*बीजापुर जिले के भैरमगढ़ ब्लॉक के अबूझमाड़ क्षेत्र में आदिवासियों की ज़मीन हड़पने का मामला गरमाता जा रहा है।*

*रायपुर के उद्योगपति महेंद्र गोयनका पर 127 एकड़ ज़मीन कब्जाने के आरोप के बाद कांग्रेस की जांच समिति सक्रिय हो गई है।*
कांग्रेस की नौ सदस्यीय टीम ने की जांच
*छत्तीसगढ़ आजतक, बीजापुर 6 नवम्बर 2025*
प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देश पर नौ सदस्यीय समिति गठित की गई है। समिति का नेतृत्व विधायक संतराम नेताम कर रहे हैं। दल में बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी, पूर्व उपाध्यक्ष केशकाल विधायक संतराम नेताम, पूर्व विधायक राजमन बेंजाम, छविंद्र कर्मा, हरीश कवासी, नीना रावित्या उइके, शंकर कुडियम, लालू राठौर और लच्छू राम मोर्य शामिल हैं।
पुलिस ने रोका, फिर भी ग्रामीणों तक पहुंची टीम
5 नवंबर को जांच समिति के सदस्य प्रभावित गांव बेल, धरमा, मरकापाल और बड़ेपल्ली जाने निकले। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए पुलिस ने उन्हें इंद्रावती नदी पार करने की अनुमति नहीं दी। बावजूद इसके, प्रभावित ग्रामीण खुद नदी पार कर भैरमगढ़ ब्लॉक के उस्सुरी घाट पहुंचे और समिति के सामने अपनी बात रखी। ग्रामीणों ने बताया कि उन्हें गुमराह कर ज़मीन उद्योगपति के नाम दर्ज कर दी गई।
SDM और थाने को सौंपा गया ज्ञापन
जांच समिति ने भैरमगढ़ SDM को ज्ञापन सौंपकर उद्योगपति महेंद्र गोयनका और उनकी पत्नी मीनू गोयनका पर कार्रवाई की मांग की। साथ ही भैरमगढ़ थाने में आवेदन देकर FIR दर्ज करने और ज़मीन वापस दिलाने की मांग की गई।
सरकार पर कांग्रेस का हमला
विधायक विक्रम मंडावी ने भाजपा सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सरकार नक्सल-मुक्त बस्तर का दावा करती है, लेकिन यहां उद्योगपतियों को संरक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि बिना ग्रामसभा की अनुमति के इतनी बड़ी ज़मीन किसी उद्योगपति के नाम कैसे हो सकती है?
समिति के संयोजक संतराम नेताम ने कहा कि पीड़ितों से मिलने से रोकना इस बात का प्रमाण है कि प्रशासन उद्योगपतियों के पक्ष में काम कर रहा है। कांग्रेस ने इस पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच और आदिवासियों की ज़मीन तत्काल वापस दिलाने की मांग की है।



