*बीजापुर पुलिस की बड़ी पहल — ताड़पाला में नया सुरक्षा बेस कैंप स्थापित, नक्सल प्रभावित क्षेत्र में विकास और विश्वास की नई राह*

*छत्तीसगढ़ आजतक, बीजापुर 14 अक्टूबर 2025*
नक्सल प्रभावित बीजापुर जिले के सुदूर दक्षिण क्षेत्र में सुरक्षा और विकास को सशक्त करने के उद्देश्य से कर्रेगुट्टा पहाड़ के समीप नवीन सुरक्षा बेस कैंप ताड़पाला की स्थापना की गई है।
यह पहल छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना “नियद नेल्ला नार” (नई सुबह का रास्ता) के तहत की गई है, जिसका लक्ष्य ग्रामीणों को मूलभूत सुविधाएं और सुरक्षा प्रदान करना है।
नक्सल गतिविधियों पर नियंत्रण और सुरक्षा का नया केंद्र
ताड़पाला बेस कैंप की स्थापना का उद्देश्य कर्रेगुट्टा हिल्स क्षेत्र में सक्रिय माओवादी नेटवर्क की निगरानी और नियंत्रण करना है।
यह कैंप अब ऑपरेशन लॉन्चिंग पॉइंट के रूप में कार्य करेगा, जहाँ से सुरक्षा बल नियमित गश्त, एरिया डॉमिनेशन और पेट्रोलिंग कर सकेंगे।
इससे नक्सलियों की गतिविधियों पर कड़ी निगरानी रखी जा सकेगी और किसी भी आतंकी प्रयास का समय रहते जवाब दिया जा सकेगा।
नक्सली नेटवर्क पर प्रहार
इस बेस कैंप से स्थानीय स्तर पर माओवादियों के “जनताना सरकार” और “मिलिशिया नेटवर्क” जैसी संरचनाओं की सक्रियता पर रोक लगेगी।
सूचना तंत्र मज़बूत होने से उनके संपर्क बिंदु, लॉजिस्टिक रूट और गुप्त ठिकानों की पहचान आसान होगी, जिससे प्रभावी कार्यवाही संभव होगी।
ग्रामीणों में सुरक्षा की भावना और विश्वास का संचार
सुरक्षा कैंप के माध्यम से पुलिस अब क्षेत्र में जनसंपर्क और सेवा गतिविधियाँ नियमित रूप से चला सकेगी —
जैसे कि स्वास्थ्य शिविर, खेल प्रतियोगिताएँ, स्कूल सुधार, सौर लाइट और पेयजल जैसी सुविधाओं की व्यवस्था।
इन पहलों से पुलिस–जन संवाद में सुधार होगा और ग्रामीणों में सुरक्षा तथा विश्वास की भावना मजबूत होगी।
नक्सली भर्ती पर रोक और विकास की गति
बेस कैंप की स्थापना से ग्रामीण युवाओं को नक्सली संगठनों में भर्ती करने के प्रयासों पर भी प्रभावी रोक लगेगी।
क्षेत्र में रोजगार, सड़क निर्माण, शिक्षा और अन्य जनकल्याण योजनाएँ तेज़ी से लागू की जा सकेंगी।
इससे माओवादियों का प्रभाव धीरे-धीरे घटेगा और विकास की धारा सुदूर गाँवों तक पहुँचेगी।
प्राकृतिक चुनौतियों के बीच साहसिक उपलब्धि
कठिन भौगोलिक परिस्थितियों और विपरीत मौसम के बावजूद सुरक्षा बलों ने अदम्य साहस, दृढ़ निश्चय और उत्कृष्ट समन्वय का परिचय देते हुए इस कैंप की स्थापना की।
यह पहल न केवल सुरक्षा की दृष्टि से बल्कि क्षेत्रीय विकास की दृष्टि से भी ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है।
सुरक्षा और विकास — एक साथ आगे
ताड़पाला बेस कैंप से अब स्थानीय नागरिकों को स्वास्थ्य, शिक्षा, बिजली, पेयजल, राशन, मोबाइल नेटवर्क और अन्य जन-सुविधाएँ सुलभ होंगी।
सुरक्षा की उपस्थिति से नक्सली गतिविधियों पर भी नियंत्रण सुनिश्चित होगा, जिससे ग्रामीणों का जीवन सुरक्षित और स्थिर बनेगा।
नक्सल उन्मूलन में बीजापुर की उपलब्धियाँ
वर्ष 2024 से अब तक बीजापुर जिले में 38 सुरक्षा कैंप स्थापित किए जा चुके हैं।
इन सतत अभियानों के परिणामस्वरूप —
599 माओवादी आत्मसमर्पण कर चुके हैं
196 माओवादी मुठभेड़ में मारे गए
973 माओवादी गिरफ्तार किए जा चुके हैं
अभियान में प्रशासनिक नेतृत्व और सहयोग
इस साहसिक अभियान को सफल बनाने में वरिष्ठ अधिकारियों का मार्गदर्शन एवं समन्वय सराहनीय रहा
श्री सुन्दरराज पी. (पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज),
श्री शालिन (महानिरीक्षक, केरिपु ऑप्स, CG सेक्टर रायपुर),
श्री कमलोचन कश्यप (उप पुलिस महानिरीक्षक, दंतेवाड़ा रेंज),
श्री बी.एस. नेगी (उप महानिरीक्षक, केरिपु रेंज बीजापुर),
डॉ. जितेन्द्र कुमार यादव (पुलिस अधीक्षक, बीजापुर) सहित
कोबरा, केरिपु, डीआरजी और अन्य सुरक्षा बलों के अधिकारियों व जवानों का विशेष योगदान रहा।
बीजापुर पुलिस “सुरक्षा, विश्वास और विकास” के संकल्प के साथ आगे बढ़ते हुए नक्सलमुक्त समाज की दिशा में निरंतर प्रयासरत है।



