Breaking
*यूनिसेफ प्रतिनिधिमंडल ने शंकरपुर में सामुदायिक पहल कार्यों का किया अवलोकन**शाला प्रवेश उत्सव में विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों ने ली नशा मुक्ति की शपथ**महंगाई, बेरोजगारी एवं डीज़ल-पेट्रोल की कीमतों पर नियंत्रण करने सहित कमी दूर करने सीपीआई ने 6 मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा**एक प्रवक्ता के ‘आखेट’ में झलकती डॉ.आंबेडकर के विचारों से घृणा!**बस्तर में सड़कों और पुलों के काम में आएगी तेजी, लोक निर्माण विभाग के सचिव ने अधिकारियों व ठेकेदारों की ली बैठक**सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की ‘परजीवी’ और ‘कॉकरोच’ वाली टिप्पणी पर मनोज झा की खुली चिट्ठी**जिला कोंडागाँव में नवीन जिला एवं सत्र न्यायालय भवन के निर्माण से बेहतर कार्य-वातावरण निर्मित होगा एवं न्यायिक प्रक्रिया में तेजी के साथ उच्च गुणवत्तायुक्त न्याय सुविधापूर्वक सुलभ हो सकेगा–माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर**मुख्य न्यायाधिपति छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, द्वारा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय भवन,कोण्डागांव का भूमि पूजन एवं शिलान्यास**शिक्षा में गुणात्मक सुधार एवं बोर्ड परीक्षा में बेहतर परिणाम हेतु टीचर्स एसोसिएशन ने शासन को दिया ज्ञापन**जिला न्यायालय परिसर कोण्डागांव में आयोजित नेशनल लोक अदालत*

कोंडागांवछत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेश

*जिला सुकमा में नक्सल प्रभावित क्षेत्र उरसांगल में नवीन सुरक्षा कैम्प की स्थापना*

*छत्तीसगढ़ आज तक, बीजापुर 25 दिसंबर2025*

छत्तीसगढ़ के नक्सल प्रभावित जिला सुकमा के ग्राम उरसांगल में पुलिस प्रशासन द्वारा एक नवीन सुरक्षा कैम्प की स्थापना की गई है। यह कैम्प छत्तीसगढ़ शासन की महत्वाकांक्षी योजना “नियद नेल्ला नार” के अंतर्गत स्थापित किया गया है, जिसका उद्देश्य सुदूर एवं अति संवेदनशील क्षेत्रों में सुरक्षा, विकास और जनकल्याणकारी योजनाओं को गति देना है।
नवीन सुरक्षा कैम्प की स्थापना के अवसर पर सिविक एक्शन प्रोग्राम का आयोजन किया गया, जिसमें ग्रामीणों को साड़ी एवं कपड़े वितरित किए गए। साथ ही “पोदला उरस्कना” (वृक्षारोपण) एवं “एक पेड़ शहीद की मां के नाम” अभियान के तहत पौधारोपण भी किया गया।
प्रशासन के अनुसार, सुरक्षा कैम्प स्थापित होने से क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था सुदृढ़ होगी और ग्रामीणों को सड़क, पुल-पुलिया, बिजली, पानी, स्वास्थ्य सुविधा, पीडीएस दुकान, शिक्षा एवं मोबाइल कनेक्टिविटी जैसी मूलभूत सुविधाओं का सीधा लाभ मिलेगा। इससे नक्सल विरोधी अभियानों में भी तेजी आने की उम्मीद है।
बताया गया कि वर्ष 2024 से अब तक जिला सुकमा में कुल 23 नवीन सुरक्षा कैम्पों की स्थापना की जा चुकी है। इन प्रयासों के परिणामस्वरूप नक्सल उन्मूलन की दिशा में उल्लेखनीय सफलता मिली है। इसी अवधि में 599 नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया है, जबकि सुरक्षा बलों ने विभिन्न अभियानों में 71 माओवादियों को मार गिराया और 460 माओवादियों को गिरफ्तार किया है।
यह सम्पूर्ण अभियान श्री सुन्दरराज पी. (पुलिस महानिरीक्षक, बस्तर रेंज), श्री कमलोचन कश्यप (पुलिस उप महानिरीक्षक, दंतेवाड़ा रेंज), श्री आनंद राजपुरोहित (उप महानिरीक्षक, सीआरपीएफ सुकमा रेंज) के मार्गदर्शन तथा श्री किरण चव्हाण (पुलिस अधीक्षक, सुकमा), श्री कुमार मयंक (कमांडेंट, 159 बीएन सीआरपीएफ), श्री अमित चौधरी (कमांडेंट, कोबरा 201) सहित वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में संचालित किया गया।
नवीन सुरक्षा कैम्प की स्थापना से क्षेत्र के ग्रामीणों में उत्साह का माहौल है और इसे माओवाद के विरुद्ध एक बड़ी रणनीतिक सफलता के रूप में देखा जा रहा है, जो शांति, सुरक्षा और विकास की नई दिशा प्रदान करेगा।

Chhattisgarh Aaj Tak

Related Articles