किरंदुल बाढ़ पीड़ितों से मिलने पहुंची जिला पंचायत अध्यक्ष तूलिका कर्मा।
अध्यक्ष के सामने रो पड़े लोग। बताई आप बीती..
एनएमडीसी प्रबंधन पीड़ितों को पक्के मकान और कम से कम 10-10 लाख रुपये मुआवजा दे – तुलिका कर्मा.
छत्तीसगढ़ आजतक,किरंदुल/कोंडागांव 25 जुलाई 2024—- गुरुवार को एनएमडीसी की लापरवाही से हुए हादसे से उजड़े परिवारों को राहत सामग्री प्रदाय करने जिला पंचायत अध्यक्ष तूलिका कर्मा किरंदुल बंगाली कैम्प पहुंची । जहां उन्हें देखते ही लोग फफक कर रो पड़े । पीड़ित परिवार आपबीती बताते हुए अपने आंसू नही रोक पा रहे थे राहत सामग्री में कंबल साड़ी एवं बच्चो के लिए खाने-पीने की सामग्री प्रदाय की। बाढ़ प्रभावितों से मिलने के बाद तूलिका कर्मा ने किरंदुल में एनएमडीसी के अधिकारियों से मुलाकात किया और प्रबंधन से घटना की पूरी जानकारी ली…*
तुलिका कर्मा ने एनएमडीसी प्रबन्धन से सभी पीड़ित परिवारों के लिए पक्का मकान और पुनर्वास के लिए कम से कम 10-10 लाख रुपये मुआवजा जिसे सीधे पीड़ितों के बैंक खाते में देने की मांग की है…*
एनएमडीसी के अधिशासी निदेशक संवेदनहीन
अब तक पीड़ितों की सुध लेने घटनास्थल नही पहुंचे ये दुर्भाग्यजनक…
तुलिका ने किरंदुल एनएमडीसी के मुखिया अधिशासी निदेशक के घटना स्थल के निरीक्षण और पीड़ितों से अब तक मुलाकात नही करने पर नाराजगी जताते कहा कि किरंदुल के अधिशासी निदेशक को पीड़ितों से मिलकर उनके उजड़े घरों के मलबों और डैम के कीचड़ से भरे घरों को देखना चाहिए,जिससे उन्हें एहसास हो सके कि पीड़ितों की क्या परिस्थिति है,उन्होंने कहा कि ये बड़ी घटना केवल प्राकृतिक आपदा नही बल्कि लापरवाही भी, इस घटना को जिसने भी देखा सभी के मन मे खौफ बैठा हुआ है लोग सहमे हुए है । गनीमत रही कि किसी को जान से हाथ धोना नही पड़ा ,घटना यदि रात को होती तो मंजर और भी भयावह हो सकती थी ।एनएमडीसी को सुनिश्चित करना होगा कि इसकी पुनरावृति ना हो और इस बात का लोगों को विश्वास भी दिलाना होगा।
हादसे के तत्काल बाद जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन सहित अन्य संस्थानों द्वारा पीड़ितों को राहत देने के प्रयास निःसंदेह सराहनीय है इसके बावजूद प्रशासन को पुनः एक बार फिर से पीड़ितों और नुकसान का सर्वे और मूल्यांकन करने की आवश्यकता है…



