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कोंडागांवछत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेश

*शासन प्रशासन रेत माफियाओं को दे रही सरकारी संरक्षण, देश के चौथे स्तम्भ पर रेत तस्करों द्वारा हमला निंदनीय,हो त्वरित कार्यवाही – झूमूकलाल दीवान*

*प्रदेश की राजस्व मे सेंधमारी कर रहे खनीज अधिकारी समेत समस्त जिम्मेदारों के खिलाफ हो त्वरित कार्यवाही- कांग्रेस*

*छत्तीसगढ़ आजतक,कोण्डागांव 16 जून 2025*

जिला कांग्रेस कमेटी के पूर्व अध्यक्ष झूमूकलाल दीवान ने प्रेस विज्ञप्ति के माध्यम से रेत तस्करों पर हमला बोला है कहा जिले मे रेत तस्करों के बढ़ते हौसले बढ़े हुए हैं रेत माफियाओ को शासन प्रशासन द्वारा सरकारी संरक्षण दिया जा रहा है।कोण्डागांव जिले में अवैध रेत खनन को लेकर लंबे समय से उंगलियां उठती रही हैं, लेकिन अब यह मामला और भी गंभीर हो गया है जब 10 जून की रात पत्रकारों पर रेत माफिया के गुर्गों ने जानलेवा हमला कर दिया।
कांग्रेस ने कहा है कि रेत माफिया के गुर्गों द्वारा पत्रकारों पर हमला लोकतंत्र पर हमला है, और जिला प्रशासन तथा पुलिस की चुप्पी यह दर्शाती है कि पूरा सिस्टम माफियाओं के इशारे पर काम कर रहा है।

*10 जून की रात हुई थी घटना*

घटना 10 जून की रात लगभग 8 बजे से 10 बजे के बीच की है। पत्रकारों की एक टीम को सूचना मिली थी कि ग्राम दण्डवन के पास नारंगी नदी क्षेत्र में अवैध रूप से रेत खनन हो रहा है। जब वे कवरेज के लिए पहुंचे तो देखा गया कि कई पोकलेन मशीनें और टिपर वाहनों से रेत निकाली जा रही थी।जब पत्रकारों ने रिकार्डिंग शुरू की, तभी कुछ संदिग्ध युवक वहां आए और पत्रकारों पर हमला कर दिया। उन्हें धक्का-मुक्की की गई, मोबाइल और कैमरे छीनने की कोशिश हुई और जान से मारने की धमकियां दी गईं। किसी तरह पत्रकार वहां से जान बचाकर निकले और घटना की रात्र माकड़ी थाने में शिकायत दर्ज करवाई।

*5 दिन बाद भी न कोई गिरफ्तारी, न कोई कार्रवाई*

हमले को पांच दिन बीत चुके हैं, लेकिन न तो पुलिस हमलावरों की गिरफ्तारी कर सकी है और न ही जिला प्रशासन एक भी टिपर या पोकलेन जब्त कर सका है। घटना के बाद पूरे मीडिया जगत में आक्रोश है, लेकिन प्रशासन और खनिज विभाग मूक दर्शक बने हुए हैं।
यह घटना यह साबित करती है कि प्रशासन और भाजपा सरकार माफियाओं को खुली छूट दे रखी है। लोकतंत्र का चौथा स्तंभ जब असुरक्षित हो गया है, तो आम नागरिक की सुरक्षा की क्या गारंटी?

*पत्रकारों पर हमला, लोकतंत्र पर हमला – कांग्रेस*

कांग्रेस ने इस हमले को लोकतंत्र पर सीधा हमला बताया है। पूर्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष झुमुकलाल दिवान ने कहा कि भाजपा सरकार बनने के बाद अपराध और माफियाराज पूरे राज्य में पैर पसार रहा है। उन्होंने कहा, अब पत्रकार भी सुरक्षित नहीं हैं। यदि प्रशासन और पुलिस समय रहते कार्रवाई नहीं करती है तो हम उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे।
दिवान ने पूछा कि आखिर किसके संरक्षण में रात के अंधेरे में इतनी बड़ी संख्या में मशीनें और टिपर नदियों में बेरोकटोक रेत निकाल रहे हैं? प्रशासन के पास सब कुछ जानते हुए भी चुप रहने का क्या कारण है?

*लिखित शिकायत के बाद भी नहीं हो रही कार्यवाही*

खनिज विभाग मे कई दफे लिखित शिकायत भी की गयी है उसके बावजूद खनीज माफियाओ रेत तस्करों के खिलाफ कोई कार्यवाही नहीं की जा रही है इससे साफ प्रदर्शित होता है की खनीज विभाग की मिली भगत है खनीज अधिकारी के खिलाफ त्वरित कार्यवाही होनी चाहिए।

*राजस्व की हो रही हानि फिर भी प्रशासन मौन*

रेत तस्करो द्वारा रेत को अवैध तरिके से उत्तखनन कर अन्य प्रदेशों मे बेचा जा रहा है इससे कहीं न कहीं प्रदेश के राजस्व की हानि हो रही है फिर भी कोई कार्यवाही नहीं करना प्रशासन के साथी साथ शासन स्तर तक मिलीभगत को प्रदर्शित करता है।

*कोण्डागांव में रेत माफिया बेलगाम*

कांग्रेस के पूर्व जिला अध्यक्ष दिवान आगे कहा कि कोण्डागांव जिले की नदियों—नारंगी सहित अन्य स्थानों से रेत का अवैध खनन कोई नई बात नहीं है। लेकिन पिछले कुछ महीनों में इसमें अप्रत्याशित बढ़ोतरी हुई है। रेत को ओडिशा तक ले जाया जा रहा है और एक-एक टिपर 30 से 40 हजार रुपये में बेचा जा रहा है। खनिज विभाग, राजस्व अमला और पुलिस पूरी तरह मौन है। जब ग्रामीण व पत्रकार इसकी शिकायत करते हैं, तो कोई मौके पर नहीं पहुंचता। यदि पहुंचते भी हैं तो कार्रवाई के बजाय खानापूर्ति कर लौट जाते हैं। इससे ग्रामीणों और जागरूक नागरिकों का भरोसा तंत्र पर से उठता जा रहा है।

*प्रशासन की भूमिका पर उठे सवाल*

प्रशासन और पुलिस माफियाओं से मिलीभगत के कारण चुप हैं। उन्होंने मांग की है कि खनिज विभाग के अधिकारियों समेत संबंधित अधिकारीयों की भूमिका की भी जांच की जाए। यदि उन्होंने लापरवाही बरती है तो उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई होनी चाहिए अगर कार्यवाही नहीं हुई तो आने वाले समय मे उग्र आंदोलन किया जाएगा जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी जिला प्रशासन की होगी।

Chhattisgarh Aaj Tak

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