नए सेटअप से शिक्षकों और विद्यार्थियों को भारी नुकसान, शिक्षकों को कड़ा ऐतराज, विरोध में भरी हुंकार।
मुख्यमंत्री शिक्षामंत्री शिक्षा सचिव डीपीआई के नाम कलेक्टर कोण्डागांव को सौंपा ज्ञापन
*छत्तीसगढ़ आजतक,कोंडागांव 17 अगस्त 2024*
ज्ञापन में शिक्षकों की उमड़ी भीड़ से विरोध के स्वर और अधिक होगा मजबूत, *लड़ाई जीत तक* की थीम पर होगा आन्दोलन आगाज।
छत्तीसगढ़ संयुक्त शिक्षक संघ के प्रांतीय आह्वान केदार जैन के निर्देशन में पूरे राज्य के 33 जिला कलेक्टर को विसंगति पूर्ण युक्तियुक्तकरण के विरोध में ज्ञापन कार्यक्रम रहा इसी कड़ी में कोंडागांव कलेक्टर को भी मुख्यमंत्री के नाम का ज्ञापन सौंपा गया ।
इस अव्यवहारिक एवं शिक्षक छात्रों एवं शाला के विभिन्न अमले जिसमें भृत्य, स्वीपर, रसोईया यहां तक मध्यान्ह भोजन बनाने वाले महिला समुह पर आने वाले संकट पर प्रतिक्रिया देते हुए प्रांतीय महासचिव यशवंत देवांगन,संभागीय अध्यक्ष शिवराज ठाकुर,जिलाध्यक्ष कौशल नेताम ,जिला उपाध्यक्ष श्रवण मरकाम,निर्मल पांडे ,रामदेव कौशिक ,रोशन हिरवानी,शोयब अली ने बताया कि संघ के आह्वान पर विसंगति पूर्ण युक्तियुक्तकरण का विरोध शांति पूर्ण तरीके से किया जा रहा है संघ संगठन से ऊपर उठकर अपने अधिकार की रक्षा के लिए अनेकों शिक्षकों ने उपस्थित होकर अपना विरोध दर्ज कराया है । वर्तमान में जारी युक्तियुक्तकरण प्रक्रिया में प्रदेश के हजारों शिक्षक प्रत्यक्ष व परोक्ष रूप से प्रभावित होने वाले हैं, अध्यापन कार्य की गुणवत्ता को परे रखकर व्यवसायिक सोच व कपट पूर्ण नीति के तहत युक्तियुक्त करण किया जा रहा है ।इसमें 2008 के सेटअप का खुला उल्लंघन है युक्तियुक्तकरण से वर्षों से कार्यरत सहायक शिक्षक व शिक्षक अतिशेष की श्रेणी में आ जाएंगे जबकि नई भर्ती के तहत आए शिक्षक अतिशेष की श्रेणी में नहीं आएंगे साथ ही प्राइमरी स्कूल को जहां की दर्ज संख्या 60 से कम हो वहां केवल दो टीचर हेड मास्टर सहित रह पाएंगे। हेड मास्टर को विभिन्न प्रकार के डाक और अन्य कार्यों में संलग्न रहना पड़ता है ऐसी स्थिति में एक शिक्षक कक्षा पहली से पांचवी तक कैसे पढ़ाएगा और क्या गुणवत्ता रहेगी?
यह अपने आप में प्रश्न चिन्ह है। अतिशेष की संख्या ऐसी स्थिति में इतनी अधिक होगी कि कम से कम आने वाले 10 वर्ष तक ना प्रमोशन होगा ना ही नियुक्ति। ऐसे में जो बेरोजगार साथी डीएड/बीएड करके बैठे हैं उनका शिक्षक बनने का सपना अधूरा रह जाएगा। स्कूल केवल मध्यान्ह भोजन का केंद्र ही रहेगा। अध्यापन कार्य पूरी तरह से ठप हो जाएगा। वहीं दूसरी तरफ ऑनलाइन अवकाश की जटिल प्रक्रिया में आकस्मिक अवकाश का शामिल किया जाना अव्यवहारिक है। उन्होंने कहा कि छ ग प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ सदैव शिक्षक हित में अपनी आवाज उठाने में अग्रणी रहा है। आज पूरे प्रदेश के हर जिले में युक्तियुक्तकरण, ऑनलाइन अवकाश के विरोध में संघ के बैनर तले 16 अगस्त को मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा गया है। छत्तीसगढ़ प्रदेश संयुक्त शिक्षक संघ की अपील पर समस्त संगठनों के शिक्षकों ने ज्ञापन कार्यक्रम में शामिल होकर अपना विरोध दर्ज कराया है।इस अवसर पर प्रमुख रूप से ब्लॉक अध्यक्ष अमित मण्डावी,शुभऊ नेताम,जयलाल पोयाम,मिट्ठू मांझी,सुकमन नेताम,शुएब अली, डमरू मरकाम , महेश पटेल,दिनेश टेकाम,विश्वनाथ,मानिक राम साहू,उर्मिला ध्रुव,भीष्मलता मरकाम,मायावती मरकाम,सिया पोयाम, दिव्या देवांगन, योगिता कोर्राम, लीला देवांगन, नवीन कुमार उईके,धानेन्द्र ठाकुर,भरत देवांगन बिसम्बर साहु भगत नाग,जय प्रकाश पोयाम, घड़वा राम शोरी,मंगलुराम शोरी, सोमीराम नेताम रमेश मरकाम हरिता देवांगन,हेमलता माला, वर्षा सेमसन,कपूर देवांगन,जयसिंह कोर्राम,,श्रीराम कश्यप,पटेल जी,रमाकांत गजेंद्र,छेदीलाल मरकाम,हेमकुमार,जितेंद्र ध्रुव,सुकमन मण्डावी,गजेंद्र नेताम,आसवन राम,देवसिंग ,राधेस्याम, प्रभुलाल,रामप्रसाद,मनोज,सालिक,असुलाल,रामेश्वर बघेल,शुभरन बघेल,सत्यनाराय ,नरेंद्र,चिन्टु राम,व्यासनारायन साहू, दया मरकाम,भुनेश्वर ध्रुव,गोपद नाग, आदि सैकड़ों शिक्षक साथी उपस्थित रहे।



