Breaking
*महंगाई, बेरोजगारी एवं डीज़ल-पेट्रोल की कीमतों पर नियंत्रण करने सहित कमी दूर करने सीपीआई ने 6 मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा**एक प्रवक्ता के ‘आखेट’ में झलकती डॉ.आंबेडकर के विचारों से घृणा!**बस्तर में सड़कों और पुलों के काम में आएगी तेजी, लोक निर्माण विभाग के सचिव ने अधिकारियों व ठेकेदारों की ली बैठक**सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की ‘परजीवी’ और ‘कॉकरोच’ वाली टिप्पणी पर मनोज झा की खुली चिट्ठी**जिला कोंडागाँव में नवीन जिला एवं सत्र न्यायालय भवन के निर्माण से बेहतर कार्य-वातावरण निर्मित होगा एवं न्यायिक प्रक्रिया में तेजी के साथ उच्च गुणवत्तायुक्त न्याय सुविधापूर्वक सुलभ हो सकेगा–माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर**मुख्य न्यायाधिपति छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, द्वारा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय भवन,कोण्डागांव का भूमि पूजन एवं शिलान्यास**शिक्षा में गुणात्मक सुधार एवं बोर्ड परीक्षा में बेहतर परिणाम हेतु टीचर्स एसोसिएशन ने शासन को दिया ज्ञापन**जिला न्यायालय परिसर कोण्डागांव में आयोजित नेशनल लोक अदालत**कोंडागांव में बनेगा मल्टी यूटिलिटी सेंटर**अण्डर ट्रायल रिव्यू कमेटी, मॉनिटरिंग सेल,नेशनल लोक अदालत एवं हिट एंड रन के संबंध में जिले के अधिकारियों के साथ बैठक हुआ सम्पन्न*

कोंडागांवछत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेश

*मुख्यधारा में लौटे 51 माओवादी — “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” योजना का प्रभाव*

*छत्तीसगढ़ आजतक, बीजापुर 29 अक्टूबर 2025*

राज्य शासन की “पूना मारगेम : पुनर्वास से पुनर्जीवन” नीति के अंतर्गत बीजापुर जिले में 51 माओवादी कैडरों ने आत्मसमर्पण कर समाज की मुख्यधारा में वापसी की है। इनमें 9 महिलाएं और 42 पुरुष शामिल हैं, जिन पर कुल ₹66 लाख का इनाम घोषित था।

इन आत्मसमर्पण करने वालों में पीएलजीए बटालियन, कंपनी सदस्य, एरिया कमेटी पार्टी सदस्य, एलओएस और जनताना सरकार संगठन से जुड़े कई पदाधिकारी शामिल हैं।

वर्ष 2025 में अब तक 461 माओवादी आत्मसमर्पण, 138 मारे गए और 485 गिरफ्तार हुए हैं। वहीं 2024 से अब तक कुल 650 माओवादी मुख्यधारा में लौट चुके हैं।

आत्मसमर्पण करने वाले प्रत्येक माओवादी को ₹50,000 की पुनर्वास राशि दी जाएगी। इस अभियान में डीआरजी, बस्तर फाइटर्स, एसटीएफ, केरिपु और कोबरा बलों की अहम भूमिका रही।

एसपी डॉ. जितेंद्र कुमार यादव ने कहा —

सरकार की पुनर्वास नीति से माओवादी हिंसा का रास्ता छोड़ रहे हैं। मैं अन्य माओवादियों से अपील करता हूँ कि वे समाज की मुख्यधारा में लौटें और शांति व विकास में भागीदार बनें।”

“पूना मारगेम – पुनर्वास से पुनर्जीवन” योजना के तहत आत्मसमर्पण की यह बड़ी संख्या बीजापुर जिले में स्थायी शांति और बढ़ते जनविश्वास का प्रतीक है।

Chhattisgarh Aaj Tak

Related Articles