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छत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेश

सफलता की कहानी* *आयुष्मान से रूपा को मिली नई जिन्दगी*

हृदय रोग से जब ईलाज हुआ दुशवार तब आयुष्मान से मिली उपचार की राह*

*सफलता की कहानी*
*आयुष्मान से रूपा को मिली नई जिन्दगी*
*हृदय रोग से जब ईलाज हुआ दुशवार तब आयुष्मान से मिली उपचार की राह*

*कोंडागांव–08 जनवरी 2024/* कहते हैं कि बीमारियां किसी को बताकर नहीं आती और जब आती हैं तो परिवार को शारीरिक के साथ आर्थिक रूप से भी बहुत सारी समस्याओं का सामना करना पड़ता है। इसमें न सिर्फ बीमार व्यक्ति अपितु पूरा परिवार ही समयस्याओं का सामना करता है। ऐसी परिस्थितियों में लोगों की सहायता के लिए केन्द्र सरकार द्वारा आयुष्मान भारत योजना के तहत लोगों को स्वास्थ उपचार हेतु सहायता उपलब्ध करायी जा रही है। ताकि मुश्किल समय में लोगों को सहायता प्राप्त हो सके। ऐसे ही रूपा कोर्राम एवं उसके पिता बोंगाराम कोर्राम के मुश्किल समय मंे आयुष्मान भारत योजना आशा की एक किरण बनकर आयी।
कोण्डागांव जिला मुख्यालय में स्थित जामपदर निवासी कृषक बोंगाराम कोर्राम द्वारा अपने सीमित आर्थिक आय के बावजूद अपनी बेटी रूपा कोर्राम को रायपुर स्थित नर्सिंग कॉलेज में उच्च शिक्षा हेतु भेजा गया था। जहां उनकी बेटी की तबियत अचानक खराब रहने लगी। इस संबंध में रूपा बताती है कि वे कॉलेज में अक्सर पढ़ते-पढ़ते थक जाया करतीं थीं। धीरे धीरे उनका चलना भी मुश्किल हो गया था। एक बार सीढ़ी चढ़ते हुए अचानक चक्कर आने पर गिर जाने से कई चोटें लगीं और पिता को कॉलेज के शिक्षकों द्वारा इसकी जानकारी दी गयी। पिता बोंगा राम बताते हैं कि बेटी के कॉलेज से जानकारी मिलने पर जब वे कॉलेज गये तो बेटी की हालत नाजुक थी। शिक्षकों की सलाह पर जब रायपुर स्थित बड़े अस्पताल में जांच करायी तो डॉक्टरों द्वारा रूपा को हृदय रोग होने एवं जल्द ऑपरेशन की आवश्यकता बतायी। इस ऑपरेशन में होने वाले खर्च के बारे में सोच-सोच कर हमें चिंता हुआ करती थी। ऐसे में आयुष्मान कार्ड द्वारा ईलाज के संबंध जानकारी मिलने पर हमने डॉक्टरों से चर्चा की। तब डॉक्टरों द्वारा आयुष्मान द्वारा उपचार की राह बताते हुए ऑपरेशन करने की तैयारी की गयी। ऑपरेशन कर डॉक्टरों ने जब आपरेशन के सफल होने की बात कही तब जाकर हमें राहत मिली।
अब रूपा पूरी तरह स्वस्थ हैं और अपनी पढ़ाई स्थानीय कॉलेज में कर रही है। पिता बोंगाराम द्वारा आयुष्मान कार्ड द्वारा ईलाज के लिए सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा कि अचानक आयी विपदा में जब कोई भी रास्ता दिखायी नहीं दे रहा था और ईलाज दुशवार हो गया था, ऐसे में आयुष्मान से ईलाज की नई राह और नई उम्मीद हमें प्राप्त हुई। इसके लिए हम शासन के आभारी हैं।

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