*छत्तीसगढ़ के हसदेव जंगलो की बेतहाशा कटाई व आदिवासियों का विरोध*
*आदिवासियों के विरोध का सरकार ने किया दमन,चलाई लाठियां*
*छत्तीसगढ़ आजतक,कोंडागांव 20 अक्टूबर 2024*
…. छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग का हसदेव जंगल जिसकी बेरहमी से कटाई की जा रही है….?
करो डों सैकड़ो वर्ष पूर्व के पेड़ आधुनिक मशीन से काटा जा चुका है और यह प्रक्रिया आज भी जारी है….?
यह कीमती जंगल राजस्थान में आम नागरिकों को बिजली उपलब्ध कराने के लिए राजस्थान पावर कारपोरेशन को दिया गया केंद्र सरकार के द्वारा और राजस्थान पावर कारपोरेशन ने यहां पर कोयला खनन का काम अदानी की कंपनी को दिया गया है….?
जब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी भाजपा ने इसका विरोध किया था कि जंगल कतई नहीं होनी चाहिए….?
आज प्रदेश में भाजपा की सरकार है और कांग्रेस इसका विरोध होकर रहा है की जंगल कतई नहीं होना चाहिए….?
हजारों आदिवासी जंगल की कटाई ना हो इसके लिए संघर्ष कर रहे हैं और पुलिस का अत्याचार शह रहे हैं….?
जबरदस्त राजनीति है कांग्रेस और भाजपा की….?
लेकिन छत्तीसगढ़ का सरगुजा संभाग का कीमती जंगल तो कट ही रहा है…?
देश के लोकप्रिय प्रधानमंत्री आदरणीय नरेंद्र मोदी जी ने स्लोगन दिया है….. एक पेड़ मां के नाम….. लेकिन सैकड़ो वर्ष पूर्व यहां के आदिवासियों ने इस जंगल को तैयार करने में और इसकी रखरखाव करने में अपना पूरा जीवन निकाल दिया आज आदिवासियों की यह पीढ़ी इसे बचाने में लगी है लेकिन उद्योगपति इसे काटने में….?

अब पता नहीं 2028 के विधानसभा चुनाव में जो छत्तीसगढ़ का होगा और 2029 का लोकसभा चुनाव जिसमें छत्तीसगढ़ में 11 सीट है उसमें किसका-किसका पत्ता कटेगा कौन-कौन सी पार्टी चपेट में आएगी इसकी भी स्क्रिप्ट लिखी जा रही है….?



