*जहां कभी जनताना सरकार की लगती थी दरबार, आज वहीं प्रधानमंत्री आवास की चौपाल*

*छत्तीसगढ़ आजतक, बीजापुर 19 दिसम्बर 2025*
बीजापुर। जिले के अंदरूनी और पूर्व में नक्सल प्रभावित रहे क्षेत्रों में अब विकास की नई तस्वीर देखने को मिल रही है। जहां कभी जनताना सरकार की दरबार लगती थी, आज उसी स्थान पर प्रधानमंत्री आवास योजना (PMAY) की चौपाल लगाकर ग्रामीणों को सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ा जा रहा है।
बीजापुर जिले के रानीबोदली आश्रित ग्राम गटापल्ली में आयोजित प्रधानमंत्री आवास चौपाल के दौरान 35 पात्र परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत आवास स्वीकृति पत्र प्रदान किए गए। वर्षों से कच्चे मकानों और असुरक्षित परिस्थितियों में जीवन यापन कर रहे इन परिवारों के लिए यह स्वीकृति किसी बड़ी सौगात से कम नहीं है।
कार्यक्रम के दौरान प्रशासनिक अधिकारियों ने ग्रामीणों को प्रधानमंत्री आवास योजना की प्रक्रिया, पात्रता एवं लाभ की जानकारी दी। ग्रामीणों को बताया गया कि आवास निर्माण के लिए मिलने वाली राशि सीधे लाभार्थियों के खाते में भेजी जाएगी, जिससे पारदर्शिता बनी रहे और बिचौलियों की भूमिका समाप्त हो।
चौपाल में मौजूद ग्रामीणों ने बताया कि पहले इस क्षेत्र में डर और असुरक्षा का माहौल रहता था, लेकिन अब सरकारी योजनाओं की पहुंच से भरोसा और सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है। ग्रामीणों का कहना है कि पक्के मकान मिलने से न केवल जीवन स्तर सुधरेगा, बल्कि बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य और परिवार की सुरक्षा भी सुनिश्चित होगी।
प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से जिले के दूरस्थ और संवेदनशील इलाकों में भी तेजी से विकास कार्य किए जा रहे हैं। डर से विकास की ओर बढ़ता बीजापुर अब शांति, विश्वास और आत्मनिर्भरता की नई मिसाल बनता जा रहा है।



