2025*

कोंडागांव नगर के महात्मा गांधी वार्ड में रहने वाले लोग बीते कुछ वर्षों से औद्योगिक प्रदूषण की गंभीर मार झेल रहे हैं। वार्ड से सटे औद्योगिक क्षेत्र में स्थित राइस मिल और अन्य इकाइयों से निकलने वाले धूल, धुएं, बदबूदार पानी और शोर ने लोगों का जीना दूभर कर दिया है।वार्ड के निवासी स्वास्थ्य गत परेशानियों से जूझ रहे।लोगों को आंखो , सांसो की बीमारियां हो रही।आस पास के किसानों की जमीन खेती करने लायक नहीं रही, उद्योग से निकलने वाले प्रदूषित पानी से खेत दलदल व बंजर हो रहा।यहां तक की उनके पीने का पानी ,सुखाए हुए कपड़े ,साग भाजी तक में इसका प्रभाव है। पीड़ित वार्डवासियों का दावा है निजात पाने उन्होंने कई बार कलेक्टर, विधायक और यहां तक कि मुख्यमंत्री को आवेदन दे चुके हैं। धरना-प्रदर्शन भी किया गया, पर नतीजा सिफर रहा।पालिका कार्यालय से प्राप्त एक रिपोर्ट के अनुसार, 2011 की जनगणना में इस महात्मा गांधी वार्ड में 431 घरों में 1810 लोग निवासरत थे। अधिकारी का मानना है आज जनसंख्या दुगुनी हो गई होगी। वहीं रितेश कोराम व अन्य वार्ड वासियों का दावा है कि इस वार्ड में रहने वाले 300 से अधिक लोग आंखों की बीमारियों से पीड़ित हैं, जिसकी पुष्टि साल भर पहले आयोजित एक स्वास्थ्य शिविर में सरकारी डॉक्टरों ने की है।
पीड़िता 1,लक्ष्मी बाई कुलदीप पीड़िता ने दावा किया कि मिल से उड़ने वाले राख,कोंडा आंख में चुभने कारण उनकी आंखों की रोशनी कमजोर हो गई है। चश्मा पहनने के बाद भी ठीक से नहीं दिखता। धूल, धुएं और तेज आवाज से जीना मुश्किल हो गया है।
पीड़ित, 2साधू राम पाटिल का दावा है कि राइस मिल का गंदा पानी उसके खेतों में छोड़ा जा रहा है, जिससे उनकी पांच एकड़ की खेती बंजर हो गई है।सब्जियां लगाई थीं, पर मिल से निकले गंदे पानी ने सब बर्बाद कर दिया। खेत दलदल में तब्दील हो गया है।रितेश कोराम,रेखा देवांगन व अन्य के मुताबिक उद्योगों के कारण मोहल्ले में निवासरत अधिकांश लोग स्वास्थ्य गत परेशानियों से जूझ रहे।पीड़ितों की मांग है जिमेदार अधिकारी जल्द से जल्द इन इकाइयों को पर्यावरणीय मानकों का पालन करवाएं, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड हस्तक्षेप करे और प्रभावितों को मुआवजा दिलाने की पहल करें,अब देखना यह होगा कि प्रशासन संज्ञान में लेकर इस गंभीर जनसमस्या से पीड़ितों को निजात दिलाएगी?

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