*अब एफआईआर में पुलिस भले लीपापोती करे, लेकिन ये बात रिकॉर्ड में दर्ज हो गई कि जंतर मंतर प्रदर्शन में पैलेट गन चली थी।*
*छत्तीसगढ़ आजतक, कोंडागांव 22 अगस्त 2026*
राहुल गांधी के अच्छे नेता होने पर कभी शक नहीं रहा। उन्होंने कोरोना, जीएसटी से लेकर नोटबंदी तक तमाम मामले पर राय जाहिर की, वो आखिर में सही साबित हुई। उन्होंने यहां तक कहा था कि भारत का अर्थव्यवस्था रसातल में जा रही है और ये बात भी सही साबित हो रही है। भारत का शेयर बाजार अब दुनिया के सबसे कमजोर प्रदर्शन वाले मार्केट में शामिल हो गया।
बस राहुल गांधी के साथ ये दिक्कत थी कि वो आम जनता से कनेक्ट मुद्दों पर सरकार को सख्ती से नहीं घेरते थे। अब वो कमी भी दूर होती दिख रही है। 20 जुलाई को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करने वाले छात्र साहिल का कहना है कि पैलेट गन के छर्रे लगने से उसकी आंख की रोशनी चली गई। लेकिन, दिल्ली पुलिस एफआईआर दर्ज करने से मना कर रही थी।
राहुल गांधी ने इस मुद्दे को लेकर 6 घंटे धरना दिया। उन्होंने साफ कहा कि जब तक एफआईआर दर्ज नहीं होगी, वो धरना खत्म नहीं करेंगे। आखिरकार दिल्ली पुलिस को एफआईआर दर्ज करनी पड़ी। FIR दर्ज करवाने तक राहुल संसद मार्ग थाने के बाहर ही बैठे रहे और FIR के बाद छात्र के साथ थाने से निकले।
अब एफआईआर में पुलिस भले लीपापोती करे, लेकिन ये बात रिकॉर्ड में दर्ज हो गई कि जंतर मंतर प्रदर्शन में पैलेट गन चली थी। और सरकार ने इसे स्वीकार किया। पहले ये तो होता था कि सरकार किसी गलती को लिखित में मानती ही नहीं थी। इसलिए जैसे ही संकट खत्म होता, वो छाती ठोकने आ जाती कि अगर हमारी सरकार न होती, तो देश तबाह हो जाता।
नोटबंदी में इन्होंने यही किया। करोड़ों लोग परेशान हुई। कोई खाते में पैसे होने के बाद भी इलाज नहीं करवा पा रहा था, अपने बेटे-बेटी शादी नहीं कर पा रहा था। क्योंकि सरकार ने बिना ठोस तैयारी के नोटबंदी की। और जनता अपने ही पैसे खाते से निकालने की तरस गई। कितने लोगों की तो लाइन में ही जान चली गई।
लेकिन, सरकार ने इन बातों को कभी लिखित में स्वीकार नहीं किया। यही हाल महामारी में भी हुआ। लाखों जानें गईं। मगर सरकार ने कोर्ट में कहा कि सबकी मौत अलग-अलग वजहों से हुई थी। महामारी से कोई नहीं मरा था। सबसे थाली बजवाई वो अलग। जब संकट खत्म हुआ, तो कहा कि हमने तो बहुत अच्छे से संभाला।
अब राहुल गांधी सही दांव खेल रहे हैं। वो संसद में सरकार को लिखित में मानने के लिए मजबूर कर रहे। एफआईआर दर्ज कराके दस्तावेजी रिकॉर्ड बना रहे हैं। अब सरकार झूठ बोलकर मुकर नहीं पाएगी। और ये कांग्रेस और राहुल गांधी की अब तक की सबसे बड़ी जीतों में से एक है। बस अब सरकार ऐसे ही दबाव बना रहना चाहिए।