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कोंडागांवछत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेश

*राज्य के बस्तर को एयरपोर्ट के साथ मिला विमान सेवा की सुविधा से अब तक लगभग तीन लाख यात्रियों ने भरी उड़ान*

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*छत्तीसगढ़ रजत महोत्सव 2025*

*नियमित उड़ान सेवा से बड़े शहरों से जुड़ा बस्तर संभाग*

*छत्तीसगढ़ आजतक,जगदलपुर 7 सितंबर 2025*

छत्तीसगढ़ राज्य का गठन 1 नवंबर 2000 को भारत के 26वें राज्य के रूप में हुआ। मध्यप्रदेश से अलग होकर बने इस राज्य ने अल्प समय में ही विकास की नई ऊँचाइयाँ छुई हैं। समृद्ध खनिज संपदा, घने वन, विविध जनजातीय संस्कृति और कृषि आधारित अर्थव्यवस्था छत्तीसगढ़ की पहचान रही है।इस पच्चीस वर्ष में राज्य निर्माण के बाद शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क, सिंचाई, उद्योग और ऊर्जा के क्षेत्र में लगातार प्रगति दर्ज की गई। ग्रामीण अंचलों में बिजली, पेयजल और संचार व्यवस्था के विस्तार से जनजीवन में व्यापक सुधार आया है।खनिज आधारित उद्योगों और इस्पात संयंत्रों ने छत्तीसगढ़ को औद्योगिक मानचित्र पर विशेष पहचान दिलाई है। वहीं बस्तर, सरगुजा और अन्य जनजातीय अंचलों में पर्यटन और सांस्कृतिक धरोहरों को भी नई पहचान मिल रही है।इन सभी क्षेत्रों के अलावा बीते पच्चीस सालों में आवागमन की सुविधाओं में भी इज़ाफ़ा हुआ विशेषकर विमान सेवाओं के विस्तार पर राजधानी रायपुर के साथ-साथ बस्तर, बिलासपुर और अंबिकापुर भी विमान सेवाओं से जुड़ा।

बस्तर जिले की विमान सेवा को देखे तो जगदलपुर एयरपोर्ट, जिसका नया नाम माँ दंतेश्वरी हवाई अड्डा है, का निर्माण द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान ब्रिटिश काल में वर्ष 1939 में शुरू किया गया था और इसे जहाज भाटा के नाम से जाना जाता था। नियमित व्यावसायिक उड़ान सेवा सितंबर 2020 को एलायंस एयर द्वारा हैदराबाद और रायपुर के लिए शुरू की गई थी।

पुनर्विकास और उड़ान योजना के तहत वर्ष 2017 में, भारतीय विमानपत्तन प्राधिकरण (AAI) द्वारा उड़ान योजना के तहत हवाई अड्डे के उन्नयन के लिए भूमिपूजन किया गया। वर्ष 2019 में एयरफील्ड को 3 सी श्रेणी में अपग्रेड किया गया, जिससे एटीआर-72 जैसे विमानों के संचालन की अनुमति मिली।2020 में एयरपोर्ट का नामकरण छत्तीसगढ़ सरकार द्वारा बस्तर की आराध्य देवी माँ दंतेश्वरी के नाम पर माँ दंतेश्वरी हवाई अड्डा, जगदलपुर कर दिया।सितंबर 2020 को, एलायंस एयर ने एटीआर -72 विमानों का उपयोग करके जगदलपुर से हैदराबाद और रायपुर के लिए उड़ानें शुरू कीं, जिससे क्षेत्र में नियमित हवाई सेवा की शुरुआत हुई। एलायंस एयर अब दिल्ली से भी जगदलपुर को जोड़ती है सप्ताह में दो दिन दिल्ली, जबलपुर और बिलासपुर के लिए उड़ान भरती है। मार्च 2024 में, इंडिगो ने हैदराबाद-जगदलपुर-रायपुर के बीच दैनिक उड़ान सेवा शुरू की, जिससे यात्रियों के लिए कनेक्टिविटी और बढ़ी।साथ ही इंडिगो की विशेष विमान पैरा मिलिटरी फ़ोर्स के लिए सप्ताह में एक दिन दिल्ली के लिए रवाना होने लगी है ।
बस्तर संभाग मुख्यालय जगदलपुर में एयरपोर्ट के निर्माण और यात्री उड़ान सेवाओं की शुरुआत से क्षेत्र के विकास को नई गति मिली है। लंबे समय से प्रतीक्षित यह सुविधा अब स्थानीय लोगों के लिए आकाश मार्ग को आसान बना रही है।एयरपोर्ट के संचालन से राजधानी रायपुर, हैदराबाद और अन्य प्रमुख शहरों तक सीधी हवाई कनेक्टिविटी उपलब्ध हो रही है। इससे व्यापार, पर्यटन और शिक्षा के क्षेत्र को लाभ पहुँचा है। स्थानीय उत्पाद जैसे बस्तर की हर्बल वस्तुएं, हस्तशिल्प और वनोपज अब बड़े बाजारों तक आसानी से पहुँच रहे हैं।पर्यटन क्षेत्र को भी बड़ा प्रोत्साहन मिला है, चित्रकूट और तीरथगढ़ जलप्रपात, कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान तथा बस्तर दशहरा जैसे आकर्षणों तक देश-विदेश से पर्यटकों की पहुँच आसान हो गई है।

स्वास्थ्य सुविधाओं में भी सुधार हुआ है, क्योंकि अब गंभीर मरीजों को बड़े शहरों तक शीघ्र हवाई मार्ग से पहुँचाया जा सकता है। साथ ही, विद्यार्थियों और युवाओं को रोजगार और शिक्षा हेतु बड़े शहरों की ओर जाने में सहूलियत मिली है।जगदलपुर एयरपोर्ट का निर्माण बस्तर अंचल के लिए विकास का नया द्वार साबित हो रहा है और आने वाले समय में इसे आर्थिक प्रगति का महत्वपूर्ण केंद्र माना जा रहा है। बस्तर के अंदरूनी इलाकों के रहवासी भी विमान में उड़ानभरने का ख्वाब देख सकते हैं जैसे अबूझमाढ़ के लालू राम मंडावी ने सितंबर 2020 में पहले यात्री के रूप हवाई यात्रा की थी। नियमित विमान सेवा के उपरांत जगदलपुर एयरपोर्ट से अब तक लगभग तीन लाख यात्रियों ने उड़ान भरी है ।

*सिटी ब्यूरो जगदलपुर जय प्रकाश सिंह (मुनमुन सिंह)*

Chhattisgarh Aaj Tak
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