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छत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेश

जिला खनिज संस्थान न्यास के शासी परिषद की हुई बैठक

38.60 करोड़ रुपए के कार्यों का किया गया पुनरीक्षित अनुमोदन
योजनाओं के निर्माण में आवश्यकताओं का रखें ध्यान: मंत्री श्री केदार कश्यप

कोण्डागांव, 14 फरवरी 2024--जिला खनिज संस्थान न्यास के शासी परिषद की बैठक आज जिला कार्यालय के प्रथम तल स्थित सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में 38.60 करोड़ रुपए के कार्यों का पुनरीक्षित अनुमोदन किया गया। इसके साथ ही विभिन्न विकास कार्यों पर चर्चा की गई।
वन एवं जलवायु परिवर्तन, जल संसाधन तथा सहकारिता मंत्री श्री केदार कश्यप ने इस अवसर पर कहा कि योजनाओं का निर्माण आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए करना चाहिए, जिससे अधिक से अधिक लोगों को इसका लाभ मिले। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता बरते जाने पर भी जोर दिया। उन्होंने वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में आवश्यकता अनुसार अधोसंरचनाओं के निर्माण के साथ ही युवाओं के विकास के लिए भी कार्य करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि वामपंथी उग्रवाद प्रभावित क्षेत्रों में युवाओं को केंद्र में रखते हुए विकास कार्य करने के साथ ही सतत संवाद स्थापित करने पर भी जोर देने की आवश्यकता है। उन्होंने अंदरुनी क्षेत्रों में रहने वाले युवाओं को प्रतिभा संपन्न बताते हुए कहा कि उनकी प्रतिभा को निखारने के लिए अधिक से अधिक खेल तथा सांस्कृतिक आयोजन किया जाना चाहिए। उन्होंने जनजातीय संस्कृति के संरक्षण हेतु अधिक से अधिक कार्य करने तथा परगना स्तर पर आयोजित मेले-मंडइयों के आयोजन के साथ ही देवगुड़ियों के निर्माण हेतु आवश्यक सहयोग प्रदान करने पर भी जोर दिया। उन्होंने छत्तीसगढ़ शासन के कृषि आधुनिकीकरण के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए कृषि उपकरण के उपयोग को बढ़ावा दिए जाने पर भी जोर दिया। उन्होंने आयरनयुक्त पानी वाले क्षेत्रों में लोगों को स्वच्छ पेयजल की आपूर्ति हेतु कार्य करने पर जोर दिया। इसके साथ ही उन्होंने नदी किनारें विद्युतीकरण करते हुए किसानों को सिंचाई सुविधा उपलब्ध कराने की बात भी कही।
इस अवसर पर कोंडागांव विधायक सुश्री लता उसेंडी ने कहा कि कोंडागांव जिला पर्यटन की संभावनाओं से भरपूर है। यहां पर्यटन संबंधी सुविधाओं का विकास कर रोजगार निर्माण का कार्य किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि यहां इको पर्यटन, वन पर्यटन, शिल्प सहित विभिन्न क्षेत्रों में पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने कहा कि बस्तर पर्यटन की दृष्टि से प्रदेश में महत्वपूर्ण स्थान रखता है तथा इसी कड़ी में जिले के पर्यटकों की आवाजाही को बढ़ाई जा सकती है। उन्होंने इस दौरान जर्जर स्कूलों की तत्काल मरम्मत, अति जर्जर स्कूलों के ध्वस्त करने तथा आश्रम-छात्रावासोें में पेयजल, शौचालय आदि आधारभूत सुविधाएं व्यवस्थित रुप से उपलब्ध कराने पर जोर दिया। उन्होंने सिटी बसों के पुनः संचालन के लिए पहल करने की जरुरत भी बताई।
केशकाल विधायक श्री नीलकंठ टीकाम ने कहा कि छत्तीसगढ़ शासन ने सकल घरेलू उत्पाद को दुगुना करने का लक्ष्य रखा है तथा इस लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए अधिक परिश्रम करने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि यहां के मूल निवासियों के विकास, उनकी प्रतिभा का सदुपयोग, युवाओं को रोजगार आदि के कार्य को प्रमुखता से किए जाने की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंचाने के लिए आवश्यक है कि इनका क्रियान्वयन समय पर हो तथा गुणवत्ता अच्छी हो। उन्होंने आगामी ग्रीष्म ़ऋतु को देखते हुए पेयजल की समुचित व्यवस्था करने की आवश्यकता बताई। इसके साथ ही शैक्षणिक व्यवस्था को सुधारने पर भी जोर दिया। उन्होंने केशकाल घाट को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की आवश्यकता भी बताई। उन्होंने धान खरीदी हेतु स्थायी केन्द्रों के निर्माण के लिए चबुतरों के ऊपर शेड निर्माण हेतु प्रावधान करने को कहा।
इस दौरान कलेक्टर एवं जिला खनिज संस्थान न्यास के अध्यक्ष श्री कुणाल दुदावत ने बताया कि जिले में 2023-24 में 55.10 करोड़ रुपए के 61 कार्यों की स्वीकृति प्रदान की गई थी। आज 38.60 करोड़ रुपए के कार्यों के पुनरीक्षित अनुमोदन हेतु यह बैठक आयोजित की जा रही है। उन्होंने इस दौरान कहा कि जिला प्रशासन द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, रोजगार, स्थानीय संस्कृति के संरक्षण सहित विभिन्न क्षेत्रों में स्थानीय आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए सभी जनप्रतिनिधियों के मार्गदर्शन में निरंतर कार्य करते हुए कोंडागांव केा अग्रणी जिला बनाने की दिशा में कार्य किया जाएगा। कलेक्टर ने कहा कि बंधा तालाब के संरक्षण के साथ ही पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। उन्होंने नदियों के संरक्षण तथा सिंचाई सुविधाओं के विस्तार के लिए किए जा रहे कार्यों के संबंध में भी जानकारी दी। उन्होंने जिला अस्पताल में सिटी स्केन मशीन के रखरखाव के संबंध में किए जा रहे कार्यों के संबंध में भी बताया।
बैठक में जिला पंचायत के अध्यक्ष श्री देवचंद मातलाम, वन मंडलाधिकारी श्री एन गुरुनाथन, श्री आरके जांगड़े, जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री प्रेम प्रकाश शर्मा सहित जिलास्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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