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कोंडागांवछत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेश

*गोगुंडा क्षेत्र में 29 माओवादियों का सामूहिक आत्मसमर्पण, ‘पूना मार्गेम’ से मुख्यधारा में वापसी*

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*छत्तीसगढ़ आजतक, बीजापुर , 14 जनवरी 2026*

सुकमा। जिले के गोगुंडा क्षेत्र में नक्सल उन्मूलन अभियान को बड़ी सफलता मिली है। दरभा डिवीजन अंतर्गत केरलापाल एरिया कमेटी में सक्रिय रहे कुल 29 माओवादी कैडरों ने बुधवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय सुकमा में सामूहिक रूप से आत्मसमर्पण कर छत्तीसगढ़ शासन की “पूना मार्गेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” नीति के तहत मुख्यधारा में लौटने का निर्णय लिया।
आत्मसमर्पण पुलिस अधीक्षक श्री किरण चव्हाण (IPS), 74 वाहिनी सीआरपीएफ के कमांडेंट श्री हिमांशु पांडे, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स श्री रोहित शाह एवं उप पुलिस अधीक्षक नक्सल ऑप्स श्री मनीष रात्रे की उपस्थिति में हुआ। आत्मसमर्पित माओवादी पूर्व में जिले की कई बड़ी नक्सली वारदातों में संलिप्त रहे हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार गोगुंडा क्षेत्र में सुरक्षा कैंप की स्थापना के बाद प्रभावी नक्सल विरोधी अभियानों, निरंतर दबाव और सघन सर्च ऑपरेशनों से माओवादी संगठन की गतिविधियां सीमित हुईं। इसके परिणामस्वरूप कैडरों में संगठन के प्रति मोहभंग हुआ और उन्होंने आत्मसमर्पण का मार्ग चुना। कभी दरभा डिवीजन का सुरक्षित ठिकाना माना जाने वाला गोगुंडा क्षेत्र अब नक्सल मुक्त होने के अंतिम चरण में है।
सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होने के साथ ही क्षेत्र में शासन की कल्याणकारी व विकास योजनाओं का लाभ ग्रामीणों तक पहुंचने लगा है, जिससे स्थानीय जनता का विश्वास प्रशासन के प्रति मजबूत हुआ है। आत्मसमर्पित कैडरों को छत्तीसगढ़ नक्सलवादी आत्मसमर्पण/पीड़ित राहत पुनर्वास नीति–2025 के तहत प्रति व्यक्ति 50 हजार रुपये की प्रोत्साहन राशि सहित अन्य सुविधाएं दी जाएंगी।
इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक श्री किरण चव्हाण ने शेष सक्रिय माओवादियों से अपील करते हुए कहा कि वे हिंसा का रास्ता छोड़कर ‘पूना मार्गेम’ अभियान से जुड़ें और शांति व विकास के मार्ग पर लौटें। उन्होंने नक्सल उन्मूलन में जिला पुलिस बल, सीआरपीएफ 74 वाहिनी एवं कोबरा 201 वाहिनी की भूमिका की सराहना की।

Chhattisgarh Aaj Tak
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