WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.01 PM
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.01 PM (1)
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.02 PM
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.02 PM (1)
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.02 PM (2)
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.03 PM
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.03 PM (1)
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.04 PM

Breaking
*अण्डर ट्रायल रिव्यू कमेटी, मॉनिटरिंग सेल एवं नेशनल लोक अदालत के संबंध में कोण्डागांव जिले के अधिकारियों का बैठक हुआ सम्पन्न।**राहुल गांधी का संसद मार्ग थाने का घेराव,पेलेट गन से घायल युवक की एफआईआर नहीं होने से 6घंटे तक दिया धरना**वंदेमातरम् राष्ट्रगीत है, राष्ट्रीयता की कसौटी नही**लाल किले का भाषण और फासीवादी एजेंडा की खुलती परतें**साइबर क्राइम के विरुद्ध छत्तीसगढ़ पुलिस का “साइबर जागृति अभियान”**मंदिर के चढ़ावे से विपक्षी सांसदों तक डाकेजनी!**एन एच एम में बड़ी कार्रवाई: वित्तीय अनियमितता मामले में डीपीएम, डीएएम और डीटीसी की संविदा सेवा समाप्त**यूनिसेफ प्रतिनिधिमंडल ने शंकरपुर में सामुदायिक पहल कार्यों का किया अवलोकन**शाला प्रवेश उत्सव में विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों ने ली नशा मुक्ति की शपथ**महंगाई, बेरोजगारी एवं डीज़ल-पेट्रोल की कीमतों पर नियंत्रण करने सहित कमी दूर करने सीपीआई ने 6 मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा*

कोंडागांवछत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेशमांग

*कई सालों से भवन जर्जर हैं, बरकई की प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला की*

WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.04 PM
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.03 PM (1)
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.03 PM
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.02 PM (2)

2019 से मरम्मत और नवीन भवन निर्माण के लिए दे रहे आवेदन ग्रामीणजन

*छत्तीसगढ़ आजतक,कोण्डागांव 18 सितम्बर 2025*

बरकई की प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला की भवनों के विगत कई सालों से जर्जर होने एवं वर्श 2019 से मरम्मत और नवीन भवन निर्माण के लिए ग्रामीणजनों द्वारा लिखित में आवेदन देते रहने के बाद भी षासन-प्रषासन के द्वारा आदिवासी सहित अन्य स्थानीय बच्चों के हित में न ही मरम्मत और न ही नवीन भवन निर्माण के लिए आवष्यक बजट उपलब्ध नहीं करा पा रहे होने का मामला तब सामने आया जब ग्राम बरकई के तुलसीप्रसाद पाण्डे, लखूराम सेठिया, अनिल कुमार मरकाम, फूलेष्वरी महावीर, सलेन्तीन मरकाम, बुद्धेष्वर बघेल आदि सहित अन्य ग्रामवासियों के द्वारा 16 सितम्बर को जिला कलेक्टर जनदर्षन में पहुंचकर लिखित में आवेदन दिए जाने के साथ ही प्रेस को भी प्राथमिक एवं पूर्व माध्यमिक शाला भवनों के अत्यंत जर्जर होने की स्थित की जानकारी दी गई।
ग्राम बरकई बड़ेपारा के उपरोक्त ग्रामवासियों के द्वारा कलेक्टर को जिले के विकास खण्ड माकड़ी के ग्राम बरकई में स्थित प्राथमिक शाला एवं पूर्व माध्यमिक शाला भवनों के जर्जर होने तथा उसके स्थान पर नए शाला भवनों का निर्माण के सम्बन्ध में दिए गए आवेदन पत्र में लेख किया गया है कि ग्राम बरकई बड़ेपारा का प्राथमिक शाला भवन पूर्ण रुप से जर्जर हो चुका है, उसके स्थान पर सीएससी भवन में वैकल्पिक व्यवस्था की गई है, किन्तु उसमें भी कमरे की कमी के कारण कक्षा 01 ली से 03 री तक बच्चों को एक कमरे में तथा कक्षा 04 थी एवं 05 वीं तक के बच्चों को अन्य दूसरे कमरे में कुल 72 बच्चों को अध्ययन कराया जा रहा है, जिसके कारण बच्चों की पढ़ाई अच्छे से नहीं पा रही है। ठीक इसी प्रकार पूर्व माध्यमिक शाला भवन भी पूर्णरुप से क्षतिग्रस्त हो गया है और जो उपयोग करने लायक नहीं है, फिर भी स्थान की कमी के कारण 47 बच्चों को उक्त भवन में ही तालपत्री तानकर कक्षा लगाया जा रहा है, जिसका छत कभी भी गिर सकता है एवं जन धन की हानि भी संभव है।
उक्त दोनों भवनों के संबंध में विभाग के समस्त जवाबदार अधिकारियों को भी लिखित में वर्ष 2019 से पत्राचार किया गया है, किन्तु आज पर्यंत किसी भी अधिकारियों के द्वारा कोई कार्यवाही नहीं किया गया है। उक्त दोनों भवनों के स्थान पर नये भवन निर्माण कराए जाने की तत्काल आवश्यकता है।
आवेदकगण/पालकगण के आवेदन को स्वीकार करके उक्त जर्जर भवनों को डिसमेंटल करके उनके स्थान पर नये भवनों का निर्माण करने हेतु आदेश देने का आग्रह किया गया है।
ज्ञात हो कि जिले के ब्लॉक माकड़ी के ही ग्राम पंचायत मगेदा के आश्रित ग्राम भतवा के ग्रामीण जनों के द्वारा भी जन दर्षन में लगभग एक माह ही पूर्व प्राथमिक षाला भवन के अत्यंत जर्जर होने तथा विगत कई वर्श पूर्व से प्राथमिक षाला भवन के जर्जर होने की सूचना वर्श 2023 से षिक्षा विभाग के अधिकारियों को देने के बाद भी मरम्मत नहीं किए जाने के सम्बन्ध में आवेदन पत्र देकर जल्द से जल्द भवन का मरम्मत कराने का कलेक्टर से आग्रह किया गया था, लेकिन न षासन और न प्रषासन ही मामले में कोई सकारात्मक पहल करती नजर आ रही है।
षासन-प्रषासन के उपरोक्त व्यवहार को देखते हुए जागरुक ग्रामीणजन कह रहे हैं कि ऐसा प्रतित हो रहा है कि षासन-प्रषासन की जिले के आदिवासी सहित अन्य स्थानीय जनों के बच्चों के प्रति जिम्मेदारी और संवेदनाएं खत्म हो चुकी है।

Chhattisgarh Aaj Tak
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.01 PM
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.01 PM (1)
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.02 PM
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.02 PM (1)

Related Articles