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कोंडागांवक्राइमछत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेश

जल संसाधन विभाग संभाग कोंडागांव के कार्यपालन अभियंता के निवास पर एसीबी की बड़ी कार्यवाही

 ठेकेदार तुषार देवांगन की शिकायत पर की गई कार्यवाही,7 लाख मांगने का बताया गया मामला,50 हजार पहली किस्त के रूप में दी जा रही थी रिश्वत, प्लान के मुताबिक एसीबी टीम की कार्यवाही।

छत्तीसगढ़ आजतक, 17 मई 2024–कोंडागांव जल संसाधन विभाग में पदस्थ कार्यपालन अभियंता टीआर मेश्राम के सरकारी निवास में एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम ने आज दबिश देकर छापेमार कार्रवाई की है। कार्यपालन अभियंता पर ठेकेदार से रिश्वत लेने का आरोप है। ठेकेदार द्वारा की गई शिकायत के बाद ये कार्रवाई एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम से की है। अधिकारी पर एक्सटेंशन के काम को आगे बढ़ाने के लिए लगभग 7 लाख रुपए राशि मांगने का आरोप है अधिकारी से बातचीत को ठेकेदार ने टेप कर लिया और मामले की शिकायत की, अधिकारी को ठेकेदार द्वारा आज पहली किस्त के रूप में 50 हजार की राशि दी गई, उसी दौरान एसीबी टीम ने कार्रवाई की,अधिकारी के निवास पर दोपहर तक एंटी करप्शन ब्यूरो की टीम बंद कमरे में दस्तावेज खंगालती रही।

टी.आर.मेश्राम को गिरफ्तार कर लेजाती हुई,एसीबी की टीम

ज्ञात हो कि इनके पूर्व में भी इसी विभाग के प्रभारी कार्यपालन अभियंता आर.बी.सिंग,सहायक अभियन्ता चौरसिया व एक उपअभियंता को ए. सी.बी. की टीम ने रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया था जिन्हें 2 माह तक जेल की हवा खाना पड़ा था, जिनका मामला आज भी कोंडागांव न्यायालय में विचाराधीन है।जलसंसाधन विभाग संभाग कोंडागांव में वर्षो से भ्रष्टाचार का खेल खुलेआम चल रहा है,कई अधिकारियों को विभागीय स्तर पर सस्पेंड किया गया था,इसी कड़ी में टी.आर. मेश्राम को भी रिश्वत मामले में गिरफ्तार कर लिया गया है।एसीबी अधिकारियों के मुताबिक शाम तक स्थानी न्यायालय में पेश किया जाएगा।आखिरकार जलसंसाधन विभाग में बार-बार लगातार इस प्रकार के मामले सामने आने के पीछे, क्या कारण हो सकते है, क्या ऊपर से लेकर नीचे तक सभी अधिकारियों को लिफाफा पहुंचना पड़ता है?जिसके कारण अधिकारियों को दबाव में आकर भ्रस्टाचार करने में बल मिलता है। क्या इसमें नेताओं की मिलीभगत भी हो सकती है? क्या ज्यादा पैसा कमाने के लालच में कार्य मे एजेस्टमेंट के चलते अधिकारियों को कमीशन के अलावा अतिरिक्त पैसों की मांग करनी पड़ती है? सोचते रहिये।

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