*उड़ीसा से छत्तीसगढ़ में अवैध धान तस्करी – सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत से राज्य को भारी नुकसान*

*छत्तीसगढ़ आजतक, जगदलपुर 12 नवम्बर 2025*
(सीमा क्षेत्र से विशेष रिपोर्ट)
उड़ीसा के पदमगिरी और चक्काबुका क्षेत्र से अवैध रूप से धान की तस्करी कर सीमा पुसपाल होते हुए छत्तीसगढ़ लाया जा रहा है। यह पूरा खेल राज्य की सीमा पर रात के अंधेरे में संचालित किया जा रहा है, जिसमें स्थानीय व्यापारी, परिवहन वाहन चालक और सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत है।
रात के समय, लगभग 2 बजे से 3 बजे के बीच, उड़ीसा से मालवाहक वाहनों में धान लाया जाता है और छत्तीसगढ़ की सीमा में प्रवेश कराया जाता है। यह तस्करी पूरी तरह अवैध है, क्योंकि इस धान की खरीदी सरकारी नियमों के विरुद्ध की जा रही है।और यह तस्करी देखते हुए हमने सबूत के तौर पर वीडियो भी बनाया है जिसमें स्पष्ट दिखाई पड़ता है कि किस तरह से धान की अवैध तस्करी हो रही है ।
सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस तस्करी में छत्तीसगढ़ के आदिवासी किसानों का शोषण किया जा रहा है। कई व्यापारी उनके नाम और जमीन के पट्टों का इस्तेमाल कर रहे हैं, जबकि असली किसानों को उसका कोई लाभ नहीं मिल रहा। इससे जहां एक ओर छत्तीसगढ़ सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हो रहा है, वहीं दूसरी ओर स्थानीय किसानों का हक भी छीना जा रहा है।
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह पूरा नेटवर्क काफी समय से सक्रिय है और इसमें सरकारी अधिकारियों का अप्रत्यक्ष सहयोग भी शामिल बताया जा रहा है। अगर इस पर जल्द सख्त कार्रवाई नहीं की गई, तो राज्य की आर्थिक हानि और बढ़ सकती है।
*सिटी ब्यूरो जगदलपुर जय प्रकाश सिंह ( मुनमुन सिंह)*



