श्रमजीवी पत्रकारों द्वारा कोण्डागांव जिले में श्रमजीवी पत्रकारों पर हुए हमले के मामले में कार्यवाही की मांग को लेकर उद्योग मंत्री एवं जिला प्रभारी मंत्री लखनलाल देवांगन को ज्ञापन सौंपा और प्रभारी मंत्री ने भी मामले को गम्भीरतापुर्वक संज्ञान में लेकर कहा कि देखिए बहुत बड़ा मामला है, मीडिया देश का चौथा स्तंभ है, मीडिया सरकार की आवाज को, बातों को जनता तक पहुंचाती है, जनता की आवाज को सरकार तक पहुंचाती है, कहीं पर कुछ गड़बड़ी होता है, उसको भी षासन-प्रशासन तक पहुंचाती है और इस तरह से अगर कोई रेत दलाल के द्वारा गुंडागर्दी करते हैं, मारपीट करते हैं, तो निश्चित तौर पर सरकार, उनके ऊपर कार्यवाही करेगी। अभी आप लोगों ने मुझे, आवेदन दिया है और मैं अभी एसपी साहब को निर्देशित करके जाऊंगा, कि इस पर तत्काल कार्रवाई हो।
ज्ञात हो कि कोण्डागांव जिले में प्रेस प्रतिनिधियों/श्रमजीवी पत्रकारों पर 10 जून को रेत माफिया के द्वारा भड़काए हुए लोगों ने हमला कर दिया था, उक्त घटना को लेकर आक्रोशित श्रमजीवी पत्रकारों ने कलेक्टर कोण्डागांव को लिखित आवेदन पत्र देकर रेत के अवैध खनन एवं परिवहन करने, प्रेस प्रतिनिधियों पर हमला कराने वाले और हमला करने वालों पर कार्यवाही करने की मांग करने के साथ ही जल्द कार्यवाही नहीं करने पर धरना-प्रदर्षन करने का लेख किया था। कार्यवाही नहीं होने पर 17 जून को पुनः कलेक्टर कोण्डागांव एवं एस.पी.कोण्डागांव लिखित आवेदन देने के साथ ही प्रेस वार्ता लेने पहुंचे उद्योग मंत्री एवं प्रभारी मंत्री लखनलाल देवांगन को भी ज्ञापन दिया और उद्योग मंत्री एवं प्रभारी मंत्री लखनलाल देवांगन ने भी मामले को गम्भरतापुर्वक लेकर कार्यवाही करने हेतु एसपी को निर्देषित करने की बात कही।
वहीं श्रमजीवी पत्रकारों ने भी मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग करते हुए कहा है कि यदि प्रशासन और सरकार ने जल्द से जल्द कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो जिले के श्रमजीवी पत्रकार आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी षासन-प्रषासन की होगी।