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कोंडागांवछत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेशमांग

*पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास बकावण्ड में छात्र की मौत पर बस्तर NSUI ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन*

*छत्तीसगढ़ आजतक,जगदलपुर बस्तर,13 दिसंबर 2024*

बस्तर जिले के बकावंड ब्लॉक स्थित पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास में त्रिनाथ कश्यप, पिता जग्गू कश्यप, ग्राम कोसमी, एकटागुड़ा निवासी, की असमय मृत्यु से पूरे जिले में आक्रोश फैल गया है। घटना के बाद से ही छात्रावास में व्याप्त लापरवाही और असुविधाओं को लेकर सवाल उठाए जा रहे हैं।

त्रिनाथ, जो छात्रावास में रहकर पढ़ाई कर रहा था, उसकी मृत्यु छात्रावास अधीक्षक की लापरवाही और वहां की खराब स्थिति का परिणाम प्रतीत हो रही है। इस घटना ने न केवल त्रिनाथ के परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है, बल्कि यह प्रदेश के छात्रावासों में व्याप्त बदहाल स्थिति को भी उजागर करती है।

बस्तर NSUI की जिला ग्रामीण इकाई की अध्यक्ष नीलम कश्यप ने इस मामले में कड़ा रुख अपनाते हुए शुक्रवार को बस्तर कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने भाजपा सरकार और प्रशासन पर निशाना साधते हुए कहा कि “प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद से छात्रों की सुरक्षा और सुविधा की अनदेखी लगातार बढ़ रही है। छात्रावासों और शैक्षणिक संस्थानों में सुविधाओं की कमी और लापरवाही के चलते ऐसी घटनाएं आम होती जा रही हैं। त्रिनाथ कश्यप की मृत्यु इसी प्रशासनिक उदासीनता का जीता-जागता उदाहरण है।”

*NSUI ने उठाई ये प्रमुख मांगे:*

1. छात्रावास अधीक्षक की निलंबन: त्रिनाथ की मौत के लिए जिम्मेदार छात्रावास अधीक्षक की लापरवाही पर तत्काल कार्रवाई की जाए और उन्हें निलंबित किया जाए।

2. मुआवजा: मृतक त्रिनाथ कश्यप के परिवार को उचित मुआवजा प्रदान किया जाए ताकि वे इस कठिन समय में आर्थिक सहायता प्राप्त कर सकें।

3. न्यायिक जांच: इस घटना की गहन न्यायिक जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए।

 

*त्रिनाथ की मौत पर सरकार और प्रशासन पर आरोप-*

नीलम कश्यप ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि, “भाजपा के शासन में छात्रों के हित और सुरक्षा की अनदेखी हुई है। यह घटना सरकार और प्रशासन की नाकामी को दिखाती है। छात्रावासों में बुनियादी सुविधाओं का अभाव और प्रशासनिक लापरवाही जैसी समस्याएं आम हो गई हैं। त्रिनाथ जैसे मासूम बच्चों की मौत को किसी भी हालत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

उन्होंने आगे कहा कि यदि इन मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं की गई तो NSUI बस्तर उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगा। संगठन ने स्पष्ट किया कि छात्रों के अधिकारों और उनकी सुरक्षा के लिए किसी भी हद तक लड़ाई लड़ी जाएगी।

*छात्रावास की स्थिति पर गंभीर सवाल-*

इस घटना ने बस्तर के छात्रावासों की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। ग्रामीण और आदिवासी क्षेत्रों के ये छात्रावास छात्रों के लिए रहने और पढ़ाई का मुख्य केंद्र हैं, लेकिन इनकी स्थिति दयनीय है। बुनियादी सुविधाओं जैसे भोजन, साफ पानी और स्वास्थ्य सेवाओं की कमी के कारण छात्रों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ता है।

एक छात्र ने बताया, “हमारे छात्रावास में न तो साफ पानी की व्यवस्था है, न ही समय पर भोजन मिलता है। बीमार पड़ने पर भी कोई ध्यान नहीं देता। त्रिनाथ भाईया की मौत के बाद सभी छात्र डरे हुए हैं।

*घटना ने प्रदेश में सुरक्षा पर बढ़ाई चिंता-*

त्रिनाथ की असमय मौत ने प्रदेश के छात्रावासों में छात्रों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ा दी है। इस घटना ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि कब तक छात्र इन लापरवाहियों का खामियाजा भुगतेंगे?

*NSUI ने आंदोलन की दी चेतावनी-*

घटना के विरोध में NSUI ने कलेक्टर को ज्ञापन देते हुए प्रशासन को चेतावनी दी कि यदि छात्रों की सुरक्षा और सुविधाओं को लेकर उचित कदम नहीं उठाए गए तो संगठन बस्तर जिले में आंदोलन शुरू करेगा। नीलम कश्यप ने कहा, “यह हमारी जिम्मेदारी है कि छात्रों की आवाज बनें। हम तब तक नहीं रुकेंगे जब तक त्रिनाथ के परिवार को न्याय नहीं मिलता और दोषियों पर कार्रवाई नहीं होती।

त्रिनाथ कश्यप की मौत ने प्रदेश में छात्र सुरक्षा और शैक्षणिक संस्थानों की स्थिति को लेकर गंभीर बहस छेड़ दी है। अब यह देखना होगा कि प्रशासन और भाजपा सरकार इस मामले में क्या कदम उठाते हैं। वहीं, त्रिनाथ का परिवार और NSUI इस मामले में न्याय की प्रतीक्षा कर रहे हैं। मुख्य रूप से उपस्थित रहे nsui प्रदेश महासचिव m ज्योति राव जी,nsui प्रवक्ता उस्मान रजा जी, चमनलाल देहारी, जिला महासचिव खेमराज सेठिया, खिरेंद्र यादव, समीर खान एवं अन्य|

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