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कोंडागांवछत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेश

*जिले के सभी गांवों में 26 जनवरी को होगा उल्लास मेला का आयोजन*

*छत्तीसगढ़ आजतक,कोण्डागांव, 23 जनवरी 2026*

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुसार भारत सरकार द्वारा उल्लास नव भारत साक्षरता कार्यक्रम प्रारंभ किया गया है। इसका उदेश्य 15 वर्ष से अधिक उम्र के ऐसे व्यक्ति, जिन्होंने स्कूली शिक्षा प्राप्त नहीं किया है उन्हें सशक्त बनाना है। इस योजना के अंतर्गत बुनियादी साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान के अलावा जीवन कौशल की जानकारी प्रदान किया जाना है। राज्य में यह उल्लास कार्यक्रम 2023 से प्रारंभ किया गया है, जिसमें अब तक लगभग 10 लाख शिक्षार्थी साक्षर हो चुके हैं, जिन्हें एन.आई.ओ.एस. के माध्यम से प्रमाण पत्र भी दिया गया है। उल्लास विकसित भारत का मानक है जिसमें सभी वयस्कों को अक्षर ज्ञान ही नहीं बल्कि संख्याज्ञान से भी अवगत कराना है।

शासन के निर्देशानुसार 26 जनवरी 2026 को गणतंत्र दिवस के उपलक्ष्य में प्रत्येक ग्राम स्तर पर उल्लास मेला का आयोजन किया जा रहा है। जिसका उदेश्य नव साक्षरों को उल्लास कार्यक्रम एवं नवीन कार्यक्रम से जोड़ने हेतु पढ़नेे-लिखने से लेकर व्यावहारिक शिक्षा के विभिन्न स्टॉल का संचालन नए साक्षर, स्वयंसेवक एवं शिक्षार्थी के द्वारा किया जाना है, ताकि उन्हें व्यावसायिक अनुभव के माध्यम से सीखने का अवसर प्राप्त हो।
कलेक्टर एवं जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण के अध्यक्ष श्रीमती नुपूर राशि पन्ना के मार्गदर्शन एवं जिला पंचायत सीईओ श्री अविनाश भोई के नेतृत्व में आवश्यक तैयारियां की जा रही है। उल्लास मेला के माध्यम से उल्लास नवभारत साक्षरता के नये साक्षरों को प्रतिभा और कौशल को प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनका आत्मविश्वास बढे़गा और अपनी क्षमताओं पर विश्वास बढ़ेगा। शब्दों में मात्रा की बारीकियों सीखने का अवसर भी मिलेगा, साथ ही गणित के छूटे हुए अवधारणाओं को पुनः सीखने का अवसर मिलेगा। कलेक्टर श्रीमती नुपुर राशि पन्ना ने कार्यक्रम के सफल आयोजन के लिए साप्ताहिक समय-सीमा बैठक में समस्त विभाग के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को शपथ दिलाते हुए व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिये हैं।

जिला शिक्षा अधिकारी श्रीमती भारती प्रधान एवं जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण परियोजना अधिकारी श्री डी0एस0पोटाई ने बताया कि उल्लास मेला का आयोजन गणतंत्र दिवस के ध्वजारोहण के पश्चात् ग्राम स्तर पर आयोजित किया जाएगा। जहां मेले में बुनियादी साक्षरता, अंक ज्ञान, जीवन कौशल के विभिन्न घटक जैसे- डिजिटल साक्षरता एवं स्वास्थ्य साक्षरता की अवधारणाओं के अनुरूप स्टॉल लगाया जाएगा। मेले में नव साक्षरों, स्वयं सेवकों, ग्राम प्रभारी को सम्मिलित करते हुए उल्लास शपथ के साथ कार्यक्रम की शुरूआत की जाएगी।

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