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कोंडागांवछत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेश

*जयपाल सिंह मुंडा व भारत की प्रथम शिक्षका माता सावित्रीबाई फुले जी की194 वीं जयंती मानया बाबा साहेब सेवा संस्था ने किया याद*

*छत्तीसगढ़ आजतक, कोंडागांव,4 जनवरी 2025*

कोंडागांव अंबेडकर चौक कोर्ट के सामने बाबा साहेब सेवा संस्था कार्यालय में संध्या जयपाल सिंह मुंडा व माता सावित्रीबाई फुले जी की194वां जयंती मनाई माता सावित्रीबाई फुले की छायाचित्र दीप प्रजोलित कर माल्यार्पण कर उनकी किए गए अनेक कार्य को किया याद इस अवसर पर संस्था के संरक्षक पंचू सागर जी नेशनल अवार्ड, प्रमोद भारती, अध्यक्ष मुकेश मारकंडेय, रमेश पोयाम,ओमप्रकाश नाग, देवानंद चौरे, नरसिंह देव मांडवी, वरैन्या रुद्रा मांडवी, सूर्य मंडावी, मुकेश नरेटी, देवेन्द्र कुमार देहारी, सिद्धार्थ महाजन, हितेन श्रीवास, बाबा साहेब सेवा संस्था के पदाधिकारी उपस्थित रहे है। बाबा साहेब सेवा संस्था समाज में जन्मे बहुजन नायकों को बीच-बीच में मूल निवासियों समाज को जगाने का काम करती है।

*इतिहास महापुरुषकी*

3 जनवरी को भारत की प्रथम महिला शिक्षिका और समाज सुधारक, माता सावित्रीबाई फुले की जयंती मनाई जाती है। उन्होंने भारत में महिला शिक्षा को बढ़ावा देने और समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने में अहम भूमिका निभाई।

* महिला शिक्षा की अग्रदूत:

सावित्रीबाई फुले ने भारत में बालिकाओं के लिए पहला स्कूल खोला और महिलाओं को शिक्षित करने का बीड़ा उठाया।*समाज सुधारक: उन्होंने छुआछूत, बाल विवाह और महिलाओं के खिलाफ होने वाले अत्याचारों के खिलाफ आवाज उठाई।*समाज सेवा: उन्होंने प्लेग महामारी के दौरान लोगों की सेवा की और अनाथ बच्चों की देखभाल की।माता सावित्रीबाई फुले की जयंती का महत्व:*महिला सशक्तिकरण: यह दिन महिलाओं को शिक्षित करने और उन्हें सशक्त बनाने के महत्व को याद दिलाता है।*सामाजिक समानता: यह दिन समाज में समानता लाने और सभी के लिए समान अधिकारों की लड़ाई को आगे बढ़ाने के लिए प्रेरित करता है। *समाज सेवा: यह दिन दूसरों की सेवा करने और समाज के कमजोर वर्गों की मदद करने के लिए प्रेरित करता है।आप माता सावित्रीबाई फुले की जयंती कैसे मना सकते हैं:
* शिक्षा के प्रचार: महिलाओं की शिक्षा के महत्व के बारे में जागरूकता फैलाएं।*

समाज सेवा: किसी सामाजिक संगठन में स्वयंसेवा करें या जरूरतमंद लोगों की मदद करें।

*कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाएं:

समाज में व्याप्त कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाएं और बदलाव लाने के लिए काम करें। *सावित्रीबाई फुले के जीवन और कार्यों के बारे में जानें: उनके जीवन और कार्यों के बारे में पढ़ें और दूसरों को भी उनके बारे में बताएं।माता सावित्रीबाई फुले एक प्रेरणास्रोत हैं और उनकी विरासत हमें हमेशा प्रेरित करती रहेगी।क्या आप माता सावित्रीबाई फुले के बारे में और जानना चाहते हैं।
*इतिहास*
जयपाल सिंह मुंडा,एक मुंडा आदिवासी थे जिनका जन्म 3 जनवरी, 1903 को तत्कालीन बंगाल के रांची ज़िले के खूंटी उपखंड के पाहन टोली गांव में हुआ था.बचपन में वे मवेशी चराते थे.जयपाल सिंह मुंडा के बारे में कुछ खास बातेंः।आप लोग आदिवासियों को लोकतंत्र नहीं सीखा सकते, बल्कि समानता और सह अस्तित्व उनसे ही सीखना होगा।वे ओलंपिक हॉकी टीम के कप्तान थे.।उन्होंने आदिवासी हितों के लिए कई काम किए।उन्होंने 1938 में आदिवासी महासभा की स्थापना की थी.उन्होंने 1950 में झारखंड पार्टी का गठन किया था।ऑक्सफ़ोर्ड के सेंट जॉन्स कॉलेज में पढ़ने गए थे.।वे प्रमोद पाहन के नाम से भी जाने जाते थे.।आदिवासी महासभा का गठन संथाल परगना और छोटानागपुर क्षेत्र के लिए एक अलग प्रांत बनाने के मकसद से किया गया था. जयपाल सिंह मुंडा का नेतृत्व इस उद्देश्य के लिए अहम साबित हुआ।

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