*बस्तर संभाग के खनिज सम्पदा का दोहन स्थानीय सहकारी समिति गठित कर किए जाने सीपीआई जिला परिशद् कोण्डागांव ने सौंपा ज्ञापन*

*छत्तीसगढ़ आजतक, कोंडागांव 15 सितम्बर 2025*
कोण्डागांव 15 सितम्बर । बस्तर संभाग के खनिज सम्पदा का दोहन स्थानीय सहकारी समिति गठित कर किये जाने विशयक महामहिम राश्ट्रपति, प्रधान मंत्री, महाहिम राज्यपाल एवं मुख्य मंत्री छ.ग.षासन को सम्बोधित द्वारा कलेक्टर कोण्डागांव एक ज्ञापन जिसमें आदिवासी बाहुल्य बस्तर संभाग में खनिज सम्पदा व जल जंगल जमीन को लेकर सीपीआई जिला परिशद् कोण्डागांव षासन के समक्ष 1 बस्तर संभाग में ग्राम सभाओं को खनन गतिविधियों की मंजुरी देने या अस्वीकार करने का पूर्ण अधिकार प्रदान करें, जिससे बस्तर के स्थानीय समुदाय के सभी जाति वर्ग के लोग खनन परियोजनाओं पर अपनी सहमति या असहमति स्वतंत्रतापूर्वक दे सकें। 2 बस्तर संभाग के खदानों को सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों को लीज पर लेकर उत्खनन कार्य कराया जाए तथा खदानों को लीज पर देने से पूर्व ग्राम सभाओं की अनुमति आवष्यक बनाई जाए। 3 बस्तर संभाग में निजी क्षेत्र व बहुराश्ट्रीय कम्पनियों को खदानें लीज पर प्रदाय किए जाने की व्यवस्था पर पूर्ण रुप से प्रतिबंध लगाया जाए और निजी व बहुराश्ट्रीय कम्पनियों के साथ किए गए एमओयू को तत्काल रद्द किए जाने। 4 बस्तर संभाग के स्थानीय लागों की सहकारी समिति बनाकर राज्य खनिज निगम की देख-रेख में उत्खन्न कार्य किया जावे। 5 बस्तर संभाग के खनिज खदानों के सर्वेक्षण के नाम पर ग्रामीणों को प्रताड़ित किया जाना तत्काल बंद किया जाए। 6 बस्तर संभाग में संचालित सार्वजनिक क्षेत्र की संस्था एन.एम.डी.सी.द्वारा स्थापित नगरनार स्टील प्लान्ट व अन्य खान-खदानों तथा उद्योगों का केन्द्र एवं राज्य षासन द्वारा निजीकरण का जो प्रयास किया जा रहा है, उस पर तत्काल रोक लगाई जाए। सार्वजनिक क्षेत्र के खदानों व उद्योगों में निजी ठेकेदारों को पेटी ठेका देना तत्काल बंद किया जाए। सम्बन्धी 6 सूत्रीय मांगों का उल्लेख करके कलेक्टर कार्यालय कोण्डागांव के आवक जावक में दिया गया है। यह ज्ञापन राज्य परिशद् सदस्य तिलक पाण्डे के निर्देष पर जिले के षैलेष, जयप्रकाष, दिनेष, सोमारु, रामचंद आदि कम्युनिश्ट ने 15 सितम्बर को सौंपा।
ज्ञापन सौंपने वाले कम्युनिश्ट ने बताया कि बस्तर संभाग के खनिज सम्पदा का स्थानीय स्तर पर सहकारी समिति गठन करके समितियों के माध्यम से दोहन किये जाने हेतु ज्ञापन प्रस्तुत करके लेख किया गया है कि इस ज्ञापन पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करके उपरोक्त मांगों की मंजुरी से हमें सूचित कराएं अन्यथा इस न्याय पूर्ण मांग को लेकर उग्र आन्दोलन षुरु करने के लिए भारतीय कम्युनिश्ट पार्टी जिला परिशद् कोण्डागांव को बाघ्य होना पड़ेगा जिसकी सम्पूर्ण जिम्मेदारी षासन-प्रषासन की होगी।
ज्ञात हो कि बस्तर संभाग जो अपनी समृद्ध खनिज सम्पदा के लिए जाना जाता है, स्थानीय समुदायों को खनिज संसाधनों पर उनके अधिकार सुनिष्चित करने के लिए 1994 में तात्कालीन सांसद दिलीप सिंह भुरिया की अध्यक्षता में केन्द्र षासन द्वारा भुरिया समिति गठित किया गया था। जिसका मुख्य उद्देष्य बस्तर संभाग में खनिज संसाधनों व जल जंगल जमीन पर स्थानीय समुदायों के नियंत्रण को मजबुत करना था। केन्द्र षासन द्वारा गठित भुरिया समिति ने रिपोर्ट तैयार कर अपनी सिफारिषें तैयार कर केन्द्र सरकार को सौंप दिया, लेकिन केन्द्र सरकार द्वारा उक्त सिफारिषों को लागु करना तो दूर उसकी जानकारी तक स्थानीय समुदायों को प्रदान नहीं किया गया है। वर्तमान समय में बस्तर संभाग के खनिज सम्पदा पर पूंजीपति घरानों की कुदृश्टि पड़ चुकी है, जिससे बस्तर संभाग का जल जंगल जमीन व पर्यावरण को काफी नुकसान पंहुचने की पूर्ण संभावना है तथा बस्तर संभाग के संस्कृति व विभिन्न जाति समुदायों जो सदियों से आपसी तालमेल व भाईचारे के साथ निवासरत हैं, के आपसी भाई चारे को काफी नुकसान हो सकता है। भारतीय कम्युनिष्ट पार्टी इन मुद्दों को लेकर निरन्तर संघर्शरत है।



