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कोंडागांवछत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेश

*सखी सेंटर की लापरवाही से फरार हुई नाबालिग, पिता ने हाथों में तख्ती लेकर हाईवे में बैठ जताया विरोध*

*छत्तीसगढ़ आजतक,कोण्डागांव, 26 जून 2025*

सखी वन स्टॉप सेंटर कोण्डागांव एक बार फिर विवादों में है। इस बार एक नाबालिग बालिका रात में शेल्टर से फरार हो गई, जिससे न सिर्फ प्रशासन की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हुए हैं बल्कि पीड़ित पिता द्वारा सड़क पर बैठकर खुलेआम विरोध भी किया गया।

पीड़ित पिता प्रेम प्रकाश उपाध्याय ने बताया कि, उसकी नाबालिग बेटी के गायब होने पर उसने कोण्डागांव थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। 25 जून की रात पुलिस बालिका को रायपुर से बरामद कर कोण्डागांव लाई, लेकिन रात अधिक होने से उसे सखी सेंटर में शेल्टर पर रोक दिया गया। पिता द्वारा रात में ही बेटी को घर ले जाने की मांग की गई, परंतु सखी केंद्र ने कहा कि बच्ची उनके संरक्षण में है और उसे सुबह ही सौंपा जाएगा। लेकिन अगली सुबह जब वह बेटी को लेने पहुँचे, तो उन्हें बताया गया कि लड़की सेंटर से भाग गई है। इसके बाद पिता ने नेशनल हाईवे 30 पर मुख्य चौक पर तख्ती लेकर विरोध जताया और शाम होते-होते सखी केंद्र के बाहर सड़क पर बैठकर अपनी बेटी की मांग करने लगे।

पूर्व में भी आरोप लगे है कि, सखी सेंटर की प्रशासक रात्रिकालीन ड्यूटी से अक्सर अनुपस्थित रहती हैं और कोण्डागांव में केंद्र में रुकने के बजाय बोरगांव स्थित अपने निवास चली जाती हैं, जिससे रात के समय देखरेख की व्यवस्था अस्त-व्यस्त रहती है। पूर्व में भी सखी केंद्र विवादों में रह चुका है, जब केंद्र प्रशासक पर एक लाख रुपये मांगने और एक नाबालिग को डरा-धमकाकर आरोपी के साथ भेजने का आरोप लगा था। इस मामले में कलेक्टर नुपूर राशि पन्ना द्वारा जांच के आदेश दिए गए थे, और जिला न्यायालय ने भी स्वतः संज्ञान लेकर जांच की अनुशंसा की थी।

प्रशासन की प्रतिक्रियाएं भी बनी विवादित

मामले में पूछे जाने पर जिला कार्यक्रम अधिकारी अवनी विश्वाल ने गैरजिम्मेदाराना बयान देते हुए कहा कि, सखी केंद्र का दायित्व सिर्फ संरक्षण का है, यहां आकर कोई खाए-पीए और रुके, यदि कोई दीवार कूदकर भाग जाए तो यह हमारी जिम्मेदारी नहीं है। जब उनसे संरक्षण की परिभाषा पूछी गई, तो वे गोलमोल उत्तर देने लगे और जवाब टालते दिखे।

वहीं एसडीएम अजय उरांव ने शाम को सखी केंद्र पहुंचकर निरीक्षण किया और कहा कि, मामले की शिकायत मिलने पर हम जांच के लिए पहुंचे हैं। यदि कोई कर्मचारी दोषी पाया गया तो उसके विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।

इस घटना ने प्रशासनिक लापरवाही, विशेषकर बालिकाओं की सुरक्षा को लेकर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। पीड़ित पिता अब भी अपनी बेटी की बरामदगी और सखी सेंटर पर कड़ी कार्रवाई की मांग पर अड़े हुए हैं।

 

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