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कोंडागांवछत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेशशिक्षा

कोण्डागांव में असाक्षरों को साक्षर बनाने चलायी जाएगी मुहिम

राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार प्रौढ़ शिक्षा अब ‘सभी के लिए शिक्षा’ के नाम से जाना जाएगा। जिसके अंतर्गत ‘पढ़िए कहीं भी कभी भी’

उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत कोण्डागांव जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा सभी विकासखंड में चलाई जाएगी मुहिम।

कोण्डागांव, 08 मार्च 2024--उल्लास नवभारत साक्षरता कार्यक्रम के तहत कोण्डागांव जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण द्वारा सभी विकासखंड शिक्षा अधिकारियों को असाक्षरों एवं स्वयंसेवी शिक्षकों के पंजीयन की संपूर्ण प्रक्रिया की जानकारी के लिए आवश्यक बैठक आयोजित की गई। जिला परियोजना अधिकारी वेणु गोपाल राव द्वारा इस बैठक में भारत सरकार द्वारा निर्मित उल्लास एप के माध्यम से ऑनलाइन और ऑफलाइन के माध्यम से असाक्षर, स्वयंसेवी शिक्षक, सर्वेयर के पंजीयन एवं सर्वे कार्य की विस्तृत प्रक्रिया की जानकारी दी गई। जिसके माध्यम से उल्लास केंद्र की स्थापना कर तथा इस केंद्र को असाक्षरों को सिखाने एवं परीक्षा केंद्र के रूप में उपयोग किया जाना है साथ ही साक्षरता कार्यक्रम के उद्देश्यों की प्राप्ति हेतु मिशन मोड में कार्य करने तथा शत प्रतिशत साक्षरता का लक्ष्य को प्राप्त करने हेतु आवश्यक दिशा निर्देश इस बैठक में दिए गए।

रिसोर्स पर्सन अजय नाग ने बताया कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुसार प्रौढ़ शिक्षा अब ‘सभी के लिए शिक्षा’ के नाम से जाना जाएगा। जिसके अंतर्गत ‘पढ़िए कहीं भी कभी भी’ की थीम पर कार्य किया जाना है। इस कार्यक्रम में महिलाओं को प्राथमिकता दी जानी है। जिलों में 15 दिन के भीतर उल्लास मोबाइल एप पर शिक्षार्थियों एवं स्वयंसेवी शिक्षकों का सर्वे किया जाना है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की अनुशंसानुसार नवभारत साक्षरता कार्यक्रम को भारत सरकार द्वारा स्वीकृति प्रदान की गई है।

इस कार्यक्रम को उल्लास (अंडरस्टैंडिंग ऑफ लाईफलांग लर्निंग फ़ॉर आल इन सोसायटी) के नाम से संचालित किए जाने का निर्णय शासन द्वारा लिया गया है। इस कार्यक्रम के पाँच प्रमुख घटक हैं। जिसमें बुनियादी साक्षरता एवं संख्या ज्ञान, जीवन कौशल (वित्तीय, डिजिटल, कानूनी, मतदान साक्षरता इत्यादि), व्यावसायिक कौशल विकास, बुनियादी शिक्षा (समतुल्यता कार्यक्रम) और सतत् शिक्षा।

यह कार्यक्रम 15 वर्ष से अधिक आयु समूह के लोगों के लिए है। यह कार्यक्रम 2027 तक संचालित किया जाना है। जिला साक्षरता मिशन प्राधिकरण की कार्यकारिणी के पदेन अध्यक्ष कलेक्टर होंगे। उल्लास केन्द्र के लिए स्कूल भवन का उपयोग किया जाएगा। जिसके लिये 11 एवं 12 मार्च 2024 को जिले के सभी विकासखंड में बैठक आयोजित करने निर्देश दिए गए है। इस बैठक में ग्राम प्रभारी संकुल समन्वयक और सर्वे करने वाले स्वंसेवक को बुलाया गया है। जिसमें राज्य स्तर से प्रक्षिशित मास्टर ट्रेनर्स द्वारा उल्लास मोबाइल एप पर शिक्षार्थियों एवं स्वयंसेवी शिक्षकों का सर्वे, वातावरण निर्माण का प्रशिक्षण दिया जाएगा।

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