Breaking
*महंगाई, बेरोजगारी एवं डीज़ल-पेट्रोल की कीमतों पर नियंत्रण करने सहित कमी दूर करने सीपीआई ने 6 मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा**एक प्रवक्ता के ‘आखेट’ में झलकती डॉ.आंबेडकर के विचारों से घृणा!**बस्तर में सड़कों और पुलों के काम में आएगी तेजी, लोक निर्माण विभाग के सचिव ने अधिकारियों व ठेकेदारों की ली बैठक**सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत की ‘परजीवी’ और ‘कॉकरोच’ वाली टिप्पणी पर मनोज झा की खुली चिट्ठी**जिला कोंडागाँव में नवीन जिला एवं सत्र न्यायालय भवन के निर्माण से बेहतर कार्य-वातावरण निर्मित होगा एवं न्यायिक प्रक्रिया में तेजी के साथ उच्च गुणवत्तायुक्त न्याय सुविधापूर्वक सुलभ हो सकेगा–माननीय श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा मुख्य न्यायाधीश छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय, बिलासपुर**मुख्य न्यायाधिपति छत्तीसगढ़ उच्च न्यायालय बिलासपुर श्री न्यायमूर्ति रमेश सिन्हा, द्वारा प्रधान जिला एवं सत्र न्यायालय भवन,कोण्डागांव का भूमि पूजन एवं शिलान्यास**शिक्षा में गुणात्मक सुधार एवं बोर्ड परीक्षा में बेहतर परिणाम हेतु टीचर्स एसोसिएशन ने शासन को दिया ज्ञापन**जिला न्यायालय परिसर कोण्डागांव में आयोजित नेशनल लोक अदालत**कोंडागांव में बनेगा मल्टी यूटिलिटी सेंटर**अण्डर ट्रायल रिव्यू कमेटी, मॉनिटरिंग सेल,नेशनल लोक अदालत एवं हिट एंड रन के संबंध में जिले के अधिकारियों के साथ बैठक हुआ सम्पन्न*

कोंडागांवछत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेशराजनीति

*एनएमडीसी अब अस्पताल नहीं बनायेगी*

*छत्तीसगढ़ आजतक,जगदलपुर 21 नवंबर 2024*

केन्द्र व राज्य शासन की सहायता से जगदलपुर में निर्मित सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल के संचालन व रखरखाव का जिम्मा किसी विश्वस्तरीय चिकित्सकीय संस्थान को देने एवं एनएमडीसी का अपना अलग सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल बनाने को लेकर भाजपा नेता एवं पूर्व विधायक संतोष बाफना ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय एवं स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल को पत्र लिखा है।
*नक्सली हिंसा में घायल जवान ?*
गौरतलब है कि, जगदलपुर के समीप डिमरापाल में केन्द्र व राज्य सरकार की सहायता से बनकर तैयार सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, जिससे बस्तर में नक्सल मोर्चे पर तैनात घायल जवानों को बचाने एवं यहॉ की जनता को दिल, मस्तिष्क और किडनी, लिवर के साथ प्लास्टिक सर्जरी जैसी तमाम सुविधाएं विश्वस्तरीय विशेषज्ञ चिकित्सकों व अत्याधुनिक मशीनों के माध्यम से दी जानी है।
*पूर्व विधायक की चिंता*
दरअसल, पूर्व विधायक बाफना का मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री को इस विषय पर पत्र लिखने की वजह अभी हाल ही में चित्रकोट में हुई बस्तर विकास प्राधिकरण की बैठक है, जिसमें सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का संचालन मेडिकल कॉलेज या एनएमडीसी के माध्यम से किये जाने की बातें सामने निकलकर आई थी। इसके पश्चात् ही बस्तर के मौजूदा स्वास्थ्यगत् ढांचे व चिकित्सकीय सुविधाओं की जमीनी स्थिति पर पूर्व विधायक संतोष बाफना ने चिंता जाहिर की और अपने प्रेषित पत्र में कहा कि, जगदलपुर में मेडिकल कॉलेज की सुविधा तो उपलब्ध है, किन्तु जिले के सबसे बड़े अस्पताल में आज पर्यन्त विशेषज्ञ चिकित्सक उपलब्ध नहीं हैं, तो वहीं चिकित्सकीय उपकरण जैसे सीटी स्कैन, अल्ट्रासाउण्ड, एक्स-रे, सोनोग्राफी, डायलिसिस मशीनें या तो खराब हो जाती है या फिर उनका मेंटनेंस नहीं हो पा रहा हैं और न ही जिले के एकमात्र मेडिकल कॉलेज में एमआरआई की सुविधा मरीजों को मिल पा रही है। यही कारण है कि बस्तर के मौजूदा अस्पताल में सभी रोगों के लिए समुचित चिकित्सक और रोगों के ईलाज के लिए समुचित उपकरणों की व्यवस्था नहीं होने से यहॉ के लोगों को राज्य से बाहर विशाखापट्टनम, हैदराबाद, बैंगलोर, दिल्ली, मुम्बई जैसे बड़े शहरों में जाना पड़ता है। एवं ऐसे में मेडिकल कॉलेज जो स्वयं चिकित्सकों व अन्य स्टाफ की कमी से जूझ रहा हो, उसके ही सहारे नवनिर्मित सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल को भी संचालित करना किसी भी दृष्टि से उचित नहीं होगा।
*एनएमडीसी क्यों नहीं ? : बाफना*
एनएमडीसी जगदलपुर के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल का संचालन करना चाहती है, तो इस बात से कतई गुरेज नहीं है। किन्तु एनएमडीसी ने नगरनार में इस्पात संयंत्र की स्थापना से पूर्व, क्षेत्र की जनता से स्वास्थ्य सुविधाओं को लेकर जो वायदा किया था और जिस उद्देश्य को लेकर लगभग 22 एकड़़ जमीन ग्राम कोपागुड़ा में 15 वर्ष पूर्व बस्तरवासियों ने दी है, उस जमीन पर अस्पताल बनाकर अपने वायदे को भी पूरा करने की बात बाफना ने कही है।
*आंदोलन, पदयात्रा, चेतावनी के बाद केवल आश्वासन और फिर… ढाक के तीन पात*
बता दें कि, एनएमडीसी के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के लिए बाफना ने आंदोलन का रास्ता अख्तियार कर लिया था और क्षेत्र की जनता एवं भाजपा कार्यकर्ताओं संग 26 दिसम्बर 2022 को जन आक्रोश पदयात्रा भी निकाली थी और एनएमडीसी प्रबंधन को कई बार चेतावनी भी दी, लेकिन हर बार की तरह बस्तर के लोगों को एनएमडीसी से आश्वासन के अलावा कुछ नहीं मिला है।

पूर्व विधायक सुभाऊ राम कश्यप, बैदूराम कश्यप,
किरण देव, दिनेश कश्यप
जिला अध्यक्ष रूप सिंह मंडावी, महामंत्री जिला
रामाश्रय सिंह, वेद प्रकाश पाण्डेय, संजय पाण्डेय, योगेंद्र पाण्डेय श्रीधर ओझा
जिला पंचायत अध्य उपाध
श्रीमती वेदवती कश्यप
मनीराम कश्यप मंडल अध्या नगरनार सुब्रतो विश्वास, सतीश सेठिया, दरभा अध्यक्ष, फुल सिंह सेठिया, युवा मोर्चा अध्य अविनाश श्रीवास्तव, महिला मोर्चा अध्यक्ष श्रीमती सुधा मिश्रा, श्रीनिवास राव मद्दी आदि प्रमुख रूप से उपस्तित थे।
*सबकुछ स्पेशल हो और स्पेशिलिस्ट ही हों…*
पूर्व विधायक संतोष बाफना ने मुख्यमंत्री व स्वास्थ्य मंत्री से आग्रह कर कहा है कि, बस्तर की जनता को सिर्फ अस्पताल के ढांचे की नहीं है बल्कि मौजूदा अस्पताल में न्यूरोलॉजिस्ट, कार्डियोलॉजिस्ट, नेफ्रोलॉजिस्ट, प्लास्टिक सर्जन, रेडियोलॉजिस्ट विशेषज्ञ चिकित्सक, अत्याधुनिक चिकित्सकीय उपकरण व उनको संचालित करने वाले टैक्निशियनों की आवश्यकता है और इसकी पूर्ति तभी संभव होगी, जब जगदलपुर के इस सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल को सरकार अपने नियंत्रण में रखकर, किसी विश्व स्तरीय चिकित्सकीय संस्थान उदाहरणस्वरूप अपोलो, फोर्टिस, मैक्स, वॉकहार्ट, नारायण हेल्थ, एशियन इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस, हिंदूजा, किम्स आइकॉन, एस्टर डीएम हेल्थ केयर के जैसे विश्वस्तरीय चिकित्सा संस्थान के माध्यम से संचालित करे एवं आयुष्मान भारत, मुख्यमंत्री स्वास्थ्य बीमा, केन्द्रीय स्वास्थ्य बीमा जैसी तमाम सरकारी योजनाओं के माध्यम से इस अस्पताल में मरीजों को निःशुल्क ईलाज मिले व मरीज पर होने वाले सभी खर्च सरकार, वहन करें एवं
*एमएनडीसी वायदा पूरा करे*
एनएमडीसी द्वारा बस्तर की जनता से जो वायदा किया था उस वायदे के अनुसार नगरनार इस्पात संयंत्र ने अलग सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल परियोजना की स्वीकृति एवं निर्माण कार्य प्रारंभ करने की कार्यवाही की जाए, इसके लिए राज्य सरकार अपने स्तर पर एनएमडीसी पर उचित दबाव बनाने का प्रयास करे, ताकि बस्तर की परिक्षेत्रीय सुविधाओं में विस्तार हो।
*स्वर्गीय की जनलाभकारी घोषणा स्वर्गीय हुआ*
*बोर्ड भी बना और बाउन्ड्री वाल भी बना*
केंद्रीय इस्पात खान मंत्री रहे स्व. रामविलास पासवान ने घोषणा की थी कि राज्य सरकार अगर जमीन उपलब्ध करा देगी तो भारत सरकार का उपक्रम एनएमडीसी वहां उच्च क्वालिटी का हॉस्पिटल का निर्माण करेगी और पूरा उसका संचालन करेगी पासवान की मांग पर भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री रहे डॉ रमन सिंह ने 2010 में 21.50 एकड़ जमीन अस्पताल के लिए दे दी, जिस पर एनएमडीसी ने बोर्ड भी लगा रखा है और उसकी बाउंड्री वॉल भी बना रखी है।

फिर….

कौन सी अदृश्य शक्ति के निर्देश पर बस्तर विकास प्राधिकरण के 18 नवंबर की बैठक में इस अस्पताल को नहीं बनाने का निर्णय लिया और रायपुर मेडिकल कॉलेज को एनएमडीसी द्वारा संचालन किया जाएगा, यह निर्णय लिया गया….!
विकास ?
*विरोध*
इसका विरोध हो रहा है और भाजपा के ही जगदलपुर के पूर्व विधायक संतोष बाफना ने मुख्यमंत्री को पत्र प्रेषित किया है, जनता की भावनाओं के अनुरुप बस्तर विकास प्राधिकरण के लिए एजेंडे पर छत्तीसगढ़ सरकार को पुनर्विचार करना चाहिए….

Chhattisgarh Aaj Tak

Related Articles