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कोंडागांवछत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेश

*प्रभारी सचिव डॉ. कमलप्रीत सिंह ने ली बाढ़ आपदा प्रबंधन की बैठक..*

*छत्तीसगढ़ आजतक, जगदलपुर 31 अगस्त 2025*

सचिव डॉ कमलप्रीत सिंह ने कहा कि बाढ़ से प्रभावित परिवारों का सर्वेक्षण एवं क्षति का आंकलन शीघ्र पूरा किया जाए और प्रभावितों को तत्काल आर्थिक सहायता राशि प्रदान की जाए।प्रशासन की प्राथमिकता है कि कोई भी प्रभावित परिवार राहत और सहायता से वंचित न रहे। बस्तर जिले के प्रभारी सचिव डॉ कमलप्रीत सिंह ने शनिवार को जिला कार्यालय के प्रेरणा सभाकक्ष में आयोजित समीक्षा बैठक में अधिकारियों को निर्देश दिए । बैठक में उन्होंने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत एवं पुनर्वास कार्यों की जानकारी ली और संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। डॉ. सिंह ने कहा कि पूर्णत: मकान क्षति के प्रकरणों में आर बी सी 6-4 के तहत त्वरित कार्यवाही करते हुए आगामी दो दिनों में आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। प्रभावितों को बॉस बल्ली का वितरण करें ताकि मकान बनाने के लिए सहयोग हो। इसके अलावा फसल हानि का सर्वे करने के निर्देश दिए । राहत शिविरों में भोजन की व्यवस्था लगातार करें और उचित मूल्य की दुकानों में राशन की अतिरिक्त आबंटन कर उपलब्धता सुनिश्चित किया जाए। साथ ही स्वच्छ पेयजल की व्यवस्था और मेडिकल कैंप स्थापित कर लोगों को आवश्यक उपचार एवं दवाइयाँ उपलब्ध करवाई जाए। इसके अलावा बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में उल्टी दस्त और स्वच्छता संबंधी बीमारियों की संभावना बनी रहती है इस हेतु कार्य योजना बनाकर एक माह तक स्वास्थ्य शिविर आयोजित किया जाए। उन्होंने क्षतिग्रस्त सड़कों और पुल पुलिया का समीक्षा करते हुए कहा कि सभी जिला मुख्यालय को जोड़ने वाले राष्ट्रीय राजमार्ग के सड़क से बारह मासी आवागमन सुचारू रहे, विशेषकर सुकमा,दंतेवाड़ा-बीजापुर जिलों से होकर गुज़रने वाले सड़क हमेशा कनेक्ट रहना चाहिए। बाढ़ से प्रभावित सड़को के कटे हुए हिस्से को तत्काल दुरुस्त करवाएं, साथ ही बहाव क्षेत्र के सड़कों का स्थाई समाधान किया जाए। साथ ही निर्माण कार्य के साथ प्रोटेक्शन वर्क को भी जोड़कर प्रस्ताव तैयार करें। बाधित विद्युत व्यवस्था वाले गाँव में भी रिस्टालेशन की प्रक्रिया को जल्द पूरा करें,पीएचई विभाग को पेयजल आपूर्ति बनाए रखने तथा जल शुद्धिकरण करने के निर्देश दिए। सचिव डॉ सिंह ने कहा कि बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों का चिन्हांकन कर रखें ताकि भविष्य की तैयारी कर रखें।अर्ली मॉनिटरिंग की व्यवस्था को सक्रिय किया जाए ताकि बारिश से पहले प्रभावित इलाक़ों के सरपंच- ग्राम सचिव के माध्यम से ग्रामीणों को सचेत किया जाए और सुरक्षित इलाकों में पहुंचाया जा सके। इस अवसर पर कमिश्नर डोमन सिंह ने कहा कि हमे बाढ़ प्रभावितों के लिए संवेदनशील होकर राहत और आरबीसी 6-4 के प्रकरण तैयार कर कार्य करने की ज़रूरत है। सभी प्रभावित अनुभागों द्वारा इस कार्य को प्राथमिकता से किया जाए और भी अधिकारी फील्ड में लगातार निगरानी रखकर समस्याओं का तत्काल निराकरण सुनिश्चित करें। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक शलभ सिन्हा,जिला पंचायत सीईओ एवं प्रभारी कलेक्टर प्रतीक जैन,वन मंडलाधिकारी उत्तम गुप्ता,लोक निर्माण विभाग के मुख्य अभियंता जी आर रावटे,अपर कलेक्टर सीपी बघेल, ऋषिकेश तिवारी,आयुक्त नगर निगम प्रवीण वर्मा सहित अन्य जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित थे।

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