आमजनों के हितों के लिए राजस्व अधिकारी सकारात्मक सोच के साथ दें अपनी श्रेष्ठतम सेवा
प्रशासन के सुदृढ़ीकरण हेतु राजस्व अधिकारियों की जिलास्तरीय कार्यशाला आयोजित
छत्तीसगढ़ आजतक,कोंडागांव, 6 जुलाई 2024 — कलेक्टर श्री कुणाल दुदावत के निर्देश पर राजस्व अधिकारियों की जिला स्तरीय कार्यशाला आयोजित की गई। जिला कार्यालय के प्रथम तल स्थित सभाकक्ष में आयोजित कार्यशाला में अपर कलेक्टर श्री चित्रकांत चार्ली ठाकुर ने कहा कि अंचल के लोग सीधे-सरल और सहज प्रवृत्ति के हैं इन लोगों के हितों के लिए राजस्व अधिकारी सकारात्मक सोच के साथ अपनी श्रेष्ठतम सेवा प्रदान करें। प्रशासन में राजस्व अधिकारी की बड़ी जिम्मेदारी है और उसकी भूमिका राजस्व अधिकारी के साथ ही प्रशासनिक अधिकारी की भी होती है। आम जनता के प्रति संवेदनशीलता के साथ व्यवहार करें और सतत सम्पर्क रखकर उनकी समस्याओं को निराकरण करने के लिए प्रयास करें।
उन्होंने कहा कि भूमि प्रबंधन का कार्य राजस्व विभाग का है इसलिए भू-अभिलेखों का नियमित तौर पर दुरुस्तीकरण करने सहित समुचित संधारण करें। वहीं आम जनता से संवेदनशीलता बरतें तथा राजस्व प्रकरणों को प्राथमिकता के साथ निराकृत करें। राजस्व अधिकारी अपने निर्धारित मुख्यालय में रहकर दायित्व निर्वहन करें, जिससे अधीनस्थ राजस्व अमले का उत्तरदायित्व बढ़ेगी और कार्यों में गतिशीलता आएगी। इससे आम जनता में राजस्व प्रशासन के प्रति विश्वास में वृद्धि होने के साथ ही अपने कार्यों को पूरा होने की उम्मीद बढ़ती है।
*सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण पत्र प्रदाय के लिए सरलीकृत नियमों का पालन करने के निर्देश*
सामाजिक प्रास्थिति प्रमाण पत्र जारी करने के लिए राज्य शासन के सरलीकृत नियमों का परिपालन किये जाने के निर्देश दिए गए। इस दिशा में अधिकार अभिलेख के अभाव में सामाजिक ताना-बाना,स्थानीय रीति-रिवाज, सामाजिक परंपराओं, वंशावली इत्यादि के आधार पर ग्रामसभा के प्रस्ताव के माध्यम से सामाजिक प्रस्थिति प्रमाण पत्र प्रदाय करें। शैक्षणिक सत्र के शुरुआत को देखते हुए स्कूली बच्चों को जाति,निवास और आय प्रमाण पत्र प्रदाय कार्य में अद्यतन प्रगति लाने के निर्देश दिए गए। उन्होंने इस कार्य के लिए बीईओ,बीआरसी और संकुल समन्वयकों के माध्यम से लक्ष्य के अनुरूप प्रकरण तैयार करने कहा। वहीं युवाओं को भी प्राथमिकता के साथ उक्त सभी प्रमाण पत्र प्रदाय किये जाने के निर्देश दिए गए
कार्यशाला में भू-राजस्व सहिंता 1959 (धारा 109, 110, 178, 248, 250), राजस्व पुस्तक परिपत्र, भू-अभिलेख नियमावली सहित अन्य राजस्व संबंधी अधिनियम के संबंध में जानकारी दी गई। जिसके तहत नामांतरण, बटवारा, सीमांकन एवं अतिक्रमण, मसाहती सर्वे, भू-अर्जन अधिनियम 2013, भू-व्यपर्वतन धारा 172 पर बस्तर के डिप्टी कलेक्टर श्री गगन शर्मा द्वारा, आय, जाति और निवास, आरबीसी 6-4 एवं भूमि आबंटन के विषय पर प्रशिक्षण दी गई।
वन अधिकार मान्यता अधिनियम 2006 के नियमों व प्रावधान, न्यायालयीन प्रक्रिया एवं आदेश लेखन, सूचना का अधिकार अधिनियम 2005, नए कानून तथा राजस्व अधिकारियों के कर्तव्य एवं अधिकार विषय पर विस्तारपूर्वक अवगत कराया गया। इस कार्यशाला में अनुविभागीय राजस्व अधिकारी, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा रीडर शामिल हुए।



