*वन विभाग पर अवैध कटाई का आरोप, विधायक विक्रम मंडावी ने दी आंदोलन की चेतावनी*

*छत्तीसगढ़ आजतक,बीजापुर 21 दिसंबर 2025*
बीजापुर विधायक विक्रम मंडावी ने जिला वन अधिकारी (DFO) रंगनाथ रामकृष्ण वाय पर दादागिरी और मनमानी का गंभीर आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों को नहीं माना गया, तो वे ग्रामीणों के साथ सड़क पर उतरकर आंदोलन करेंगे। यह पूरा मामला वन विभाग द्वारा की जा रही पेड़ कटाई से जुड़ा हुआ है।
ग्रामीणों में भारी आक्रोश
पेदाकोटपाल और कावड़गांव क्षेत्र में वन विभाग की ओर से पेड़ों की कटाई को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है। ग्रामीणों का आरोप है कि वन विभाग सूखे और खराब पेड़ों की आड़ लेकर मनमाने ढंग से हरे-भरे और उपयोगी पेड़ों की कटाई कर रहा है।
महुआ-तेंदू जैसे महत्वपूर्ण वृक्षों की कटाई
ग्रामीणों का कहना है कि आदिवासी जीवन से जुड़े महुआ, तेंदू और टोरा जैसे महत्वपूर्ण वन उपज वृक्षों के साथ-साथ सागौन और बीजा जैसे बहुमूल्य इमारती लकड़ी के पेड़ों को भी अंधाधुंध काटा जा रहा है। महुआ और तेंदू आदिवासियों की पारंपरिक आजीविका का मुख्य आधार हैं, ऐसे में इनकी कटाई उनके जीवन पर सीधा प्रहार है।
विरोध की अनदेखी का आरोप
ग्रामीण लगातार विरोध दर्ज करा रहे हैं, लेकिन उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज किया जा रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग के अधिकारियों पर मनमानी और दबंगई का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि यह कटाई जिला वन अधिकारी रंगनाथ रामकृष्ण वाय के संरक्षण में हो रही है, जिसमें न तो ग्राम सभाओं की सहमति ली गई और न ही स्थानीय लोगों को विश्वास में लिया गया।
विधायक विक्रम मंडावी ग्रामीणों के समर्थन में
इस मुद्दे पर स्थानीय विधायक विक्रम मंडावी ग्रामीणों के समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने DFO को तत्काल हटाने और पेड़ कटाई पर रोक लगाने की मांग की है। विधायक ने कहा कि आदिवासी क्षेत्रों में विकास के नाम पर उनकी आजीविका और अधिकारों की अनदेखी किसी भी हाल में स्वीकार्य नहीं है।
उन्होंने जोर देते हुए कहा कि वन संरक्षण का मतलब केवल जंगल बचाना नहीं, बल्कि जंगल पर निर्भर लोगों की सुरक्षा और आजीविका की रक्षा करना भी है।
निष्पक्ष जांच और कटाई पर रोक की मांग
विधायक ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जांच पूरी होने तक पेड़ कटाई पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की है। वहीं ग्रामीणों ने भी साफ कर दिया है कि वे अपने जंगल और आजीविका की रक्षा के लिए हर स्तर पर संघर्ष करेंगे और मांगें पूरी न होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा।



