*कुछ काम करिए सरकार साहेब जी,सरकार काम करते हुए दिखनी चाहिए*

*छत्तीसगढ़ आजतक, रायपुर 23 अगस्त 2025*
रायपुर :सरकारी दल के प्रवक्ता कांग्रेस और पूर्ववर्ती सरकारों पर आरोप लगाते रहेंगे, यह राजनीति तो निरंतर चलती रहेगी…
*पटवारी की समस्याएं और समाधान*
प्रदेश भर के पटवारी हड़ताल पर है, उनकी मांगें भी जायज है, सरकार जब तक उन्हें कंप्यूटर व कंप्यूटर ऑपरेटर और उसका खर्च उपलब्ध नहीं करायेगी, तो वे काम कैसे करेंगे। कब तक गांधीजी के सेवा शुल्क जनता से वसूल कर सेवा देते रहेंगे। फिर उनके ऊपर आप ही भ्रष्टाचार की कार्यवाही करते हैं। लेकिन सरकार इस पर चिंतन मनन और मंथन क्यों नहीं करती है कि जब तंत्र ने कुछ उपलब्ध ही नहीं कराया है तो वह काम कैसे करेंगे…
*जनता में आक्रोश*
जनसाधारण का काम पटवारी कार्यालय में हो नहीं रहे हैं, दबाव बना हुआ है, हड़ताल पर होने के कारण हजारों लोग पटवारी कार्यालय से वापस लौट रहे हैं, जब जनता का आक्रोश ज्यादा बढ़ गया, तो छत्तीसगढ़ राजस्व विभाग ने जिला के कलेक्टर को निर्देश दिया कि वह पटवारी को नोटिस जारी कर 3 दिन में जवाब मांगे, अब कलेक्टर क्या जवाब मांगेंगे, उनकी जो मांग है सरकार जानती है, पटवारी की मांगो पर सरकार क्या निर्णय करने जा रही है….
*संसाधनों की व्यवस्था*
क्या उन्हें कंप्यूटर व कंप्यूटर ऑपरेटर और उस पर होने वाला खर्च, सरकार उन्हें उपलब्ध करा रही है ऐसा आदेश राजस्व विभाग नया रायपुर मंत्रालय से जारी होना चाहिए और फंड जारी होना चाहिए….
छत्तीसगढ़ सरकार के मंत्री और छत्तीसगढ़ भाजपा के प्रवक्ता इस पर एक शब्द नहीं बोलेंगे इस पर मौन रहेंगे….
*तहसीलदार भी हड़ताल पर थे*
पिछले कुछ महीने प्रदेश के नायब तहसीलदार और तहसीलदार हड़ताल पर थे उनकी मांग थी कि उन्हें कार्यालय और कंप्यूटर दे दिए गये, लेकिन एक भी चपरासी और कंप्यूटर ऑपरेटर नहीं दिया गया, वे भी निजी व्यक्तियों के माध्यम से जनता को सेवा उपलब्ध करा रहे हैं। सिर्फ बोल बच्चन से काम नहीं चलेगा जनता सब देख रही है और प्रताड़ित हो रही है…
*वोटों की फसल काट लिये, अब…*
वोटो की फसल तो आपने काट ली, सरकार अपने बना लिया, मुफ्त की योजनाओं की घोषणा की आप आधी अधूरी पूर्ति भी कर रहे हैं और उसमें हजारों करोड़ रूपया प्रति महीने खर्च भी हो रहे हैं। लेकिन शासकीय कार्यालयों में जो शासकीय कार्य जनता का होना चाहिए वह सुचारू रूप से कैसे हो, उन्हें वह सब आवश्यक सामग्री और मैनपावर उपलब्ध कराई जाए जिससे वह जनता का कार्य किया जा सके…
*जांच एजेंसी बेवजह ही…*
सिर्फ पटवारी और नायब तहसीलदार, तहसीलदार को निलंबित करने से काम नहीं चलेगा और हां….ईओडब्ल्यू एसीबी को भी प्रेक्टिकल होना चाहिए, जब पटवारी के पास नायब तहसीलदार और तहसीलदारों के पास कोई शासन द्वारा सुविधा ही उपलब्ध नहीं है तो जनता की सेवा के लिए भी गांधीजी जो खर्च लगता है वह जनता से लेकर जनता का ही काम कर रहे हैं और आप उन्हें प्रताड़ित कर रहे हैं आपके ही भाई हैं, विचार जरूर कीजिएगा ईओडब्ल्यू एसीबी जी।
*मंत्रियों मे समन्वय हो*
छत्तीसगढ़ के राजस्व मंत्री और वित्त मंत्री को साथ में बैठना चाहिए और पटवारी एवं तहसीलदार कार्यालय में एक वर्ष में कितना खर्च आएगा जिससे जनता का कार्य सुचारू रूप से हो सके उसे पर अंतिम निर्णय लेकर वित्त विभाग को फंड रिलीज करना चाहिए।
*नोटिस बाजी बंद हो*
प्रदेश का व्यस्ततम और मूल राजस्व विभाग को सिर्फ नोटिस जारी कर अपनी जिम्मेदारियों का इतिश्री करने की अपेक्षा सरकार को विभाग के कार्यों के सरलीकरण हेतु ठोस निर्णय लेना चाहिए।



