*भैरमगढ़ नगर पंचायत क्षेत्र में एक बार फिर ग्रामीणों का गुस्सा फूटा।*

मूलभूत सुविधाओं के अभाव को लेकर हजारों की संख्या में ग्रामीण सड़कों पर उतर आए और “जन आक्रोश रैली” निकालकर जमकर प्रदर्शन किया।
यह आंदोलन भैरम बाबा संघर्ष समिति के नेतृत्व में किया गया।
*छत्तीसगढ़ आजतक, भैरमगढ़/बीजापुर 3 नवम्बर 2025*
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि वर्ष 2009-10 में ग्राम पंचायत को नगर पंचायत में बदलने के बाद से विकास कार्य ठप पड़ गए हैं। उनका कहना है कि पिछले 10 वार्डों में न तो सरकारी योजनाओं का लाभ मिल पा रहा है और न ही पानी, सड़क, बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएँ उपलब्ध हो रही हैं।
रैली भैरमगढ़ के पुराने बाजार शेड से शुरू होकर एनएच-63 मार्ग होते हुए अनुविभागीय अधिकारी के कार्यालय पहुँची। ग्रामीणों ने हाथों में बैनर और तख्तियाँ लेकर नारे लगाए तथा नगर पंचायत को भंग कर पुनः ग्राम पंचायत बनाए जाने की मांग की।
भैरम बाबा संघर्ष समिति के अध्यक्ष इतवारी मांझी ने बताया कि नगर पंचायत बनने के बाद ग्रामीणों को किसी भी योजना का सीधा लाभ नहीं मिला है। इसलिए 14 वार्डों में से 10 वार्डों को फिर से ग्राम पंचायत में बदले जाने की मांग की जा रही है।
रैली और धरना समाप्त होने के बाद ग्रामीणों ने अनुविभागीय अधिकारी विकास सर्वे को महामहिम राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। एसडीएम ने ज्ञापन प्राप्त कर इसे उच्च अधिकारियों तक भेजने का आश्वासन दिया।
इस आंदोलन को सर्व आदिवासी समाज ने भी पूर्ण समर्थन दिया। समाज ब्लॉक इकाई अध्यक्ष सीताराम मांझी ने कहा कि पहले भी बिना ग्राम सभा की बैठक के नगर पंचायत बनाई गई थी, जो पंचमी अनुसूची क्षेत्र के नियमों के विरुद्ध है।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि शीघ्र ही उनकी मांगों पर निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को और अधिक तेज किया जाएगा।



