राहुल गांधी भारतीय राजनीति का नायक है:- लालकृष्ण आडवाणी

हार की बौखलाहट में आपा खोते नरेंद्र मोदी
अब खुद पर ही हमलावर होने लगे. संघ और BJP में उनकी मानसिक दशा और मनोस्थिति को लेकर चर्चा ज़ोरों पर

छत्तीसगढ़ आजतक–प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस बार पूरे लोकसभा चुनाव अभियान में बहकी बहकी बातें करते नज़र आ रहे हैं, लेकिन हद तो तब हो गई जब प्रधानमंत्री ने अपने ही ख़ास मित्रों अड़ानी और अंबानी को कालेधन का अड्डा बता दिया।
वैसे तो यह बयान बताते हैं कि करारी हार की आहट से नरेंद्र मोदी को गहरा सदमा लगा है, लेकिन संघ और BJP दोनों में उनके स्वास्थ्य और मानसिक अवस्था को लेकर चिंता जताई जा रही है लोकसभा चुनाव की शुरुआत से ही प्रधानमंत्री के बयान राजनीतिक तौर से अपरिपक्व, बचकाने और ग़ैरज़िम्मेदाराना रहे हैं।
तीन चरणों के मतदान के बाद यह बात साफ़ हो चुकी है कि नरेंद्र मोदी लोकसभा चुनाव बुरी तरह से हार रहे हैं। और अब यह हार उनके हर भाषण में भी दिखने लगी है।
अब नरेंद्र मोदी ने अपने सबसे प्रिय अडानी और अंबानी पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाकर
कहा है कि ये लोग कालाधन बोरे में भर भर कर टेम्पो में लादकर बांटते हैं।
नरेंद्र मोदी ने स्वीकारा कि देश में कालाधन मौजूद है और जिन लोगों के पास कालाधन है वो उनके ही परम मित्र नहीं, बल्कि उनकी आँखों की पुतली, जिगर का टुकड़ा उनकी परछाई अडानी और अंबानी हैं
पर नरेंद्र मोदी की आगामी हार की भनक मीडिया और संस्थाओं में पहली ही पहुँच चुकी है.
इसीलिए जो जाँच एजेंसियाँ ज़रा सा इशारा पाते ही काम पर लग जाती थीं या जो मीडिया साहेब के चरणवंदन में लगा रहता है अब इतने बड़े खुलासे के बाद कुछ कर ही नहीं रहे हैं
और तो और BJP का IT सेल को तो मानो इस बयान के बाद साँप सूँघ गया हो. किसी एक BJP नेता ने मोदी के बयान का समर्थन नहीं किया है.
लेकिन मोदी जी,
एक बात का जवाब तो बनता है ?*
टेम्पो में रूपया बाँटने की बात आपको कैसे पता? क्या आपको पैसा ऐसे ही टेम्पो में भर कर पहुँचाया जाता है? मतलब एक्सपीरियंस है आपको इन टेम्पो का;
देश खुश है कि आख़िरकार, राहुल गांधी ने नरेंद्र मोदी को भ्रष्टाचार का खुलासा करने के लिए मजबूर कर ही दिया। अब देश चाहता है कि नरेंद्र मोदी जल्दी से ED, CBI, Income Tax को अपने मित्रों के घर भेजकर अपना फ़र्ज़ निभायें।*



