*मुख्यधारा में लौटे 51 माओवादी — “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” योजना का प्रभाव*

*छत्तीसगढ़ आजतक, बीजापुर 29 अक्टूबर 2025*
राज्य शासन की “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” नीति के अंतर्गत बीजापुर जिले में 51 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में वापसी की है। इनमें 9 महिलाएं और 42 पुरुष शामिल हैं, जिन पर कुल ₹66 लाख का इनाम घोषित था।
इन आत्मसमर्पण करने वालों में पीएलजीए बटालियन, कंपनी सदस्य, एरिया कमेटी पार्टी सदस्य, एलओएस और जनताना सरकार संगठन से जुड़े कई पदाधिकारी शामिल हैं।
वर्ष 2025 में अब तक 461 माओवादी आत्मसमर्पण, 138 मारे गए और 485 गिरफ्तार हुए हैं। वहीं 2024 से अब तक कुल 650 माओवादी मुख्यधारा में लौट चुके हैं।
आत्मसमर्पण करने वाले प्रत्येक माओवादी को ₹50,000 की पुनर्वास राशि दी जाएगी। इस अभियान में डीआरजी, बस्तर फाइटर्स, एसटीएफ, केरिपु और कोबरा बलों की अहम भूमिका रही।
एसपी डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने कहा —
सरकार की पुनर्वास नीति से माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़ रहे हैं। मैं अन्य माओवादियों से अपील करता हूँ कि वे समाज की मुख्यधारा में लौटें और शांति व विकास में भागीदार बनें।”
“पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” योजना के तहत आत्मसमर्पण की यह बड़ी संख्या बीजापुर जिले में स्थायी शांति और बढ़ते जनविश्वास का प्रतीक है।



