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कोंडागांवछत्तीसगढ़ / मध्यप्रदेश

*”शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में प्रशासनिक लापरवाही के कारण हजारों छात्रों का भविष्य संकट में”:- NSUI*

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*छत्तीसगढ़ आजतक, जगदलपुर,17 जून 2025*

जगदलपुर:-एनएसयूआई ने मंगलवार को प्रेस विजप्ति जारी करते हुए कहा कि प्रदेश के सभी महाविद्यालयों एवं विश्वविद्यालय अध्ययनशालाओं में नई शिक्षा नीति 2020 को सत्र 2024-2025 से लागू किया गया। किंतु शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय में इसके क्रियान्वयन में भारी लापरवाही बरती गई, जिससे हजारों छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने समय पर छात्रों को आवश्यक जानकारी प्रदान नहीं की, जिससे वे अपने शैक्षणिक निर्णय लेने में असमर्थ रहे।
विश्वविद्यालय द्वारा नवंबर 2024 के बाद नई शिक्षा नीति के जागरूकता कार्यक्रम आयोजित नहीं किए गए, जबकि शासन द्वारा स्पष्ट निर्देश था कि इस विषय पर कार्यशालाओं एवं मार्गदर्शन सत्रों का आयोजन किया जाए।
अकैडमिक अनियमितताओं के कारण छात्रों को हुए नुकसान

1. रिजल्ट विवाद – प्रथम सेमेस्टर के परिणामों में “पास” और “फेल” अंकित किया गया, जिससे छात्रों में भ्रम की स्थिति बनी और लगभग 1500 से 2000 छात्रों ने द्वितीय सेमेस्टर में पंजीकरण नहीं कराया।

2. पुस्तकालय संसाधन की कमी – आवश्यक पाठ्य पुस्तकों की खरीद में देरी हुई, जिससे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़ा वर्ग के हजारों छात्र प्रभावित हुए।

3. फर्जी प्रायोगिक कार्य – स्नातक एवं स्नातकोत्तर प्रयोगात्मक कक्षाओं के बिना फर्जी प्रायोगिक रिकॉर्ड तैयार करवाए गए।

4. SEC (स्किल एन्हांसमेंट कोर्स) की अनदेखी 

परीक्षा शुरू होने के मात्र 7-10 दिन पूर्व ही छात्रों ने SEC विषय का चयन किया, जिससे उनकी तैयारी पर गंभीर असर पड़ा एवं विश्वविद्यालय के NSUI मांग करती है कि दोषी अधिकारियों पर कड़ी कार्यवाही हो शहीद महेंद्र कर्मा विश्वविद्यालय के प्रशासन की अकैडमिक लापरवाही एवं छात्रहित विरोधी रवैये के कारण बस्तर क्षेत्र के अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं अन्य पिछड़ा वर्ग के छात्रों को गंभीर शैक्षणिक हानि हुई है। अतः हम मांग करते हैं कि विश्वविद्यालय के कुलसचिव एवं अन्य जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ तत्काल कड़ी कार्यवाही की जाए, ताकि छात्रों को न्याय मिल सके एवं भविष्य में इस प्रकार की अकैडमिक पंगुता दोबारा ना हो।

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