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कोंडागांवछत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेश

*कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान में पारंपरिक फूड फेस्टिवल का भव्य आयोजन*

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*छत्तीसगढ़ आजतक, जगदलपुर 1 जुलाई 2025*

जगदलपुर: कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान अंतर्गत तीरथगढ़ जलप्रपात परिसर में आज पारंपरिक फूड फेस्टिवल का रंगारंग आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम ने बस्तर की समृद्ध खानपान परंपरा, सांस्कृतिक विरासत और ग्रामीण आजीविका को एक मंच पर प्रस्तुत किया।

कार्यक्रम की शुरुआत बस्तर के परंपरागत धुर्वा नृत्य से हुई, जिसने दर्शकों को लोकसंस्कृति की जीवंत झलक दी। इसके पश्चात सभी अतिथियों और पर्यटकों को बस्तर क्षेत्र के पारंपरिक व्यंजन दोना-पत्तल में परोसे गए।

खाने में रागी की रोटी, आमट, कोलियारी भाजी, चरोटा भाजी, मंडिया पेज, कोदो का चावल तथा बस्तर में खाए जाने वाले अनेक प्रकार के स्वादिष्ट और पौष्टिक व्यंजन शामिल थे। ये सभी व्यंजन स्थानीय लघु वनोपज एवं पारंपरिक विधियों से तैयार किए गए थे, जो न केवल स्वास्थ्यवर्धक हैं, बल्कि पारिस्थितिकी के अनुकूल भी हैं।

इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में ग्राम पंचायत के सरपंच श्री मंगलूराम, सीसीएफ श्रीमती स्टायलो मांडवी तथा आयोजक कांगेर घाटी राष्ट्रीय उद्यान के निदेशक श्री नवीन कुमार उपस्थित रहे। उन्होंने इस आयोजन की सराहना करते हुए कहा कि यह प्रयास स्थानीय संस्कृति के संरक्षण और ग्रामीणों को रोजगार से जोड़ने की दिशा में एक प्रभावी कदम है।

कार्यक्रम का उद्देश्य पारंपरिक भोजन को बढ़ावा देना, वन आधारित सतत आजीविका को सशक्त करना, और स्थानीय समुदायों को पर्यटन और संरक्षण गतिविधियों से जोड़ना था। तीरथगढ़ घूमने आए पर्यटकों ने भी आयोजन में बढ़-चढ़ कर भाग लिया और स्थानीय व्यंजनों का आनंद लिया!

इस अवसर पर सीसीएफ वन्यजीव श्री स्टायलो मांडवी ने कहा किया हमारी संस्कृति है जो हमें प्रकृति से जोड़ती है इसे अपने जीवन में उतरने से हम स्वस्थ रह सकते हैं और विभिन्न बीमारियों से भी दूर रह सकते है साथ ही हमारे तीरथगढ़ के सरपंच श्री मंगलू राम जी ने इस आयोजन सराहा कहा कि यह आयोजन प्रति वर्ष हो तो हमारी संस्कृति बनी रहेगी और लोग इस पारंपरिक भोजन के विषय में जागरूक भी होंगे
इस सफल आयोजन के माध्यम से बस्तर की सांस्कृतिक और जैविक विविधता का उत्सव मनाया गया, जो आने वाले समय में ईको-पर्यटन और सामुदायिक विकास का प्रेरणास्रोत बन सकता है।

Chhattisgarh Aaj Tak
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