WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.01 PM
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.01 PM (1)
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.02 PM
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.02 PM (1)
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.02 PM (2)
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.03 PM
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.03 PM (1)
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.04 PM

Breaking
*आरएसएस के बारे में धूल झोंकने में एक बार फिर नाकाम रहे भागवत**अण्डर ट्रायल रिव्यू कमेटी, मॉनिटरिंग सेल एवं नेशनल लोक अदालत के संबंध में कोण्डागांव जिले के अधिकारियों का बैठक हुआ सम्पन्न।**राहुल गांधी का संसद मार्ग थाने का घेराव,पेलेट गन से घायल युवक की एफआईआर नहीं होने से 6घंटे तक दिया धरना**वंदेमातरम् राष्ट्रगीत है, राष्ट्रीयता की कसौटी नही**लाल किले का भाषण और फासीवादी एजेंडा की खुलती परतें**साइबर क्राइम के विरुद्ध छत्तीसगढ़ पुलिस का “साइबर जागृति अभियान”**मंदिर के चढ़ावे से विपक्षी सांसदों तक डाकेजनी!**एन एच एम में बड़ी कार्रवाई: वित्तीय अनियमितता मामले में डीपीएम, डीएएम और डीटीसी की संविदा सेवा समाप्त**यूनिसेफ प्रतिनिधिमंडल ने शंकरपुर में सामुदायिक पहल कार्यों का किया अवलोकन**शाला प्रवेश उत्सव में विद्यार्थियों एवं ग्रामीणों ने ली नशा मुक्ति की शपथ*

कोंडागांवछत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेश

*ओबीसी महासभा ने आरक्षण को लेकर कलेक्टर को सौपा ज्ञापन*

WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.04 PM
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.03 PM (1)
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.03 PM
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.02 PM (2)

*छत्तीसगढ़ आजतक, जगदलपुर 21 जुलाई 2025*

जगदलपुर ओबीसी महासभा के बेनर तले आज विगत 32 वर्षों से लंबित 27% ओबीसी आरक्षण छत्तीसगढ़ में लागू किए जाने बाबत्। बस्तर कलेक्टर को ज्ञापन सौपा
उपरोक्त विषयांतर्गत निवेदन है कि देश की संधीय संवैधानिक व्यवस्था के अनुसार सामाजिक एवं शैक्षिक दृष्टि से पिछड़े हुए समुदाय को अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के रूप तीन वर्गों में वर्गीकृत किया गया है। सामाजिक एवं शैक्षणिक पिछड़ेपन के आधार पर अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति को समानता के अवसर उपलब्ध कराते हुए समुचित विकास एवं उत्थान की व्यवस्था किया गया है। तदानुसार केन्द्र सरकार द्वारा अनुसूचित जाति को 15% तथा अनुसूचित जनजाति को 7.50% एवं राज्य सरकार द्वारा अनुसूचित जाति को 12% एवं अनुसूचित जाति को 32% आरक्षण का प्रावधान लगभग आबादी के बराबर दिया गया है। जबकि केन्द्र सरकार ने मंडल कमीशन के अनुशंसा के अनुसार संविधान लागू होने के 44 साल बाद सुप्रीम कोर्ट के निर्णय के अनुसार अन्य पिछड़ा वर्ग को 27% आरक्षण दिया है। साथ ही राज्य की स्थिति के आधार पर अन्य पिछड़ा वर्ग को राज्य शासन के द्वारा आरक्षण सुनिश्चित करने का अधिकार दिया गया है, किंतु ओबीसी समुदाय को अविभाजित मध्यप्रदेश में मात्र 14% आरक्षण शिक्षा एवं रोजगार में दिया गया है, जो कि आज पर्यत छत्तीसगढ़ राज्य मे लागू है। बहुसंख्यक ओबीसी समुदाय को आबादी के अनुरूप हिस्सेदारी (आरक्षण) प्रदान नहीं करने के कारण प्रदेश के ओबीसी समुदाय का समुचित विकास एवं उत्थान में अपरिमित नुकसान हो रही है, जिसे ध्यान में रखते हुए छत्तीसगढ़ शासन द्वारा 2 दिसंबर 2022 को आरक्षण संशोधन विधेयक पारित कर महामहिम राज्यपाल के हस्ताक्षर हेतु प्रस्तुत किया गया था, जिसमें अनुसूचित जनजाति को 32% अनुसूचित जाति 13% अन्य पिछड़ा वर्ग को 27% एवं आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग को चार प्रतिशत आरक्षण दिए जाने का प्रावधान किया गया है।अतः महोदय से करबद्ध निवेदन है कि आरक्षण संशोधन विधेयक 2022 में हस्ताक्षर किए जाने हेतु आवश्यक पहल कर हमें अनुग्रहित करेंगें या 27% ओबीसी आरक्षण के लिए अध्यादेश पारित कर पुनः विधेयक पास कर लागू करेंगें ।

महोदय जी अवगत हो कि इस आशय का ज्ञापन ओबीसी महासभा द्वारा विगत वर्षों से लगातार छ.ग. के सभी जिलों में कलेक्टर / एसडीयम/तहसीलदार के माध्यम से दिया जा रहा है, लेकिन प्रशासन के द्वारा अब तक समुचित प्रयास नहीं किया गया है, जिससे ओबीसी समुदाय में रोष व्याप्त है। यदि हमारी मांगो पर सरकार आवश्यक पहल नहीं करती है तो ओबीसी महासभा चरणबद्ध अनंदोलन के लिये बध्य होगी, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी शासन प्रशासन की होगी ।

*सिटी ब्यूरो जगदलपुर जय प्रकाश सिंह*

Chhattisgarh Aaj Tak
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.01 PM
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.01 PM (1)
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.02 PM
WhatsApp Image 2026-08-11 at 5.04.02 PM (1)

Related Articles