*छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिला अस्पताल में एक बार फिर मोतियाबिंद ऑपरेशन में गंभीर लापरवाही का मामला*

*छत्तीसगढ़ आजतक, बीजापुर 12 नवम्बर 2025*
छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिला अस्पताल में एक बार फिर मोतियाबिंद ऑपरेशन में गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। अस्पताल में हुए ऑपरेशन के कुछ दिनों बाद 9 मरीजों की आंखों की रोशनी कम हो गई। सभी मरीजों को तत्काल रायपुर के मेकाहारा अस्पताल रेफर किया गया, जहां उनका इलाज चल रहा है।
जानकारी के अनुसार, 8 मरीजों का ऑपरेशन 24 अक्टूबर को और एक मरीज का ऑपरेशन 8 नवंबर को किया गया था। ऑपरेशन के कुछ दिन बाद मरीजों की आंखों की रोशनी कम होने लगी, जिसके बाद वे दोबारा बीजापुर जिला अस्पताल पहुंचे। स्थिति की जानकारी प्रशासन को दी गई, जिसके बाद सभी को आनन-फानन में रायपुर भेजा गया।
जिन मरीजों की आंखों की रोशनी कम हुई है, उनमें बीजापुर के तरस निवासी अवलम डोंगा (56), टीमापुर की पुनम जिम्मे (62), मडियम मासे (67), तरस की अवलम कोवे (52), टीमापुर की अवलम पोज्जे (70), बुधनी डोढ़ी (60), पदम शन्ता (54), तिमिडी की पेद्डू लक्ष्मी (62) और तरस की अवलम सोमे (70) शामिल हैं।
मेकाहारा अस्पताल के अधीक्षक डॉ. संतोष सोनकर ने बताया कि मरीजों की आंखों में ऑपरेशन के बाद संक्रमण (इन्फेक्शन) हुआ है। हालांकि यह स्पष्ट नहीं है कि गलती डॉक्टरों की है या मरीजों की ओर से कोई लापरवाही हुई है। उन्होंने कहा कि संक्रमण फैलने के कई कारण हो सकते हैं और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
गौरतलब है कि इससे पहले भी दंतेवाड़ा जिले में एक साल पहले इसी तरह की घटना सामने आई थी, जिसमें मोतियाबिंद के गलत ऑपरेशन के कारण 10 आदिवासी बुजुर्गों की आंखों की रोशनी चली गई थी। उस मामले में संबंधित डॉक्टर और स्टाफ को निलंबित किया गया था।
यह नया मामला स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर फिर से सवाल खड़ा कर रहा है।



