कांग्रेस पार्टी से निष्कासित व नाराज कांग्रेसियों को मनाकर पार्टी से जोड़ा जाएगा– प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट
कोंडागांव और जगदलपुर के निष्कासन को बहाल करने की पहल की जा सकती है
कांग्रेस पार्टी से निष्कासित व नाराज कांग्रेसियों को मनाकर पार्टी से जोड़ा जाएगा– प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट
प्रदेश प्रभारी ने नाराज कांग्रेसियों को वापस पार्टी द्वारा नोटिस जारी करने वाले नेताओं पर कोई कार्यवाही नहीं होगी
रायपुर14 जनवरी— प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने लोकसभा चुनाव के मद्दे नजर नाराज कांग्रेसियों को वापस पार्टी से जोड़ने की बात कह करके करीब करीब साफ कर दिया है कि विधानसभा चुनाव में दंतेवाड़ा विधानसभा में भेजे गये कांग्रेसी नेता राजकुमार तामों और केशकाल विधानसभा में कांग्रेसी नेता अमीन मेनन को भेजी गये नोटिस पर कार्यवाही ना करके मामले को रफा दफा करने का प्रयास किया जायेगा। वैसे कांग्रेसी नेता मलकीत गैंदू ने इस मामले पर जनवरी में कार्यवाही की बात कही थी लेकिन प्रदेश प्रभारी की बैठक के बाद कार्यवाही की उम्मीद कम हो गई है।विधानसभा चुनाव में कांग्रेस की अंदरूनी गुटबांजी के चलते कांग्रेस पार्टी को छत्तीसगढ़ में सबसे बड़ी हार का सामना करना पड़ा, जिसके निष्कासित कांग्रेसियों को भी मनाने की कोशिश होगी प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने नाराज कांग्रेसियों को पार्टी से जोड़ने की बात कही है जिसके बाद ये यह सवाल भी कांग्रेसियों के अंदर चर्चा का विषय बन गया है कि विधानसभा चुनाव के दौरान कोंडागांव और जगदलपुर विधानसभा से निष्कासित कांग्रेसियों को भी मनाने का प्रयास किया जायेगा ?
विधानसभा में कई कांग्रेसी नेताओं को परिणाम आने के पूर्व ही संगठन ने पार्टी से निष्कासित कर दिया, चुनाव के बाद दंतेवाड़ा व केशकाल के कांग्रेसी प्रत्याशियों ने राजकुमार तामों और अमीन मेनन के खिलाफ शिकायत करने पर नोटिस जारी की थी लेकिन परिणाम के बाद संगठन कार्यवाही को किसी ना किसी बहाने लंबा खीचता रहा है। एतिहासिक हार के बाद बनाये गये नये प्रदेश प्रभारी सचिन पायलट ने कांग्रेसी नेताओं की पहली बैठक में नाराज कांग्रेसियों को मनाने और लोकसभा चुनाव के लिए एकजूट करने की बात कह करके लगभग साफ कर दिया है कि संगठन ने जिन नेताओं को नोटिस दिया है उन पर अब कार्यवाही होने की उम्मीद नही के के बराबर है।
राजनीतिक जानकारों का कहना है कि जब प्रभारी सचिन पायलट नाराज कांग्रेसियों को मनाने की बात कह रहे है इसका मतलब यह है कि पार्टी को हराने वाले नेताओं पर अब कोई कार्यवाही नही होगी, उस उम्मीद के साथ ही विधानसभा में पार्टी को हराने वाले लोकसभा चुनाव में पार्टी को जीताने में पसीना बहायेगें। कांग्रेस की यह रणनीति धरातल में कितनी कामयाब होती है यह लोकसभा चुनाव के परिणाम से पता चल जायेगा।



