* इलाज में देरी बनी मौत की वजह, पोर्टाकेबिन आश्रम की छात्रा ने तोड़ा दम*

*पोटाकेबिन छात्रा की मौत मामले में कांग्रेस ने गठित की 7 सदस्यीय जांच समिति*
*छत्तीसगढ़ आजतक, बीजापुर 16 दिसम्बर 2025*
बीजापुर। बीजापुर जिले के आवापल्ली स्थित पोर्टाकेबिन आश्रम में अध्ययनरत छठवीं कक्षा की छात्रा की इलाज के दौरान मौत हो गई। मृतक छात्रा की पहचान 12 वर्षीय मनीषा सेमला, निवासी ग्राम गुंडम, के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधियों में भारी आक्रोश है। परिजनों ने हॉस्टल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की जांच और दोषियों पर कार्रवाई की मांग की है।
जानकारी के अनुसार, मनीषा की तबीयत अचानक बिगड़ने पर उसे पहले आवापल्ली अस्पताल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर उसे बीजापुर जिला अस्पताल रेफर किया गया था, लेकिन समय पर जिला अस्पताल नहीं पहुंचाए जाने के कारण उसकी स्थिति और बिगड़ गई। जिला अस्पताल पहुंचने के कुछ देर बाद ही छात्रा ने दम तोड़ दिया।
मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बी.आर. पुजारी ने बताया कि जब छात्रा को अस्पताल लाया गया, तब उसके चेहरे पर सूजन थी, हीमोग्लोबिन स्तर मात्र 4 ग्राम था और उसे सांस लेने में गंभीर परेशानी हो रही थी। ऑक्सीजन सैचुरेशन भी काफी कम था। उन्होंने बताया कि यदि छात्रा को समय पर जिला अस्पताल लाया जाता तो उसे रक्त चढ़ाकर उसकी जान बचाई जा सकती थी।
जिला मिशन समन्वयक कमलदास झाड़ी ने बताया कि सांस लेने में दिक्कत होने पर छात्रा को अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
घटना के बाद तर्रेम जनपद सदस्य मनोज अवलम सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने हॉस्टल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि समय पर इलाज और उचित देखरेख न मिलने के कारण छात्रा की जान चली गई। परिजनों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है।
[16/12, 4:30 pm] Raj Bijapur: बीजापुर: *पोटाकेबिन छात्रा की मौत मामले में कांग्रेस ने गठित की 7 सदस्यीय जांच समिति*
बीजापुर जिले के आवापल्ली स्थित पोटाकेबिन (छात्रावास) में अध्ययनरत छात्रा मनीषा सेमला की मौत के मामले में प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने सख्त रुख अपनाया है। मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करने के लिए कांग्रेस द्वारा 7 सदस्यीय जांच दल का गठन किया गया है।
इस जांच समिति की जिम्मेदारी कमलेश कारम, पूर्व उपाध्यक्ष जिला पंचायत को संयोजक के रूप में सौंपी गई है। समिति छात्रा की मौत के कारणों, इलाज में संभावित लापरवाही और प्रशासनिक स्तर पर हुई चूक की विस्तृत जांच करेगी।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि इस घटना ने पोटाकेबिन आश्रम व्यवस्था और शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उनका आरोप है कि पोटाकेबिन में पहले भी अव्यवस्थाओं की शिकायतें सामने आती रही हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों द्वारा समय रहते कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
जांच दल में शामिल सदस्य:
जांच समिति में संयोजक कमलेश कारम (पूर्व उपाध्यक्ष, जिला पंचायत) के साथ सोनू पोर्टाम (अध्यक्ष, जनपद पंचायत बीजापुर), मनोज अवलम (सदस्य, जनपद पंचायत), अनिता तेलम (सदस्य, जनपद पंचायत), सरस्वती वारम (सदस्य, जनपद पंचायत), रत्ता सोढ़ी (वरिष्ठ कांग्रेस नेत्री) एवं राजेश वारम (वरिष्ठ कांग्रेसी) शामिल हैं।
कांग्रेस नेताओं ने यह भी कहा कि यदि छात्रा को समय पर समुचित चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जाती, तो उसकी जान बचाई जा सकती थी।



